ज्वेरेव ने जीता पहला US ओपन खिताब:अमेरिकी खिलाड़ी को चार सेट में हराया,शेल्टन की गर्लफ्रेंड को लकी चार्म बताया
जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने रविवार को न्यूयॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में बेन शेल्टन को हराकर पहली बार US ओपन का मेंस सिंगल्स खिताब जीत लिया। उन्होंने फाइनल 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से अपने नाम किया। यह इस साल का उनका दूसरा और करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। हालांकि, खिताब जीतने से ज्यादा चर्चा ज्वेरेव की प्रतिक्रिया की हुई। मैच प्वाइंट पर शेल्टन का फोरहैंड बाहर चला गया। ज्वेरेव ने तुरंत जश्न नहीं मनाया। वह कुछ कदम पीछे हटे, जैसे अगले पॉइंट की तैयारी कर रहे हों। कुछ सेकंड तक उन्हें समझ ही नहीं आया कि मुकाबला खत्म हो चुका है। फिर आर्थर ऐश स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के शोर से उन्हें जीत का एहसास हुआ। उन्होंने दोनों हाथ ऊपर उठाए और भीड़ की ओर देखा। इसके बाद उनकी खुशी सामने आई। पहले दो सेट में ज्वेरेव का दबदबा ज्वेरेव ने फाइनल की शुरुआत मजबूती से की। उन्होंने पहला सेट 6-3 से जीता। दूसरे सेट में शेल्टन ने कड़ी चुनौती दी, लेकिन टाईब्रेकर में ज्वेरेव ने 7-2 से बाजी मार ली। शेल्टन ने तीसरे सेट में वापसी की। उन्होंने सेट 7-5 से जीतकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। चौथे सेट में ज्वेरेव ने फिर नियंत्रण हासिल किया। उन्होंने शुरुआत में ही बढ़त बनाई और सेट 6-2 से जीतकर खिताब पक्का कर लिया। ज्वेरेव की सर्विस पूरे मुकाबले में बड़ा हथियार रही। उन्होंने 69 प्रतिशत फर्स्ट सर्विस अंदर डाली और इनमें से 85 प्रतिशत पॉइंट जीते। फाइनल तीन घंटे 33 मिनट तक चला। दो पांच सेट के मुकाबलों से निकले थे ज्वेरेव ज्वेरेव का US ओपन अभियान आसान नहीं रहा। सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले वह 16 घंटे 40 मिनट कोर्ट पर बिता चुके थे। शुरुआती दो राउंड में उन्हें पांच सेट के मुकाबले खेलने पड़े। इसके बाद उन्होंने अपनी लय हासिल की। सेमीफाइनल में ज्वेरेव ने करेन खाचानोव को 6-3, 7-6(7), 7-6(6) से हराकर फाइनल में जगह बनाई। यह छह साल बाद US ओपन के फाइनल में उनकी वापसी थी। 2020 के फाइनल में ज्वेरेव दो सेट की बढ़त लेने के बावजूद डोमिनिक थीम से हार गए थे। इस बार उन्होंने उस हार की याद को पीछे छोड़ दिया। शेल्टन ने अल्काराज और टियाफो को हराया बेन शेल्टन पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे थे। उनके अभियान की सबसे बड़ी जीत क्वार्टर फाइनल में कार्लोस अल्काराज के खिलाफ रही। शेल्टन ने अल्काराज को पांच सेट में हराया। यह मुकाबला सुबह 3:33 बजे खत्म हुआ था। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में अपने हमवतन फ्रांसिस टियाफो को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। शेल्टन 1972 में आर्थर ऐश के बाद US ओपन के मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले अश्वेत अमेरिकी खिलाड़ी बने। हालांकि, वह 2003 में एंडी रॉडिक के बाद ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी नहीं बन सके। अमेरिकी पुरुष टेनिस का यह इंतजार अब भी जारी है। ज्वेरेव ने शेल्टन की गर्लफ्रेंड को बताया ‘लकी चार्म’ शेल्टन की गर्लफ्रेंड और अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी ट्रिनिटी रोडमैन भी फाइनल देखने पहुंचीं। वह पहले अपने क्लब वॉशिंगटन स्पिरिट के मैच में व्यस्त थीं। इसके बाद वह न्यूयॉर्क पहुंचकर शेल्टन को सपोर्ट करने आईं। मैच के बाद ज्वेरेव ने रोडमैन को लेकर मजाक किया। उन्होंने कहा कि रोडमैन शेल्टन के लिए ‘लकी चार्म’ हैं। हालांकि, इस बार उनका लकी चार्म शेल्टन को खिताब नहीं दिला सका। फ्रेंच ओपन के बाद US ओपन भी जीता ज्वेरेव ने इस साल फ्रेंच ओपन जीतकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया था। अब US ओपन जीतकर उन्होंने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। छह साल पहले US ओपन फाइनल में मिली हार के बाद इस बार ज्वेरेव के हिस्से में कोई टूटन नहीं आई। सिर्फ शेल्टन का बाहर जाता फोरहैंड, कुछ सेकंड की हैरानी और फिर यह अहसास कि US ओपन का खिताब आखिरकार उनका हो चुका है।
नीलम ने गोविंदा संग रिश्ते की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:बोलीं- उस समय मैं बहुत छोटी थी, उनकी शादी की जानकारी बाद में मिली
एक्ट्रेस नीलम कोठारी ने हाल ही में गोविंदा के साथ अपने रिश्ते की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं थीं, तब वह बहुत छोटी थीं और उन्हें गोविंदा की शादी की जानकारी नहीं थी। नीलम ने यह बात टाइम्स नाउ के इंटरव्यू में कही। गौरतलब है कि नीलम कोठारी और गोविंदा ने 1980 के दशक और 1990 के शुरुआती वर्षों में कई फिल्मों में साथ काम किया था। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर अफवाहें वर्षों तक चलती रहीं। इंटरव्यू में नीलम से कहा गया कि गोविंदा ऑफ-स्क्रीन उनसे प्यार करते थे। इस पर नीलम ने कहा, “मुझे नहीं पता। सबसे पहले तो मैं उस समय बहुत छोटी थी। अब मुझे पता चला है कि शायद उस वक्त उनकी शादी हो चुकी थी।” वहीं, नीलम के पास बैठे पति समीर सोनी ने गोविंदा को लेकर कहा, “वह बहुत अच्छे इंसान हैं। जब भी मैं उनसे मिला हूं, वह बहुत गर्मजोशी से मिले हैं।” समीर ने यह भी कहा, “जो बात 20 साल पहले हुई भी हो सकती है और नहीं भी, उसके बारे में मुझे पता ही नहीं, तो मैं उसे लेकर कैसे बैठ सकता हूं? वह अब भी दावा करते हैं कि वह तुमसे बहुत प्यार करते थे।” रिश्ता उनके लिए विकल्प नहीं था नीलम कोठारी ने बताया कि उस दौर में उनके लिए रिश्ता बनाना कभी विकल्प नहीं था। उनका पूरा ध्यान हिंदी सीखने और फिल्मों में काम करने पर था। नीलम ने यह भी बताया कि कम उम्र की वजह से उनके परिवार का कोई सदस्य शूटिंग पर उनके साथ जाता था। नीलम के मुताबिक, सेट पर सभी लोग उन्हें बहुत प्यार करते थे। उनके को-स्टार्स भी उनके साथ बच्चे जैसा व्यवहार करते थे। समीर सोनी ने कहा कि जैकी श्रॉफ और संजय दत्त खास तौर पर नीलम को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव रहते थे। नीलम और गोविंदा की जोड़ी नीलम कोठारी और गोविंदा की जोड़ी ने 80 और 90 के दशक में कई फिल्मों में साथ काम किया था। पर्दे पर उनकी केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद आती थी। इस जोड़ी की पर्दे पर शुरुआत फिल्म ‘लव 86’ से हुई थी। 14 फरवरी 1986 को रिलीज हुई यह मूवी गोविंदा की डेब्यू फिल्म भी थी। इसके 2 हफ्ते बाद 28 फरवरी 1986 को दोनों की दूसरी फिल्म ‘इल्जाम’ रिलीज हुई। इस फिल्म के गानों और गोविंदा के बेहतरीन डांस (खासकर गाने 'स्ट्रीट डांसर' ) ने उन्हें रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी पहचान दिलाई। दोनों ‘खुदगर्ज’ (1987) में साथ नजर आए। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर सफल रही। इसके बाद नीलम और गोविंदा ने ‘सिंदूर’, ‘हत्या’, ‘दो कैदी’ और ‘फर्ज की जंग’ जैसी कई अन्य फिल्मों में भी साथ काम किया। इसी दौरान दोनों के रिश्ते की अफवाहें सामने आई थीं। 15 साल की उम्र में फिल्मों में डेब्यू किया नीलम कोठारी का जन्म हांगकांग में हुआ था। उनके पिता शिशिर कोठारी गुजराती जैन थे, जबकि मां परवीन कोठारी पारसी थीं। बचपन से ही नीलम को संगीत और डांस में रुचि थी। उन्होंने कीबोर्ड बजाना और जैज बैले भी सीखा। उनकी पढ़ाई हांगकांग के आइलैंड स्कूल में हुई। बाद में उनका परिवार बैंकॉक शिफ्ट हो गया। मुंबई में छुट्टियां बिताने के दौरान उनकी मुलाकात फिल्म डायरेक्टर रमेश बहल से हुई। उन्होंने नीलम को फिल्म में काम करने का ऑफर दिया, जिसके बाद नीलम ने एक्टिंग में हाथ आजमाने का फैसला किया। इसके बाद, जब वो महज 15 साल की थीं, तब बतौर लीड उनकी पहली फिल्म ‘जवानी’ (1984) रिलीज हुई थी। वहीं, कई लोकप्रिय फिल्मों में काम करने के बाद नीलम ने साल 2001 में अभिनय से दूरी बना ली थी। बाद में उन्होंने ज्वेलरी डिजाइनिंग में कदम रखा। कई साल बाद नीलम 2020 में रियलिटी शो ‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ में नजर आईं। इसमें उनकी दोस्त महीप कपूर, भावना पांडे और सीमा सजदेह भी थीं। वह इसके स्पिन-ऑफ ‘फैबुलस लाइव्स वर्सेज बॉलीवुड वाइव्स’ में भी नजर आईं। इसमें मुंबई और दिल्ली की कास्ट को साथ लाया गया था।
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