MPESB Naib Tehsildar Online Form 2026
MPESB MP Naib Tehsildar Recruitment 2026 Apply Online for 73 Post Post Update Date: 13-09-2026 Short Description : Madhya Pradesh Employees Selection Board (MPESB) has released notification for MPESB Naib Tehsildar in which there are 73 Post . Eligible candidates can apply online between 17/09/2026 to 01/10/2026. All the MPESB MP Naib Tehsildar 2026 Job ...
Uttarakhand News: देवप्रयाग के 68 मेधावी छात्रों से मिले सीएम धामी, बोले- दृढ़ संकल्प से ही रचा जाता है इतिहास
Uttarakhand News: उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में छिपी प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें व्यापक अनुभव दिलाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम उठाया गया है. कीर्तिनगर विकासखंड स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में एक भव्य और उत्साहवर्धक कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के 68 मेधावी छात्र-छात्राओं का दल जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पहुंचा, तो माहौल में एक अलग ही उमंग और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा था. यह दल भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण के 10वें संस्करण के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों और बड़े संस्थानों की यात्रा पर रवाना हो रहा है. मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों से सीधा संवाद स्थापित किया, उनकी यात्रा की रूपरेखा जानी और पूरे दल को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान बहुत जरूरी है, लेकिन जब वही ज्ञान खुले आसमान के नीचे व्यावहारिक अनुभवों से जुड़ता है, तो व्यक्तित्व का असली विकास होता है.
देश की विविधता और उपलब्धियों को समझने का अवसर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत दर्शन केवल एक सैर-सपाटा नहीं है, बल्कि यह सीखने का एक बहुत बड़ा मंच है. जब पहाड़ी क्षेत्रों के बच्चे देश के अलग-अलग हिस्सों में जाएंगे, तो वे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली इतिहास, आधुनिक विज्ञान और तकनीक के विकास को अपनी आंखों से प्रत्यक्ष देख सकेंगे. कक्षाओं की चारदीवारी से बाहर निकलकर मिलने वाला यह अनुभव विद्यार्थियों की सोच का दायरा बढ़ा देता है. मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भ्रमण के दौरान जहां भी जाएं, वहां की सामाजिक विशेषताओं को समझें और यह जानने की कोशिश करें कि उस क्षेत्र ने किस तरह तरक्की की है. यात्रा पूरी होने के बाद इन अनुभवों को अपने सहपाठियों के साथ साझा करना चाहिए, ताकि ज्ञान का यह प्रकाश समाज के अन्य बच्चों तक भी पहुंचे.
दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास ही बनाते हैं असाधारण
छात्रों को जीवन में सफलता का मूलमंत्र देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में जितने भी लोगों ने इतिहास रचा है, वे कभी सामान्य ही थे. सामान्य से असामान्य बनने का सफर केवल और केवल लगातार मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति से तय होता है. उन्होंने कहा कि युवावस्था में ही जीवन का एक निश्चित उद्देश्य तय कर लेना चाहिए. जब लक्ष्य स्पष्ट हो, संकल्प मजबूत हो और मन में सच्ची लगन हो, तो कोई भी रुकावट व्यक्ति को आगे बढ़ने से रोक नहीं सकती. इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और गुरुजनों के प्रति हमेशा आदर और श्रद्धाभाव बनाए रखने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार और शिक्षकों का आशीर्वाद ही मनुष्य को कठिन समय में सही राह दिखाता है और उसे जमीन से जोड़े रखता है.
अग्रणी उत्तराखंड और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
मुख्यमंत्री ने देश के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा देश विकसित भारत के निर्माण की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस राष्ट्रीय अभियान में उत्तराखंड भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है. राज्य सरकार विकास के हर क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है. उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि नीति आयोग द्वारा तय किए गए सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखंड ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है. इसके अलावा उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का ऐसा पहला राज्य बन चुका है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है. युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए राज्य में बेहद कड़ा नकल विरोधी कानून बनाया गया है, जिससे अब केवल मेहनती बच्चों को ही उनकी योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं.
दशक भर से चल रहा शैक्षिक अभियान
इस सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी के प्रयासों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक या शैक्षिक कार्यक्रम को बिना रुके लगातार 10 सालों तक चलाना बहुत बड़ी साधना है. यह पहल दूर-दराज के गांवों में पढ़ने वाले बच्चों के भीतर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जगा रही है. वहीं विधायक विनोद कंडारी ने इस अवसर को क्षेत्र के लिए गौरवशाली बताते हुए कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के साधारण परिवारों के बच्चों का प्रदेश के मुख्यमंत्री से सीधे मिलना और उनसे मार्गदर्शन पाना जीवन का सबसे बड़ा सपना सच होने जैसा है. उन्होंने बताया कि एक दशक पहले जब यह यात्रा शुरू की गई थी, तब बहुत सारी दिक्कतें सामने आई थीं, लेकिन आज इसके परिणाम देखकर दिल को असीम संतोष मिलता है. अब क्षेत्र के बच्चे पढ़ाई में कड़ी मेहनत कर रहे हैं और बोर्ड परीक्षाओं में 96 प्रतिशत तक अंक हासिल कर रहे हैं.
प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही कई प्रमुख शिक्षाविद और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे और मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया. साथ ही हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह, कीर्तिनगर की ब्लॉक प्रमुख अंचला खण्डेलवाल, देवप्रयाग के ब्लॉक प्रमुख विनोद बिष्ट और नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश मोहन मैठाणी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे. सभी अतिथियों ने एक स्वर में मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनके दल को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए विदा किया.
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