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Hormuz Strait में Iranian Ship पर हमला: US-Iran Tension के बीच बढ़ा Global Oil Crisis का खतरा

ईरान के अधिकारियों ने बताया कि रविवार (13 सितंबर) को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास केशम द्वीप के पास ईरान के एक कमर्शियल जहाज़ पर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच इस अहम समुद्री रास्ते को लेकर तनाव चल रहा है। सरकारी टीवी के अनुसार, केशम शहर के गवर्नर अमीर तैमूरी ने कहा आज सुबह करीब 5:00 बजे (0130 GMT) हेंगाम और केशम द्वीपों के पास एक कमर्शियल जहाज़ पर हमला हुआ। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।" उन्होंने हमले के स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
वहीं, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने कहा कि जलडमरूमध्य से गुज़रते समय एक जहाज़ पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, लेकिन घटना के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी। अमेरिकी सेना की ओर से इस पर कोई तुरंत बयान नहीं आया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के तहत ईरानी झंडे वाले जहाज़ों को निशाना बनाते हुए लगातार सैन्य अभियान चला रही है।

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केशम के आस-पास धमाके

होर्मुज़ जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़) के सबसे बड़े द्वीप, केशम के आस-पास रात भर कई धमाकों की खबर मिली है। इस रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। यह खतरनाक घटना ओमान में खाड़ी देशों के साथ ईरान की बातचीत से ठीक एक दिन पहले हुई है। ओमान की सीमा भी इसी जलडमरूमध्य से लगती है। यह बातचीत उस रास्ते के भविष्य को लेकर होनी है जो दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई के लिए बहुत ज़रूरी है। ईरान और अमेरिका के बीच छह महीने से चल रहे टकराव में होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण एक बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के हमलों से शुरू हुई जंग के जवाब में ईरान ने इस जलमार्ग को रोक दिया है; टकराव शुरू होने से पहले यह रास्ता खुला और बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल होता था। ईरान अब सुरक्षा और संप्रभुता की चिंताओं का हवाला देते हुए जहाज़ों के लिए इस जलडमरूमध्य से गुज़रने के लिए मंज़ूरी लेना ज़रूरी कर रहा है और सर्विस फ़ीस लगाने के तरीके पर भी विचार कर रहा है। जो जहाज़ इन नियमों का पालन नहीं करते, उन्हें अक्सर ईरानी हमलों का निशाना बनाया जाता है, जबकि अमेरिका तेहरान के नियंत्रण को चुनौती देने के लिए कभी-कभी ईरानी तट पर बमबारी करता रहता है।

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Balaghat News: “मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं”, 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत पर अभिजीत दीपके का तंज

बालाघाट। आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर कांकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अब एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक पोस्ट के जरिए मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। दीपके ने खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल के नाम एक प्रतीकात्मक ‘इस्तीफा’ लिखा और इसे अपने X अकाउंट पर पोस्ट किया। पत्र पर साफ तौर पर ‘satire’ भी लिखा गया है।

पोस्ट में दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि वे तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं और प्रदेश की जनता की सेवा करने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हैं। हालांकि दीपके मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं हैं। यह पूरा पत्र सरकार पर सवाल उठाने के लिए व्यंग्य के तौर पर तैयार किया गया है।

बालाघाट में बच्चों की मौत को बनाया आधार

13 अगस्त 2026 की तारीख वाले इस पत्र में दीपके ने बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं और समय पर इलाज को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से इन मौतों की जिम्मेदारी खुद पर लेते हुए लिखा कि उनका ‘विवेक’ उन्हें पद पर बने रहने की अनुमति नहीं देता।

मुआवजे का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि शुरुआत में प्रत्येक बच्चे के परिवार के लिए ₹2 लाख की सहायता घोषित की गई थी, जिसे आदिवासी समुदाय के विरोध के बाद बढ़ाकर ₹4 लाख किया गया। इसी आधार पर उन्होंने सवाल किया कि यदि ये मंत्री या विधायकों के बच्चे होते तो क्या ₹4 लाख के मुआवजे को पर्याप्त माना जाता?

पानी, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी उठाए सवाल

दीपके ने पत्र में बालाघाट के कुछ आदिवासी इलाकों में पेयजल की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उनका दावा है कि ‘हर घर नल योजना’ के बावजूद कुछ परिवार पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाए। दीपके के मुताबिक बालाघाट के एक गांव में आंगनवाड़ी से कक्षा पांचवीं तक करीब 75 बच्चे एक ही कमरे में पढ़ रहे हैं और स्थानीय लोगों की मांग के बावजूद उचित स्कूल भवन उपलब्ध नहीं कराया गया।

पत्र में उन्होंने मध्य प्रदेश में बिजली से वंचित आदिवासी परिवारों, अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराध और कुपोषण से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख करते हुए सरकार को घेरा है। ये आंकड़े और दावे दीपके द्वारा जारी व्यंग्यात्मक पत्र का हिस्सा हैं।

प्रभावित गांवों का दौरा कर चुके हैं दीपके

अभिजीत दीपके शनिवार को बालाघाट पहुंचे थे और बैहर विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में गए। उन्होंने बोंडरी और कोरका गांव के लोगों से मुलाकात की और बच्चों की मौत के कारणों तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जानकारी जुटाई।

इस दौरान एक सोशल मीडिया पत्रकार ने दीपके से बच्चों की मौत जैसे संवेदनशील मामले पर राजनीति करने को लेकर सवाल भी किया और पूछा कि वे घटना के इतने दिन बाद क्यों पहुंचे। दीपके इस सवाल का जवाब दिए बिना आगे बढ़ गए।

अब इसके बाद सामने आए उनके व्यंग्यात्मक ‘इस्तीफे’ में बच्चों की मौत के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और आदिवासी क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं को मुद्दा बनाया गया है।

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  Sports

मैंने उसे 12 साल पाला है... यशस्वी जायसवाल पर बात करते हुए ज्वाला सिंह का दिल भर आया, जिसे स्टार बनाया उसी ने मुंह फेर लिया

ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को भारतीय क्रिकेट का भविष्य कहा जा रहा है. यशस्वी टीम इंडिया के लिए तीनों फॉर्मेट में अपना डेब्यू कर चुके हैं. खास तौर से टेस्ट फॉर्मेट में यशस्वी ने टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है. हाल ही में यशस्वी जायसवाल के बचपन के कोच ज्वाला सिंह ने एक इंटरव्यू में उन्हें लेकर बात करते हुए कई चीजों पर पर खुल बात की. इस दौरान ज्वाला सिंह ने बताया कि कैसे उन्होंने यशस्वी जायसवाल को टीम इंडिया तक पहुंचाया. Sun, 13 Sep 2026 14:17:08 +0530

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