Trump का ऐलान: वेनेजुएला से सीधे अमेरिका पहुंचेंगे 50 मिलियन बैरल तेल, जानिए इसके पीछे की सियासी वजह
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अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर कांग्रेस की आपत्ति:शिमला में MLA राठौर बोले-PM पर टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण, केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया नहीं आने पर अफसोस
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रवक्ता एवं ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने शिमला में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर आपत्ति जताई। राठौर ने कहा- ट्रंप बार बार बयान देकर भारत का अपमान कर रहे हैं। मगर पीएम मोदी और केंद्र सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया न आना गंभीर सवाल खड़े करता है। राठौर ने कहा- ट्रंप का रवैया पीएम मोदी को लेकर मित्रता वाला नहीं। वह, अपमानजनक और दबाव बनाने वाला रहा है। एक ओर ट्रंप ने सार्वजनिक मंच पर यह कहा कि 'मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं', वहीं दूसरी ओर रूस से भारत द्वारा कच्चा तेल खरीदने के मुद्दे पर उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी जानते थे कि ट्रंप इस फैसले से खुश नहीं हैं और उन्हें खुश करना जरूरी है। राठौर ने ट्रंप के इस बयान को दुनियाभर में भारत की साख गिराने वाला और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा- यह बयान एक स्वतंत्र राष्ट्र के प्रधानमंत्री की छवि को कमजोर करने वाला है। भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर ट्रंप का रवैया राठौर ने कहा- भारत-पाकिस्तान में जब संघर्ष चल रहा था उस समय भी ट्रंप का रवैया पाकिस्तान के प्रति नरम था। तब ट्रंप का कहना कि मैंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम कराया। पाकिस्तान के जनरल को व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया गया। मगर हमारे प्रधानमंत्री की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं आई। इससे भारतीय को एहसास हो गया है कि अमेरिका हमारे दुश्मन देश पाकिस्तान के साथ है। राठौर ने कहा- भारत का पीएम हमारा सर्वोच्च नेता है। ऐसी टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी के बयान को सही बताया राठौर ने कहा- राहुल गांधी हमेशा कहते हैं कि पीएम मोदी ट्रंप से डरते हैं। इतने बयान राष्ट्रपति ट्रंप ने दिए, इसके बाद भी भारत सरकार द्वारा टिप्पणी न करना राहुल गांधी के बयान को सही ठहराता है। उन्होंने कहा- हमें मजबूती से जवाब देना चाहिए। इंदिरा ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे राठौर ने केंद्र सरकार को याद दिलाते हुए कहा- साल 1971 में जब पाकिस्तान से जंग चल रही थी, तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं, अमेरिका ने धमकी दी और अपना सातवां बेड़ा हिंद महासागर में भेजा। इंदिरा गांधी ने इसकी परवाह किए बगैर मुंह तोड़ जवाब दिया और न केवल जंग जीती, बल्कि पाकिस्तान के दो टुकड़े किए। हिमाचल के सेब उद्योग को तबाह करना चाह रही केंद्र सरकार कुलदीप राठौर ने कहा- केंद्र सरकार का पूरा ध्यान व्यापार पर है। अमेरिका जीरो प्रतिशत टैरिफ के लिए लगातार दबाव डाल रहा है। यदि ऐसा किया गया तो इसकी सबसे ज्यादा मार हिमाचल के सेब बागवानों पर पड़ने वाली है। इम्पोर्ट ड्यूटी घटने से हिमाचल का 5500 करोड़ रुपए का सेब उद्योग तबाह हो जाएगा। उन्होंने कहा- मोदी ने सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 100 फीसदी करने का वादा किया था। अब इसे बढ़ाने के बजाय कम कर रहे है। न्यूजीलैंड सेब पर पहले ही FTA साइन कर 25 फीसदी कर दिया गया है। इसके दबाव में दूसरे देश भी आयात शुक्ल घटाने को दबाव बनाएंगे।
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