पीएम मोदी से मिले बचपन के दोस्त असगरअली, बीजेपी विधायक की कंपनी की कर दी शिकायत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वडनगर में पढ़ने वाले असगरअली वोहरा ने उनसे मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उनकी जमीन पर सेवन इलेवन और स्वयम बिल्डर्स ने कब्जा कर लिया है।
Hartalika Teej 2026: कल एक साथ मनाई जाएगी तीज और गणेश चतुर्थी, जानें व्रत और पूजन मुहूर्त
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत इस साल 14 सितंबर 2026 को रखा जाएगा. इस दिन तीज व्रत के साथ-साथ गणेश चतुर्थी भी मनाई जाएगी. गणेश चतुर्थी और तीज, दोनों एक साथ मनाया जा रहा है. ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाएं के मन में भी यहीं सवाल आ रहा होगा कि आखिर दोनों व्रत साथ में कैसे करें, किसकी पूजा किस समय करें और कौन से व्रत का पारण कब करें? ज्योतिषाचार्य हरी गोपाल शर्मा के अनुसार, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का पूजन दोपहर में किया जाएगा. इस दिन सूर्योदय के समय तृतीया तिथि ही रहेगी. इस वजह से दोनों पर्व साथ मनाए जाएंगे.
14 सितंबर को हरतालिका तीज व्रत
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर शुरू होगी और 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगी. इसलिए, सूर्योदय पर तृतीया तिथि रहने वाली है. उदया तिथि के अनुसार, नियम कहते हैं कि 14 सितंबर को ही हरतालिका तीज व्रत रखा जाएगा. इस दिन पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वची की पूजा करेंगी और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करेंगी. हालांकि, अविवाहित कन्याएं भी इस दिन अच्छे वर की कामना के लिए व्रत रखती हैं.
ये भी पढ़ें- Ganesh Chaturthi 2026 Puja Samagri: गणपति स्थापना से पहले तैयार कर लें पूजा की सामग्रियां, देखें पूरी लिस्ट
हरतालिका तीज पर पूजा का शुभ समय
हरतालिका तीज पर 14 सितंबर को सुबह का समय पूजा करने के लिए शुभ माना जा रहा है. पंचांग की गणना के अनुसार, सुबह 6 बजकर 5 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 5 मिनट की अवधि में आप हरतालिका तीज का पूजन कर सकते हैं. आप इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकते हैं.
गणेश चतुर्थी 2026 पूजा का शुभ समय
गणेश चतुर्थी की चतुर्थी तिथि 14 सितंबर 2026 को करीब सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू हो रही है और 15 सितंबर 2026 तक रहेगी. ऐसे में मध्याह्न काल में चतुर्थी पड़ रही है. इसलिए, गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर को ही मनाया जाएगा. गणेश पूजन का सही समय सुबह 11 बजकर 2 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 31 मिनट तक है. हालांकि, अलग-अलग शहरों के अनुसार, समय अलग-अलग भी हो सकता है.
दोनों त्योहारों के व्रत साथ में कैसे रखें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत आमतौर पर शादीशुदा महिलाएं रखती है. जबकि गणेश चतुर्थी का व्रत सभी की अपनी परंपरा के अनुसार रखा जाने वाला उपवास है. कुछ लोग इस दिन व्रत रखते हैं जबकि कुछ नहीं रखते हैं. ऐसे में महिलाओं को इस बार दोनों व्रत साथ रखने होते हैं. भक्त अपने संकल्प के अनुसार, दोनों की पूजा कर सकते हैं. हरतालिका तीज की पूजा में भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करने बाद गणपति बप्पा की पूजा मध्याह्म काल में कर सकते हैं. इस मुहूर्त में ही गणेश स्थापना करनी होती है.
किसकी पूजा पहले करें?
आप सुबह के समय हरतालिका तीज की पूजा कर सकते हैं. इसके बाद गणेश चतुर्थी के लिए गणपति की स्थापना करें और पूजन करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज की पूजन सामग्रियों और मिट्टी या बालू से तैयार मूर्तियों के विसर्जन के बाद गणेश जी की स्थापना कर सकते हैं. इसलिए, घर की परंपरा के अनुसार, ही पूजा करें.
हरतालिका तीज व्रत का पारण कब होगा?
हरतालिका तीज पर कई जगह निर्जला व्रत रखने का नियम है. इसका पारण अगले दिन यानी की 15 सितंबर को होगा. इसलिए, आपको गणेश जी की पूजा करने के लिए व्रत तोड़ने की आवश्कता नहीं है. व्रत का पारण आप अगले दिन अपनी मान्यताओं और समय के मुताबिक कर सकते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Hindustan
News Nation








