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ईरानी राष्ट्रपति ने हिंदू धर्मगुरु के पैर छुए? पाकिस्तानी जहर क्यों उगलने लगे

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशियन और सामने एक हिंदू धर्मुरु लेकिन अगले कुछ सेकंड में जो हुआ उसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। दावा किया जा रहा है कि पजेक्शन ने हिंदू धर्मुगुरु सतीशा जी महाराज के चरण स्पर्श किए। वीडियो में ईरानी राष्ट्रपति झुकते हुए जरूर दिखाई दे रहे हैं। लेकिन क्या उन्होंने वास्तव में चरण स्पर्श किया यह उन्हें घेर कर खड़े लोगों के कारण साफ तौर पर दिखाई नहीं दिया। हालांकि उनकी इस विनम्रता की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी इस सहजता और हावभाव की लोग खूब तारीफ भी कर रहे हैं।

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भारत में इसे भारतीय परंपरा के सम्मान और सांस्कृतिक सौहार्द से जोड़कर देखा जा रहा है। लेकिन पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स और कट्टरपंथी इसी तस्वीर को लेकर ईरानी राष्ट्रपति पर निशाना साध रहे हैं। पाकिस्तान में ईरानी राष्ट्रपति पजेक्शन की इस वीडियो की आलोचना की जा रही है। प्रजेक्शन से जलने भुनने वाले पाकिस्तानी उन्हें ऑनलाइन ताना मार रहे हैं। 

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वो उनकी नियत पर सवाल भी खड़े कर रहे हैं। यानी ब्रिक्स समिट में ईरान के राष्ट्रपति का भारत दौरा सिर्फ कूटनीतिक संबंधों तक ही सीमित नहीं रहा। एक वीडियो क्लिप ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई। द्विपक्षीय रिश्तों पर कई देर तक जो है चर्चाएं होती रही। चाबहार पोर्ट का मुद्दा आया। क्षेत्रीय स्थिरता पर बातचीत हुई और भारत ईरान के पुराने सांस्कृतिक रिश्तों पर भी जोर दिया गया। एक कार्यक्रम में पजेक्शियन की मुलाकात हिंदू धर्मुगुरु सतीशाचार्य जी महाराज से हुई। वहां ईरानी प्रतिनिधि मंडल के कुछ सदस्य भी मौजूद थे। इसी दौरान पजेक्शियन को धर्मगुरु की तरफ झुकते हुए देखा गया। अब यहीं से सवाल शुरू होता है। 

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Nepal में बाढ़ से तबाही: पुनर्निर्माण के लिए 4.7 अरब डॉलर की दरकार, RDNA रिपोर्ट जारी

(शिरीष बी प्रधान) काठमांडू, 13 सितंबर नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त आधारभूत अवसंरचनाओं को बहाल करने और पुनर्निर्माण के लिए अनुमानित 4.7 अरब अमेरिकी डॉलर की जरूरत है। सरकार द्वारा किए गए आकलन में यह तथ्य सामने आया है। सरकार द्वारा शनिवार को रासुवा-भोटेकोशी बाढ़ 2026 के लिए जारी ‘त्वरित क्षति एवं आवश्यकता आकलन’ (आरडीएनए) में कुल नुकसान का अनुमान लगभग 2.7 अरब अमेरिकी डॉलर लगाया गया है, जिसमें भौतिक नुकसान 1.81 अरब अमेरिकी डॉलर और आर्थिक नुकसान 88.332 करोड़ अमेरिकी डॉलर का है।

नेपाल के राष्ट्रीय विपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं व्यवस्थापन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) की अगुवाई में किए गए आकलन में कहा गया है कि बहाली के लिए बताई गई बड़ी रकम का अभिप्राय केवल क्षतिग्रस्त ढांचों को बदलने का खर्च नहीं है, बल्कि इसमें पुनर्निर्माण के साथ-साथ आपदा-जोखिम कम करने और आपदा का सामना करने की क्षमता बढ़ाने के उपाय भी शामिल हैं। आरडीएनए में रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिले शामिल हैं तथा इसमें अलग-अलग क्षेत्र की रिपोर्ट, प्रशासनिक अभिलेख, उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों, ड्रोन सर्वे, जियोस्पेशल डेटा और जनगणना की जानकारी को संयोजित किया गया है। जहां सीधे तौर पर की गई गिनती अधूरी रही, वहां मानचित्रण, सांख्यिकीय संबंधों और लागत के अनुमानों के आधार पर आकलन किया गया।

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के बाद सीमावर्ती हिमालयी क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे ले आई, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। इस त्रासदी में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि 5000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इस आकलन में ऊर्जा क्षेत्र में हुए भौतिक नुकसान का अनुमान 88.921 करोड़ अमेरिकी डॉलर और आर्थिक नुकसान का अनुमान 10.791 करोड़ अमेरिकी डॉलर लगाया गया है।

इसमें सालाना 2,520 गीगावाट जल-विद्युत उत्पादन के नुकसान का भी अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में हालांकि चेतावनी दी गई है कि बिजली उत्पादन के आधार-आंकड़ों, बिजली कटौती की अवधि और अन्य अनुमानों की और पुष्टि की जानी चाहिए। कुल बहाली की जरूरतों में अवसरंचना का हिस्सा 65.47 प्रतिशत है।

सड़क मार्ग आकलन में 69 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त पाई गई है, जिसमें से बेत्रावती-रसुवागढ़ी खंड की 55 किलोमीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त है और अन्य खंडों की 14 किलोमीटर सड़क आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मानी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सड़कों को बहाल करने के लिए 36.428 करोड़ अमेरिकी डॉलर की जरूरत होगी। आकलन के मुताबिक, बाढ़ में वाहन यातायात योग्य 37 पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए।

इस आकलन में आपदा-जोखिम कम करने के लिए 62.552 करोड़ अमेरिकी डॉलर की राशि शामिल है। यह नुकसान का अतिरिक्त अनुमान नहीं, बल्कि बहाली के लिए किया गया प्रावधान है। इसमें कई तरह के खतरों की पहले से चेतावनी देने वाली प्रणाली के लिए 23.1 लाख अमेरिकी डॉलर और लंबे समय तक चलने वाले कार्यों के लिए 62.321 करोड़ अमेरिकी डॉलर शामिल हैं।

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IND vs AFG 1st T20I Live: दिल्ली में आएगा चौके-छक्कों का तूफान, भारत और अफगानिस्तान के बीच कुछ देर में पहला टी20

IND vs AFG Live Score: भारत और अफगानिस्तान के बीच आज से टी20 सीरीज का आगाज हो रहा है. तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7.30 बजे से खेला जाना है. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत जीत के सिलसिले को बरकरार रखने उतरेगा. Sun, 13 Sep 2026 18:17:44 +0530

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