वंदे मातरम से शुरू हुआ भारत-अफगान टी-20:अभिषेक ने 12वीं बार 25 से कम बॉल पर फिफ्टी लगाई; बुमराह के 350 विकेट
भारत ने पहले टी-20 में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। रविवार को क्रिकेट में पहली बार वंदे मातरम गाया गया। टॉस के दौरान श्रेयस अय्यर ने अफगान कप्तान इब्राहिम जादरान को टीम इंडिया की जर्सी दी। भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह ने टी-20 में 350 विकेट पूरे किए। अभिषेक शर्मा ने 22 बॉल पर फिफ्टी लगाई। उन्होंने 32 गेंद में 82 रन बनाए। अभिषेक ने12वीं बार 25 या उससे कम बॉल पर फिफ्टी लगाई। मैच में बने 8 मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स… 1. पहली बार क्रिकेट में वंदे मातरम गाया गया दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में क्रिकेट में पहले वंदे मातरम गाया गया और उसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन हुआ। भारतीय क्रिकेट में ऐसा पहली बार देखने को मिला। 28 जनवरी को गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देशों में कहा गया था कि अगर वंदे मातरम और जन गण मन दोनों प्रस्तुत किए जाएं, तो पहले वंदे मातरम उसके बाद राष्ट्रगान होना चाहिए। 2. टॉस के दौरान श्रेयस ने अफगान कप्तान को जर्सी दी टॉस के समय भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान को टीम इंडिया की जर्सी दी। इसी समय 3 मैचों की टी-20 सीरीज की ट्रॉफी और टॉस का सिक्का भी कैमरे पर दिखाया गया। इस सीरीज की खास बात यह है कि मैच भारत में होने के बावजूद अफगानिस्तान टीम होस्ट कर रही है। 3. बुमराह ने 350 टी-20 विकेट पूरे किए जसप्रीत बुमराह ने टी-20 क्रिकेट में 350 विकेट पूरे कर लिए। उन्होंने मैच के पहले ही ओवर में रहमानुल्लाह गुरबाज को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। बुमराह टी-20 में 350 विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज हैं। उनसे पहले युजवेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार यह कारनामा कर चुके हैं। 4. उमरजई का भारत के खिलाफ संयुक्त रूप से सबसे बड़ा अफगान बैटर का स्कोर अजमतुल्लाह उमरजई ने 64 रन की पारी खेली। उनका यह स्कोर भारत के खिलाफ किसी अफगान बल्लेबाज का संयुक्त रूप से सबसे बड़ा टी-20 इंटरनेशनल स्कोर है। इससे पहले इब्राहिम जादरान ने 2022 में भारत के खिलाफ 64 रन बनाए थे। उमरजई का यह स्कोर भारत के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में नंबर-6 या उससे नीचे से बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। उनसे आगे श्रीलंका के दसुन शनाका हैं, जिन्होंने 2022 में धर्मशाला में 74* रन बनाए थे। 5. अभिषेक ने 12वीं बार 25 या कम गेंद में फिफ्टी लगाई अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 22 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। यह उनका टी-20 इंटरनेशनल में 12वां अर्धशतक था। इस फिफ्टी के साथ अभिषेक के टी-20 इंटरनेशनल में 14 50+ स्कोर हो गए। इनमें 12 बार उन्होंने 25 या उससे कम गेंद में 50+ बनाया है। इस मामले में कोई दूसरा बल्लेबाज उनके बराबर नहीं है। सूर्यकुमार यादव 9 बार के साथ अगले नंबर पर हैं। 6. राशिद ने अभिषेक का शानदार कैच लपका अभिषेक 10.6 ओवर में मोहम्मद नबी की गेंद पर आउट हुए। लॉन्ग ऑन पर राशिद खान ने दौड़ते हुए शानदार कैच लिया और 82 रन की पारी खत्म की। 7. 38 गेंद बाकी रहते जीता भारत भारत 38 गेंद बाकी रहते जीत गया। 2017 में फुल मेंबर बनने के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की यह सबसे ज्यादा गेंद बाकी रहते दूसरी बड़ी जीत है। भारत ने 2024 में इंदौर में 26 गेंद बाकी रहते अफगानिस्तान को हराया था। इस लिस्ट में साउथ अफ्रीका सबसे आगे है, जिसने 2024 में तारौबा में अफगानिस्तान को 67 गेंद बाकी रहते हराया था। 8. भारत के खिलाफ अफगानिस्तान की लगातार 9वीं हार अफगानिस्तान ने टी-20 में भारत के खिलाफ लगातार सबसे ज्यादा हार के मामले में बांग्लादेश की बराबरी कर ली। यह अफगान टीम की लगातार 9वीं हार है। बांग्लादेश भी 2019 से 2025 के बीच भारत के खिलाफ लगातार 9 मैच हार चुका है। इस लिस्ट में जिम्बाब्वे और आयरलैंड 8-8 लगातार हार के साथ अगले नंबर पर हैं।
ज्वेरेव ने जीता पहला US ओपन खिताब:अमेरिकी खिलाड़ी को चार सेट में हराया,शेल्टन की गर्लफ्रेंड को लकी चार्म बताया
जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने रविवार को न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में बेन शेल्टन को हराकर पहली बार US ओपन का मेंस सिंगल्स खिताब जीत लिया। उन्होंने फाइनल 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से अपने नाम किया। यह इस साल का उनका दूसरा और करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। हालांकि, खिताब जीतने से ज्यादा चर्चा ज्वेरेव की प्रतिक्रिया की हुई। मैच प्वाइंट पर शेल्टन का फोरहैंड बाहर चला गया। ज्वेरेव ने तुरंत जश्न नहीं मनाया। वह कुछ कदम पीछे हटे, जैसे अगले पॉइंट की तैयारी कर रहे हों। कुछ सेकंड तक उन्हें समझ ही नहीं आया कि मुकाबला खत्म हो चुका है। फिर आर्थर ऐश स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के शोर से उन्हें जीत का एहसास हुआ। उन्होंने दोनों हाथ ऊपर उठाए और भीड़ की ओर देखा। इसके बाद उनकी खुशी सामने आई। पहले दो सेट में ज्वेरेव का दबदबा ज्वेरेव ने फाइनल की शुरुआत मजबूती से की। उन्होंने पहला सेट 6-3 से जीता। दूसरे सेट में शेल्टन ने कड़ी चुनौती दी, लेकिन टाईब्रेकर में ज्वेरेव ने 7-2 से बाजी मार ली। शेल्टन ने तीसरे सेट में वापसी की। उन्होंने सेट 7-5 से जीतकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। चौथे सेट में ज्वेरेव ने फिर नियंत्रण हासिल किया। उन्होंने शुरुआत में ही बढ़त बनाई और सेट 6-2 से जीतकर खिताब पक्का कर लिया। ज्वेरेव की सर्विस पूरे मुकाबले में बड़ा हथियार रही। उन्होंने 69 प्रतिशत फर्स्ट सर्विस अंदर डाली और इनमें से 85 प्रतिशत पॉइंट जीते। फाइनल तीन घंटे 33 मिनट तक चला। दो पांच सेट के मुकाबलों से निकले थे ज्वेरेव ज्वेरेव का US ओपन अभियान आसान नहीं रहा। सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले वह 16 घंटे 40 मिनट कोर्ट पर बिता चुके थे। शुरुआती दो राउंड में उन्हें पांच सेट के मुकाबले खेलने पड़े। इसके बाद उन्होंने अपनी लय हासिल की। सेमीफाइनल में ज्वेरेव ने करेन खाचानोव को 6-3, 7-6(7), 7-6(6) से हराकर फाइनल में जगह बनाई। यह छह साल बाद US ओपन के फाइनल में उनकी वापसी थी। 2020 के फाइनल में ज्वेरेव दो सेट की बढ़त लेने के बावजूद डोमिनिक थीम से हार गए थे। इस बार उन्होंने उस हार की याद को पीछे छोड़ दिया। शेल्टन ने अल्काराज और टियाफो को हराया बेन शेल्टन पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे थे। उनके अभियान की सबसे बड़ी जीत क्वार्टर फाइनल में कार्लोस अल्काराज के खिलाफ रही। शेल्टन ने अल्काराज को पांच सेट में हराया। यह मुकाबला सुबह 3:33 बजे खत्म हुआ था। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में अपने हमवतन फ्रांसिस टियाफो को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। शेल्टन 1972 में आर्थर ऐश के बाद US ओपन के मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी खिलाड़ी बने। हालांकि, वह 2003 में एंडी रॉडिक के बाद ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी नहीं बन सके। अमेरिकी पुरुष टेनिस का यह इंतजार अब भी जारी है। ज्वेरेव ने शेल्टन की गर्लफ्रेंड को बताया ‘लकी चार्म’ शेल्टन की गर्लफ्रेंड और अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी ट्रिनिटी रोडमैन भी फाइनल देखने पहुंचीं। वह पहले अपने क्लब वॉशिंगटन स्पिरिट के मैच में व्यस्त थीं। इसके बाद वह न्यूयॉर्क पहुंचकर शेल्टन को सपोर्ट करने आईं। मैच के बाद ज्वेरेव ने रोडमैन को लेकर मजाक किया। उन्होंने कहा कि रोडमैन शेल्टन के लिए ‘लकी चार्म’ हैं। हालांकि, इस बार उनका लकी चार्म शेल्टन को खिताब नहीं दिला सका। फ्रेंच ओपन के बाद US ओपन भी जीता ज्वेरेव ने इस साल फ्रेंच ओपन जीतकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया था। अब US ओपन जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। छह साल पहले US ओपन फाइनल में मिली हार के बाद इस बार ज्वेरेव के हिस्से में कोई टूटन नहीं आई। सिर्फ शेल्टन का बाहर जाता फोरहैंड, कुछ सेकंड की हैरानी और फिर यह अहसास कि US ओपन का खिताब आखिरकार उनका हो चुका है।
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