प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता चार मुख्य स्तंभों'लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी' पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि BRICS सदस्य देशों के सहयोग से, भारत ने इस समूह की साझा सोच को 'दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद सहयोग' में बदला है। BRICS नेता समिट के दूसरे दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम में इकट्ठा हुए, जहाँ उन्होंने 'लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी' पर मुख्य सत्र से पहले एक सामूहिक तस्वीर (फैमिली फ़ोटो) खिंचवाई। इससे पहले शनिवार को, BRICS समिट ने पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच गहरे मतभेदों को दूर करते हुए आम सहमति से एक संयुक्त घोषणापत्र अपनाया। खास बात यह है कि इस घोषणापत्र में ईरान पर हमलों को लेकर अमेरिका का कोई सीधा ज़िक्र नहीं किया गया। नई दिल्ली घोषणापत्र में, BRICS नेताओं ने "बातचीत और कूटनीति" के ज़रिए संघर्ष खत्म करने की भारत की अपील का समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने "लागू" अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका वाले ब्रिक्स (BRICS) का 2024 में विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE और सऊदी अरब शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल होगा। बेलारूस, बोलीविया, कज़ाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज़्बेकिस्तान और वियतनाम पिछले साल ब्रिक्स के पार्टनर देश बने।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली से रवाना हुए
ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दिल्ली से रवाना हुए।
BRICS में ग्लोबल साउथ के देशों का भरोसा बढ़ा है: PM मोदी
BRICS समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा मैं अपने निजी अनुभव से कह सकता हूं कि BRICS में ग्लोबल साउथ के देशों का भरोसा बढ़ा है, क्योंकि उनकी बात सुनी जाती है, उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है और समाधान सिर्फ़ उनके लिए नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर तैयार किए जाते हैं। BRICS की ताकत हमारी विविधता और सहयोग में है। भले ही हम अलग-अलग परिस्थितियों से जुड़े हों, लेकिन हम सहयोग के ज़रिए एक साथ आगे बढ़ते हैं और मानवता के लिए फलते-फूलते हैं। हमारी विविधता हमारी पहचान बनी रहे, हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी तरक्की से पूरी मानवता को फ़ायदा हो।
PM मोदी ने BRICS में ज़्यादा लोगों की भागीदारी का आह्वान किया
BRICS समिट 2026 के दूसरे दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत ने BRICS प्लैटफ़ॉर्म के ज़रिए दोस्ती, साझेदारी और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाया है। हमने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि BRICS का सहयोग सिर्फ़ सरकारों तक ही सीमित न रहे; हम चाहते हैं कि हमारे उद्यमी, किसान, रिसर्चर, महिलाएँ, युवा और आम नागरिक भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल हों।
जिनपिंग PM मोदी के ब्रिक्स गाला डिनर में शामिल नहीं हुए
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स समिट में शामिल होने वाले नेताओं, अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के लिए एक शानदार डिनर का आयोजन किया था, जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल नहीं हुए। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद भी इस डिनर में मौजूद नहीं थे; वे दिन में समिट में हिस्सा लेने के बाद अपने देश लौट गए थे। शी के शामिल न होने की वजह का तुरंत पता नहीं चल सका, हालांकि एक सूत्र ने बताया कि वे आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे। शी शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंचे थे, उन्होंने ब्रिक्स समिट में हिस्सा लिया और पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। वे सात साल बाद भारत आए हैं।
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पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स कोऑपरेशन को और सुदृढ़ करने की प्राथमिकताएं समाहित है। यदि किसी सदस्य को कोई आपत्ति ना हो तो मैं डिक्लेरेशन को एडप्ट करने का प्रस्ताव रखता हूं। किसी सदस्य की ओर से आपत्ति व्यक्त नहीं की गई है। न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को सर्वस्मति से एड किया जाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबको रिक्वेस्ट करता हूं जरा अपने टेबल पर इसको प्लीज आप सब से मेरा अनुरोध है कि इसको आप इस प्रकार से खोल करके थैंक फ्रेंड्स आज की हमारी बैठक अत्यंत सार्थक और रचनात्मक रही। हमारे विचारों की विविधता के साथसाथ ब्रिक्स सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई है। आज की चर्चा से स्पष्ट है कि बदलते हुए विश्व का संचालन पुराने संस्थानों से नहीं किया जा सकता। रिप्रेजेंटेशन रिस्पांसिवनेस और रूल मेकिंग तीनों में सुधार आवश्यक है। हमने इस बात पर भी बल दिया कि भविष्य की टेक्नोलॉजी और उनके नियमों के निर्माण में ग्लोबल साउथ की बराबर भागीदारी होनी चाहिए। निर्णयों और उनके परिणामों के बीच जो दूरी बनी हुई है उसे पार्टनरशिप और कलेक्टिव एक्शन से काम करना होगा। आज एडप किया गया न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन हमारे साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा देता है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदले। ब्रिक्स चेयर के रूप में आपके बहुमूल्य योगदान, कंस्ट्रक्टिव स्पिरिच और आपकी प्रतिबद्धता के लिए मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इसी के साथ इस सेशन के समापन की घोषणा करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता पीपल सेंट्रिक और ह्यूमैनिटी फर्स्ट अप्रोच पर आधारित है। रिजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी हमारी प्राथमिकताएं रही हैं। इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को सामान्य जन से जोड़ने का विशेष बल दिया है। इसी सोच के साथ 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया। लगभग 30 शहरों में आपकी टीम्स का स्वागत करने का हमें अवसर मिला। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को सफल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। फ्रेंड्स, इस वर्ष की ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मानव जीवन में 20 वर्ष की आयु मैच्योरिटी और रिस्पांसिबिलिटी के नए चरण का आरंभ करती है। यह वह अवस्था होती है जब सपनों के साथ जिम्मेदारियां जुड़ती है। सामर्थ्य को नई दिशा मिलती है। आज ब्रिज भी अपने कमिंग ऑफ एज के क्षण में है। पिछले वर्ष पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हम एक दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं और कंसेंसस से आगे बढ़ते हैं। हम किसी के विरुद्ध नहीं बल्कि सबको साथ लेकर चलने का की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं। अब समय है कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदले। अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और एंबिशियस एजेंडा पर काम करना होगा। इसकी शुरुआत हमें अपने खुद के वर्किंग सिस्टम से करनी होगी। ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है। किंतु इसकी वजह से हमारा इंस्टीट्यूशनल मोमेंटम नहीं रुकना चाहिए। मैं ब्रिक्स कम कंटिन्यूटी एंड इंप्लीमेंटेशन मैकेनिज्म का प्रस्ताव रखता हूं। इसके तहत ट्रका के माध्यम से सभी इनिशिएटिव और आउटकम्स का फॉलो अप हो सकेगा। हम एक सिक्योर डिजिटल रिपोजिटरी बना सकते हैं।
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