Ujjain News: गणेश चतुर्थी से पहले उज्जैन में चमत्कार! गणेश जी की आंखों से निकले आंसू! वीडियो वायरल
Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में ताजपुर गांव में गणेश चतुर्थी से ठीक पहले एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना दिया है. गांव की माता जी की बावड़ी स्थित गणेश मंदिर में शनिवार सुबह भगवान गणेश की प्रतिमा की आंखों से पानी की बूंदें निकलने का दावा ग्रामीणों ने किया. प्रतिमा की आंखों से बूंदें निकलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे. देखते ही देखते मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन बड़े पैमाने पर शुरू हो गया.
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे कुछ गांव वाले माता जी के झोपड़े पर दर्शन करने पहुंचे थे. इसी दौरान उनकी नजर गणेश प्रतिमा की आंखों पर पड़ी. ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिमा की आंखों से पानी की बूंदें निकलती हुई दिखाई दीं. इस दृश्य को देखने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना गांव के अन्य लोगों को दी. कुछ ही देर में यह खबर पूरे ताजपुर में फैल गई.
देखते ही देखते मंदिर में जुटने लगी भीड़
इस घटना की जानकारी मिलते ही गांव के वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और श्रद्धालुओं का मंदिर आना शुरू हो गया. लोगों में इस घटना को लेकर काफी उत्सुकता दिखाई दी. कई श्रद्धालु प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना करने लगे.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो को उज्जैन के ताजपुर गांव का बताया जा रहा है. हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही बूंदों और प्रतिमा से पानी निकलने की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसकी आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है.
ग्रामीणों ने की गणेश जी की महाआरती
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण ईश्वर सिंह के अनुसार, सुबह करीब साढ़े छह बजे जब गांव वाले दर्शन के लिए पहुंचे तो उन्हें गणेश प्रतिमा की आंखों से पानी निकलता हुआ दिखाई दिया. इसके बाद गांव के लोगों को तत्काल इसकी सूचना दी गई. सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में एकत्रित होने लग गए. गांव वालों ने भगवान गणेश की महाआरती की. इस दौरान मंदिर परिसर में ढोल बजाए गए और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. माहौल भक्तिमय हो गया और लोग इसे भगवान गणेश का कोई खास संकेत मानकर दर्शन और पूजन करने लगे.
गणेश चतुर्थी से पहले घटना ने बढ़ाई उत्सुकता
बता दे कि गणेश चतुर्थी के त्योहार से पहले सामने आई इस घटना ने ग्रामीणों की उत्सुकता और बढ़ा दिया है. गांव में लोग आपस में इस घटना को लेकर चर्चा कर रहे हैं. मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या भी बढ़ गई है. हालांकि, धार्मिक आस्था के बीच ऐसी घटनाओं को लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी जांच जरूरी मानी जाती है. प्रतिमा की आंखों से पानी जैसी बूंदें निकलने के पीछे नमी, तापमान में बदलाव, सतह पर जमा पानी या अन्य भौतिक कारण भी शामिल हो सकते हैं. फिलहाल ग्रामीण इसे आस्था और भगवान गणेश से जुड़ी घटना के रूप में देख रहे हैं.
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'विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन, भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व', BRICS लीडर्स से बोले PM मोदी
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आज आखिरी दिन है. सम्मेलन के अंतिम दिन पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि छोटे उद्यमों को नॉलेज, फाइनेंस और नए मार्केट से जोड़ने के लिए ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल की पहल की गई है. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे शहरों के बीच बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने के लिए ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना की गई है.
वैश्विक लीडर्स को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज ये सभागार अलग-अलग महाद्वीपों, संस्कृतियों और विकास यात्राओं को एक साथ जोड़ रहा है. यह ब्रिक्स की बढ़ती ताकत, आकर्षण और और अभूतपूर्व विश्वास का प्रमाण है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में हमने सभी प्रयास रिजिलियंस (लचीलापन), इनोवेशन (नवाचार), कोओपरेशन (सहयोग), सस्टेनेबिलिटी, इन चार स्तंभों पर केंद्रित किए हैं. पीएम मोदी ने कहा, मुझे खुशी है कि आप सबके सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा विजिन को भी इन सहयोग में बदल सके.
पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व में तनावों की संख्या लगाता बढ़ रही है और सामान्य मानवीय के जीवन पर उसका बहुत ही नकारात्मक और व्यापक प्रभाव हो रहा है, महामारियां, क्लाइमेट डिजास्टर और सप्लाई चैन डिस्ट्रप्शन ने दिखाया है कि आज के इंटर कनेक्टर वर्ल्ड में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता. इसलिए हमले ब्रिक्स समूह में लचीलापन बढ़ाने पर विशेष बल दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि चुनौती को समय रहते पहचानना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही आवश्यक है. इसी सोच के साथ इन्फ्रेक्सियस डिसीज के प्रिवेंशन और रेस्पॉस के लिए ब्रिक्स इंटिग्रेटेड अरली वॉरनिंग पर सहमति बनी है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है. सदियों से हमारी मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं. ब्रिक्स में भी हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है. यही सस्टेनेबिलिटी का आधार है और यह भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है.
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