Paneer Butter Masala: ढाबे जैसा पनीर बटर मसाला अब घर पर बनाएं, इस आसान ट्रिक से ग्रेवी बनेगी एकदम रिच
Paneer Butter Masala: पनीर की कोई ऐसी डिश, जिसे देखते ही खाने का मन कर जाए, तो पनीर बटर मसाला का नाम जरूर आता है। मलाईदार ग्रेवी, मुलायम पनीर और मसालों का बेहतरीन स्वाद इसे खास बनाता है। रोटी, नान, पराठे या जीरा राइस के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
अगर आप घर पर पनीर बटर मसाला बनाते हैं लेकिन रेस्टोरेंट जैसा स्वाद नहीं आता, तो ग्रेवी तैयार करने के तरीके पर ध्यान दें। टमाटर, काजू और मक्खन से तैयार की गई ग्रेवी को अच्छी तरह पकाने और अंत में थोड़ी फ्रेश क्रीम डालने से इसका स्वाद काफी रिच हो जाता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि।
पनीर बटर मसाला बनाने के लिए सामग्री
- 250 ग्राम पनीर
- 3 बड़े टमाटर
- 1 प्याज
- 10-12 काजू
- 1 चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
- 2 बड़े चम्मच मक्खन
- 1 बड़ा चम्मच तेल
- 1/2 चम्मच जीरा
- 1/2 चम्मच हल्दी
- 1 चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च
- 1/2 चम्मच गरम मसाला
- 1 चम्मच कसूरी मेथी
- 2 बड़े चम्मच फ्रेश क्रीम
- 1/2 चम्मच चीनी
- नमक स्वादानुसार
- थोड़ा हरा धनिया
बटर पनीर मसाला बनाने का तरीका
सबसे पहले तैयार करें ग्रेवी
एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करके प्याज, कटे टमाटर और काजू डालें। इन्हें कुछ मिनट तक पकाएं, जब तक टमाटर नरम न हो जाएं। गैस बंद करके मिश्रण को ठंडा करें और फिर मिक्सर में बारीक पीसकर पेस्ट बना लें।
अब एक कड़ाही में मक्खन और थोड़ा तेल डालें। इसमें जीरा डालकर चटकने दें। इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर हल्का भूनें। अब तैयार टमाटर-काजू की ग्रेवी डाल दें।
मसालों को अच्छी तरह पकाएं
ग्रेवी में हल्दी, कश्मीरी लाल मिर्च, नमक और थोड़ी चीनी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इसे मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक ग्रेवी से तेल या मक्खन अलग दिखाई देने लगे।
यही स्टेप पनीर बटर मसाला का स्वाद बढ़ाने में काफी अहम है। ग्रेवी को जल्दबाजी में पकाने के बजाय मसालों के साथ अच्छी तरह पकाएं।
अब डालें पनीर और क्रीम
ग्रेवी में जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर कंसिस्टेंसी ठीक करें। अब पनीर के टुकड़े डालकर धीमी आंच पर 3-4 मिनट पकाएं। पनीर को बहुत देर तक उबालने से वह सख्त हो सकता है।
अब गरम मसाला और कसूरी मेथी को हाथों से मसलकर डालें। आखिर में फ्रेश क्रीम डालकर अच्छी तरह मिलाएं। ऊपर से थोड़ा मक्खन और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।
रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाने की ट्रिक
पनीर को ग्रेवी में डालने से पहले हल्का सा मक्खन लगाकर तवे पर सेंक सकते हैं। इससे पनीर में हल्का स्वाद आएगा। वहीं कसूरी मेथी को हाथों से मसलकर डालने से उसकी खुशबू ज्यादा अच्छी तरह ग्रेवी में घुलती है।
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लेखक: (कीर्ति)
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Bleeding Gums: मसूड़ों से बार-बार खून आना नहीं है मामूली बात! हार्ट के मरीज हो जाएं सतर्क
Bleeding Gums: ब्रश करते समय या कुछ खाते वक्त मसूड़ों से कभी-कभार खून आना कई लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, मसूड़ों में सूजन या लालिमा है और मुंह से दुर्गंध भी आती है तो यह मसूड़ों की बीमारी का संकेत हो सकता है। खासकर पहले से हृदय रोग से जूझ रहे लोगों के लिए ओरल हेल्थ पर ध्यान देना जरूरी है।
मसूड़ों की बीमारी और हृदय संबंधी समस्याओं के बीच संभावित संबंध को लेकर कई शोध हुए हैं। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि मसूड़ों की बीमारी सीधे तौर पर हार्ट डिजीज का कारण बनती है। फिर भी हार्ट के मरीजों को मुंह की सेहत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और लगातार खून आने पर डेंटिस्ट से जांच करानी चाहिए।
मसूड़ों से खून आने की क्या वजह हो सकती है?
मसूड़ों से खून आने की सबसे आम वजहों में प्लाक जमा होना और मसूड़ों में सूजन यानी जिंजिवाइटिस शामिल है। अगर लंबे समय तक इसका इलाज न कराया जाए तो समस्या बढ़कर पीरियडोंटाइटिस का रूप ले सकती है। इसमें मसूड़ों के साथ दांतों को सहारा देने वाले ऊतकों पर भी असर पड़ सकता है।
कभी-कभी बहुत जोर से ब्रश करने, गलत तरीके से फ्लॉस करने या मुंह की पर्याप्त सफाई न रखने से भी खून आ सकता है।
हार्ट के मरीजों को क्यों रहना चाहिए सावधान?
मसूड़ों की गंभीर बीमारी में शरीर में सूजन और संक्रमण से जुड़ी प्रक्रियाएं बढ़ सकती हैं। इसी वजह से वैज्ञानिकों ने ओरल हेल्थ और हृदय स्वास्थ्य के बीच संभावित संबंध का अध्ययन किया है। कुछ अध्ययनों में दोनों के बीच संबंध देखा गया है, लेकिन कारण और प्रभाव का सीधा संबंध अभी पूरी तरह स्थापित नहीं माना जाता।
इसलिए हार्ट के मरीजों को मसूड़ों से लगातार खून आने, सूजन या संक्रमण जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
डेंटल चेकअप क्यों है जरूरी?
अगर मसूड़ों से बार-बार खून आता है तो डेंटिस्ट इसकी वजह की जांच कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर दांतों की सफाई, प्लाक और टार्टर हटाने या मसूड़ों के इलाज की सलाह दी जा सकती है।
हार्ट के मरीजों को डेंटिस्ट को अपनी बीमारी और चल रही दवाओं के बारे में जरूर बताना चाहिए। खासतौर पर अगर वे खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं तो कोई भी डेंटल प्रक्रिया कराने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है। ऐसी दवाएं अपनी मर्जी से बंद नहीं करनी चाहिए।
ओरल हेल्थ बेहतर रखने के आसान तरीके
दिन में दो बार फ्लोराइड टूथपेस्ट से धीरे-धीरे ब्रश करें। दांतों के बीच की सफाई के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल क्लीनिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाना भी मसूड़ों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
अगर खून आने की समस्या लगातार बनी हुई है, मसूड़ों में दर्द या सूजन है, दांत हिल रहे हैं या मुंह में घाव ठीक नहीं हो रहा है तो डेंटिस्ट से जांच कराएं।
ध्यान रखें, स्वस्थ मसूड़े केवल खूबसूरत मुस्कान के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य का भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हार्ट की बीमारी होने पर नियमित मेडिकल जांच के साथ ओरल हेल्थ की देखभाल भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहतर है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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