Goa Nightclub Fire: Supreme Court से याचिका खारिज होने के बाद 3 मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर
गोवा के नाइटक्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ अग्निकांड के मामले में जमानत रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाएं उच्चतम न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के दो सप्ताह बाद तीन मुख्य आरोपियों ने सोमवार को गोवा की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। शीर्ष अदालत के निर्देश के बाद नाइटक्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा तथा उनके कारोबारी साझेदार अजय गुप्ता ने मापुसा की अपर जिला एवं सत्र अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में छह दिसंबर 2025 को लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
आरोपियों की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता सौम्या ड्रागो ने पुष्टि की कि अदालत ने उनके मुवक्किलों का आत्मसमर्पण स्वीकार कर लिया और आवश्यक हिरासत संबंधी आदेश जारी किए। मुंबई उच्च न्यायालय ने आरोपियों की जमानत रद्द कर उन्हें दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। इसके विरोध में आरोपियों ने अपील की थीं।
उच्चतम न्यायालय ने आरोपियों की याचिकाओं को 31 अगस्त को खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत ने अधीनस्थ अदालत को मामले की सुनवाई में तेजी लाने का भी निर्देश दिया था। ड्रागो ने संवाददाताओं से कहा कि उनके मुवक्किलों के चिकित्सा संबंधी दस्तावेजों और चिकित्सकों की सलाह के आधार पर अदालत में एक आवेदन दायर कर कुछ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि अदालत ने दवाओं और गद्दे से संबंधित अनुरोध स्वीकार कर लिए, लेकिन विशेष जूतों की मांग पर कोई फैसला नहीं किया और इस संबंध में जांच अधिकारी से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अदालत अगले कार्य दिवस पर इस अनुरोध पर विचार कर सकती है।
मुंबई उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता और कानूनी कार्यवाही की आवश्यकता का हवाला देते हुए तीनों आरोपियों को दी गई जमानत 18 अगस्त को रद्द कर दी थी। इसके बाद तीनों ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
मामले में दाखिल आरोपपत्र के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, मानव जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य, आग और ज्वलनशील पदार्थों के संबंध में लापरवाही बरतने, धोखाधड़ी एवं जालसाजी, जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करने तथा आपराधिक साजिश से संबंधित भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपपत्र में दावा किया गया है कि आरोपियों के “गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों” के परिणामस्वरूप हुए हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई।
PM Narendra Modi के जन्मदिन पर 'आशीर्वाद का दीया' जलाएं: BJP अध्यक्ष Nitin Nabin
(फाइल फोटो के साथ जारी) नयी दिल्ली, 14 सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को लोगों से अपील की कि वे 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं और उनके लंबे एवं स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करें। भाजपा ने मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की घोषणा की है जिसके तहत जनभागीदारी, कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने और युवाओं की भागीदारी पर केंद्रित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाएगी और इस अवसर पर देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम एवं रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना है।
नवीन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि ‘‘जनसेवा से देशसेवा’’ प्रधानमंत्री मोदी के जीवन का मूल ध्येय रहा है और उनके नेतृत्व में भारत ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शाम छह बजे से सात बजे के बीच अपने-अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की। नवीन ने कहा, ‘‘मैं ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाऊंगा तथा अपने देशवासियों से भी अपील करता हूं कि आप भी ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं और हमारे प्रधानमंत्री की दीर्घायु एवं उनकी निरंतर सफलता के लिए प्रार्थना करें।’’ उन्होंने कहा कि देश का नेतृत्व संभालने के बाद मोदी ने ‘‘बेहद कठिन परिस्थितियों’’ का सामना किया और नयी नीतियां बनाईं, नए कार्यक्रम शुरू किए तथा कई ऐसी योजनाएं लागू कीं, जिनसे आम लोगों के जीवन में बदलाव आया।
नवीन ने कोविड महामारी के दौरान मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों में यह विश्वास पैदा किया कि देश आगे बढ़ सकता है और ‘‘चुनौतियों को अवसरों में बदल सकता है।’’ उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान भारत के टीकाकरण अभियान ने दुनिया को यह संदेश दिया कि देश ‘‘आत्मनिर्भर भारत’’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नवीन ने युवाओं और महिलाओं के लिए शुरू की गई पहलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि स्टार्टअप से जुड़ी पहलों के माध्यम से देश के युवाओं को ‘‘आत्मनिर्भर’’ और ‘‘आर्थिक रूप से स्वतंत्र’’ बनाने के प्रयास किए गए तथा स्वच्छता, शौचालय संबंधी योजनाओं और ‘लखपति दीदी’ पहल के जरिये महिलाओं की गरिमा सुनिश्चित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री के सफल नेतृत्व में इस देश की महिलाओं को उनके अधिकार मिलेंगे और वे इसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती रहेंगी।’’ नवीन ने देश से नक्सलवाद को ‘‘जड़ से उखाड़ने’’ का श्रेय भी मोदी को देते हुए कहा कि इसकी जड़ें 200 से अधिक जिलों तक फैल गई थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘आज 2026 में जब हम यहां खड़े हैं तो भारत नक्सलवाद से मुक्त हो गया है।’’ नवीन ने आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा कि देश लंबे समय तक ‘‘आतंकवाद के साये’’ और ‘‘भय के माहौल’’ में रहा लेकिन प्रधानमंत्री ने इस खतरे का ‘‘कड़ा जवाब’’ दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं और जो भी हमें बुरी नजर से देखता है, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है।’’ नवीन ने कहा कि इन बदलावों से आम लोगों में आत्मविश्वास बढ़ा है और देश की विकास यात्रा के प्रति उनका भरोसा मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का लक्ष्य देश को विकास के मार्ग पर ले जाना रहा है और लोगों ने इस लक्ष्य पर अपना विश्वास जताया है।’’ नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ का जो सामूहिक संकल्प दिया है, उसे देश को मिलकर पूरा करना होगा।
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