London में Chinmaya Mission ने River Thames के किनारे पहली बार आयोजित की Ganga Aarti
(अदिति खन्ना) लंदन, 14 सितंबर लंदन में टेम्स नदी के तट पर रविवार को पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। ‘टेम्स तट पर गंगा आरती : प्रकाश उत्सव’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन ‘चिन्मय मिशन यूके’ ने ‘टोटली टेम्स’ के वार्षिक उत्सव के सहयोग से किया। यह आयोजन ‘चिन्मय मिशन’ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दुनियाभर में हो रहे कार्यक्रमों का हिस्सा था।
भारत में गंगा के तट पर होने वाली प्रसिद्ध आरती की परंपरा से प्रेरित इस आयोजन की परिकल्पना प्रकृति, ज्ञान और चेतना के जीवनदायी प्रवाह के प्रतीक के रूप में की गई थी। ‘चिन्मय मिशन यूके’ की शिक्षिका ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा, “पीढ़ियों से श्रद्धालु गंगा के तट पर दीप प्रज्वलित कर मां गंगा की आराधना करते और प्रकृति एवं जीवन को संवारने वाली दिव्य शक्तियों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता दर्शाते आए हैं।’’ उन्होंने कहा, “टेम्स नदी के तट पर गंगा आरती भी इसी भावना को आगे बढ़ाती है और कृतज्ञता, आशा तथा एकता के साझा भाव में लोगों को एक साथ लाती है।” चैतन्य ने बताया कि चिन्मय मिशन के लिए गंगा ज्ञान के प्रवाह का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हमारे संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद ने अपना जीवन वेदांत के शाश्वत ज्ञान और आध्यात्मिक संदेश को हिमालय की पवित्र भूमि से जन-जन तक पहुंचाने और उसे उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए समर्पित कर दिया।
हिंदू धर्म की महान दार्शनिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं में से एक वेदांत की इस दिव्य विरासत को आगे बढ़ाते हुए चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह समारोह ज्ञान, सेवा और कृतज्ञता की उस पवित्र धारा का उत्सव भी है, जो भौगोलिक सीमाओं से परे निरंतर प्रवाहित हो रही है।’’ गंगा आरती हिंदू धर्म का एक प्राचीन धार्मिक अनुष्ठान है। इसमें बड़ी संख्या में दीयों को प्रज्वलित कर प्रार्थना, भजन-संगीत और मंत्रोच्चार के माध्यम से मां गंगा के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। यह अनुष्ठान प्रकृति और उसके जीवनदायी स्वरूप के प्रति आस्था तथा सम्मान की भी अभिव्यक्ति है।
चिन्मय मिशन के एक प्रवक्ता ने कहा, “प्रकृति के प्रति श्रद्धा गंगा आरती का केवल एक हिस्सा नहीं, बल्कि इसकी आत्मा में निहित है। यह मां गंगा के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित करने का माध्यम है। हिंदू परंपरा में मां गंगा को पवित्र, जीवनदायिनी और समस्त जीवों का पोषण करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।” टेम्स के तट पर आयोजित इस आरती में परंपरा की पवित्रता के साथ नदी की निर्मलता और पर्यावरण की मर्यादा का भी पूरा ध्यान रखा गया।
पूरा अनुष्ठान नदी के तट पर जमीन पर ही संपन्न हुआ। आरती में प्रयुक्त किसी भी वस्तु को टेम्स में प्रवाहित नहीं किया गया। ‘टोटली टेम्स’ एक न्यास की ओर से आयोजित वार्षिक उत्सव है, जिसकी शुरुआत 1997 में हुई थी।
इस उत्सव के तहत कला, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से टेम्स नदी के महत्व और समृद्ध विरासत को रेखांकित किया जाता है।
Strait of Hormuz में मालवाहक पोत पर हमले के बाद Iran और पड़ोसी देशों की बैठक टली
होर्मुज जलडमरूमध्य में केश्म द्वीप के पास रविवार तड़के एक ईरानी मालवाहक पोत पर हमले के बाद तेहरान ने जलडमरूमध्य में पोतों की आवाजाही के प्रबंधन के अपने प्रयासों के बारे में पड़ोसी देशों को जानकारी देने की योजना स्थगित कर दी। लाल सागर में पोतों की आवाजाही पर खतरा पिछले सप्ताह बढ़ने के बाद इस हमले ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर एक बार फिर ध्यान खींचा है। यमन में सरकारी बलों से लड़ रहे ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक द्वीप पर कब्जा कर लिया है जो होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के रूप में समुद्री परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने केश्म के गवर्नर के हवाले से रविवार के हमले के लिए एक ‘‘आतंकवादी दुश्मन’’ को जिम्मेदार ठहराया। एजेंसी की खबर के अनुसार, हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। इस संबंध में अमेरिकी सेना की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।
अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के दौरान ईरान के झंडे वाले पोतों को निशाना बनाया है और अब उसे अपने युद्धपोतों पर दागी जा रही ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के नए खतरे का सामना करना पड़ रहा है। बंदर अब्बास बंदरगाह शहर से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित केश्म द्वीप, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण स्थापित करने की ईरान की कोशिशों के लिए महत्वपूर्ण है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे लोगों को धमका कर झुकाया नहीं जा सकता।
ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा।’’ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे असहमति जताते हुए रविवार को कहा कि ईरान ‘‘समझौता करने के लिए इतना बेताब है’’ कि ‘‘वे लगातार फोन कर रहे हैं।’’ बाद में एक पत्रकार ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या रविवार तड़के होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मालवाहक पोत पर अमेरिका ने हमला किया था, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।’’ ईरान ने कहा था कि क्षेत्र के देशों के विदेश मंत्री सोमवार को ओमान में बैठक करेंगे तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में पोतों की आवाजाही के प्रबंधन के लिए ईरान और जलडमरूमध्य के दूसरी ओर स्थित ओमान के प्रयासों पर चर्चा करेंगे। हालांकि, ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने रविवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ‘‘आम सहमति के हित में’’ बैठक स्थगित कर दी गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी मोहम्मद अली बाक ने कहा कि ईरान और ओमान ने ‘‘कुछ क्षेत्रीय देशों के अनुरोध पर’’ वार्ता स्थगित करने पर सहमति जताई।
‘इरना’ ने ‘एक्स’ पर उनके हवाले से यह जानकारी दी। मामले की जानकारी रखने वाले खाड़ी क्षेत्र के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि सऊदी अरब ने ईरान-ओमान समझौते में संशोधन सुझाए हैं। सऊदी अरब ने चिंता जताई है कि यह समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य पर लंबे समय तक प्रभाव डाल सकता है और इससे खाड़ी सहयोग परिषद के अन्य देशों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi





