फिजिकल हेल्थ- ब्रेस्ट कैंसर की दवा से फाइब्रॉइड का रिस्क:एक्सपर्ट से जानें इलाज में क्या सावधानी जरूरी, ब्रेस्ट कैंसर से कैसे बचें
हाल ही में एक्ट्रेस और ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर छवि मित्तल ने बताया कि कैंसर के इलाज के बाद ली जाने वाली दवा टैमोक्सीफेन से उनका पुराना यूटेरिन फाइब्रॉइड बढ़ गया। उनके मुताबिक, करीब 1.25 सेंटीमीटर का फाइब्रॉइड (नॉन कैंसरस गांठ) बढ़कर 7.2 सेंटीमीटर तक पहुंच गया। इसकी वजह से उन्हें तेज दर्द, हैवी ब्लीडिंग और ब्लड क्लॉट्स होने लगे। साथ ही ब्लैडर और आंत से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ गईं। आखिरकार उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। छवि का अनुभव उन महिलाओं के लिए सवाल खड़े करता है, जो ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद टैमोक्सीफेन ले रही हैं। आखिर यह दवा ब्रेस्ट में एस्ट्रोजन के असर को रोकते हुए गर्भाशय पर एस्ट्रोजन जैसा असर कैसे डालती है? क्या टैमोक्सीफेन लेने वाली हर महिला को गर्भाशय की जांच करानी चाहिए? इन सवालों के जवाब जानना जरूरी है। इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ‘ में इसी विषय पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. रोहित स्वामी, सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, नारायणा हास्पिटल, जयपुर सवाल- टैमोक्सीफेन क्या है और ब्रेस्ट कैंसर में यह क्यों दी जाती है? जवाब- टैमोक्सीफेन ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक हार्मोनल मेडिसिन है। यह खासतौर पर उन मरीजों को दी जाती है, जिनका कैंसर एस्ट्रोजन रिसेप्टर पॉजिटिव होता है। यानी उनकी कैंसर सेल्स बढ़ने के लिए एस्ट्रोजन हार्मोन पर निर्भर होती हैं। लगभग 70-75% ब्रेस्ट कैंसर इसी कैटेगरी के होते हैं। डॉक्टर टैमोक्सीफेन इसलिए देते हैं, क्योंकि यह एस्ट्रोजन के असर को रोककर कैंसर के दोबारा होने के खतरे को कम करती है। सवाल- क्या टैमोक्सीफेन कीमोथेरेपी है? जवाब- नहीं, टैमोक्सीफेन हार्मोनल थेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दवा है। कीमोथेरेपी और हार्मोनल थेरेपी, दोनों ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के तरीके हैं। कीमोथेरेपी में ऐसी दवाएं दी जाती हैं, जो कैंसर सेल्स को नष्ट करने या उनकी ग्रोथ रोकने में मदद करती हैं। वहीं टैमोक्सीफेन हार्मोनल थेरेपी का हिस्सा है। सवाल- टैमोक्सीफेन शरीर में कैसे काम करती है? जवाब- टैमोक्सीफेन शरीर में एस्ट्रोजन के असर को कंट्रोल करने में मदद करती है। इसके मैकेनिज्म को पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- ब्रेस्ट कैंसर में टैमोक्सीफेन लेने से क्या फायदा होता है? जवाब- यह इलाज के बाद लंबे समय तक मरीज को सुरक्षा देने में मदद करती है। इसी वजह से डॉक्टर कई मरीजों को सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन के बाद भी कुछ सालों तक यह दवा लेने की सलाह देते हैं। ग्राफिक में सभी फायदे देखिए- सवाल- अगर मरीज टैमोक्सीफेन न ले तो ब्रेस्ट कैंसर दोबारा होने का खतरा कितना बढ़ सकता है? जवाब- ‘द लैंसेट’ में पब्लिश एक मेटा-एनालिसिस के मुताबिक, करीब 5 साल तक टैमोक्सीफेन लेने वाली महिलाओं में दवा न लेने वाली महिलाओं की तुलना में ब्रेस्ट कैंसर के दोबारा होने का रिस्क काफी कम पाया गया। दवा लेने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर से मौत का रिस्क भी कम था। सवाल- मरीजों को टैमोक्सीफेन कितने समय तक लेनी पड़ती है? जवाब- यह मरीज की उम्र, कैंसर के प्रकार, स्टेज और दोबारा कैंसर होने के रिस्क पर निर्भर करता है। ज्यादातर मामलों में यह दवा कम-से-कम 5 साल तक दी जाती है। कुछ मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर इसे 10 साल तक भी लेना पड़ सकता है। सवाल- दवा बंद करने के बाद टैमोक्सीफेन शरीर में कितने समय तक रहती है? जवाब- इसके कुछ अंश और प्रभाव कई हफ्तों तक शरीर में बने रह सकते हैं। इसका असर एकदम से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे कम होता है। सवाल- टैमोक्सीफेन के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं? जवाब- टैमोक्सीफेन लेने वाली हर महिला में साइड इफेक्ट्स नहीं होते। कई महिलाओं में हल्के लक्षण होते हैं, जबकि कुछ में गंभीर हो सकते हैं। इसके कॉमन साइड इफेक्ट्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या लंबे समय तक टैमोक्सीफेन लेने से दूसरे अंग भी प्रभावित हो सकते हैं? जवाब- लंबे समय तक इसके इस्तेमाल से गर्भाशय, लिवर, आंखों और ब्लड वेसल्स पर असर पड़ सकता है। इससे- यही वजह है कि डॉक्टर इलाज के दौरान रेगुलर फॉलोअप और कुछ चेकअप की सलाह देते हैं। सवाल- ब्रेस्ट कैंसर की यह दवा गर्भाशय को क्यों प्रभावित करती है? जवाब- टैमोक्सीफेन ब्रेस्ट में एस्ट्रोजन के असर को रोकती है, लेकिन गर्भाशय में यह सेल्स की ग्रोथ को बढ़ावा दे सकती है। इससे गर्भाशय की लेयर मोटी हो सकती है। वहीं कुछ महिलाओं में फाइब्रॉइड या अन्य यूटेरिन प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। सवाल- फाइब्रॉइड क्या होता है? क्या ये कैंसर है? जवाब- फाइब्रॉइड गर्भाशय (यूटेरस) की मांसपेशियों और फाइब्रस टिश्यू से बनने वाली गांठें होती हैं। इन्हें ‘यूटेरिन फाइब्रॉइड’ या ‘लियोमायोमा’ भी कहते हैं। साइज में ये छोटे बीज से लेकर बड़े ट्यूमर जितने बड़े हो सकते हैं। फाइब्रॉइड कैंसर नहीं होते। ज्यादातर मामलों में ये बिनाइन (सौम्य) होते हैं यानी ये शरीर के दूसरे अंगों में नहीं फैलते। सवाल- क्या हर महिला को टैमोक्सीफेन लेने पर फाइब्रॉइड का रिस्क रहता है? जवाब- नहीं, टैमोक्सीफेन लेने वाली हर महिला में फाइब्रॉइड नहीं होते। यह दवा गर्भाशय में कुछ बदलावों का रिस्क बढ़ा सकती है, लेकिन सभी मरीजों पर इसका असर एक जैसा नहीं होता। सवाल- किन महिलाओं में यह रिस्क ज्यादा हो सकता है? जवाब- जिन्हें पहले से फाइब्रॉइड है या गर्भाशय की कोई अन्य समस्या है, उन महिलाओं में इसका रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- फाइब्रॉइड के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं? जवाब- सबसे कॉमन संकेत इररेगुलर पीरियड्स और पेल्विक एरिया में परेशानी होती है। ग्राफिक में सभी शुरूआती लक्षण देखिए- सवाल- डॉक्टर फाइब्रॉइड का पता कैसे लगाते हैं? जवाब- डॉक्टर पहले मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी लेते हैं। इसके बाद पेल्विक एग्जामिन करते हैं। फाइब्रॉइड की पुष्टि आमतौर पर अल्ट्रासाउंड से की जाती है। इससे उनकी संख्या, आकार और स्थिति का पता चलता है। सवाल- फाइब्रॉइड का इलाज दवाओं से संभव है या सर्जरी ही करनी पड़ती है? जवाब- हर फाइब्रॉइड में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। अगर लक्षण हल्के हैं, तो दवाओं से ब्लीडिंग और दर्द को कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ दवाएं फाइब्रॉइड का आकार भी कम कर सकती हैं। सवाल- कैंसर का इलाज खत्म होने के बाद भी मरीजों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है? जवाब- कई मरीजों को इलाज के बाद भी महीनों या सालों तक कुछ फिजिकल और मेंटल इश्यूज का सामना करना पड़ सकता है। यह समस्या सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन या हार्मोनल थेरेपी के कारण हो सकती है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या लाइफस्टाइल और खानपान से टैमोक्सीफेन के साइड इफेक्ट्स का जोखिम कम किया जा सकता है? जवाब- हां, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी, बैलेंस्ड डाइट और हेल्दी वेट बनाए रखने से शरीर को दवा के असर से बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलती है। सवाल- ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क से बचने के लिए लाइफस्टाइल में क्या सुधार करने की जरूरत है? जवाब- ब्रेस्ट कैंसर के सभी मामलों को रोका नहीं जा सकता। लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर रिस्क को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए- ***************** ग्राफिक्स- अंकुर बंसल ……………………… फिजिकल हेल्थ की ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- कमर-जांघों की चर्बी सिर्फ मोटापा नहीं: हो सकता है लिपेडेमा, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, इलाज और बचाव के तरीके कुछ महिलाओं की जांघों और कूल्हों पर जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा हो जाती है। डाइटिंग और रेगुलर एक्सरसाइज से भी यह चर्बी कम नहीं होती। अक्सर लोग इसे मोटापा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार यह लिपेडेमा (Lipedema) का संकेत हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
Weather Update : सुबह-सुबह IMD का बड़ा अलर्ट! | Breaking News | IMD Alert | Rain Alert
Weather Update : सुबह-सुबह IMD का बड़ा अलर्ट! | Breaking News | IMD Alert | Rain Alert #WeatherAlert #RainAlert #HeavyRain #IMDAlert #Monsoon #Rainfall #StormAlert #WeatherUpdate news18 live | aaj ka taaja khabar | आज की ताजा खबर | up live news | news18 up live news | up news live | aaj ke taaja khabar | hindi hews | latest news | news in hindi | hindi samachar | hindi khabar | n18oc_uttar_pradesh Follow Every Breaking Story LIVE ???? Watch News18 LIVE 24x7: https://youtube.com/live/pVXYxHNwJo8 SUBSCRIBE to get the Latest News & Updates - http://bit.ly/News18UP News18 Mobile App - https://onelink.to/desc-youtube Follow Us on Social Media: Website: https://bit.ly/3auydBL Twitter: https://twitter.com/News18UP https://twitter.com/News18_UK Facebook: https://www.facebook.com/News18UP/ https://www.facebook.com/News18UK/ About Channel: News18 UP Uttarakhand is one of India's leading Hindi news channel and can be watched live on YouTube. News18 UP Uttarakhand news channel is a part of Network 18. Topics such as politics, education, health, environment, economy, business, sports, and entertainment are covered by this channel. The channel gives nationwide coverage. News18 UP Uttarakhand ,भारत का एक मात्र भरोसेमंद और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है। यह चैनल नेटवर्क १८ का हिस्सा है। यह चैनल उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी क्षेत्रीय खबरों के साथ साथ सरकार, राजनीति, पर्यावरण , खेल-कूद से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय खबरें प्रसारित करता है| news18 up live, aaj ki taaza khabar, news18 up uttarakhand live, uttar pradesh news, brics summit 2026, vande mataram row, delhi ncr train cancelled, punjab drug yatra, delhi brics security, bihar flood, sitapur flood, samastipur flood, bulandshahr ganga flood, mirzapur the movie, shoorveer song controversy
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News18




