Ukraine पर रूसी हमलों में पांच लोगों की मौत, Putin ने यूरोपीय सैनिकों की तैनाती पर दी चेतावनी
रूस के हमलों में यूक्रेन में पांच नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों को भेजना रूस के साथ सीधे संघर्ष के समान होगा।
क्षेत्रीय प्रमुख इवान फेदोरोव ने बताया कि यूक्रेन के जपोरिज्जिया शहर में रातभर जारी रूसी ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, क्रिवी रिह में हुए हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। काला सागर स्थित ओडेसा बंदरगाह और इसके आसपास के इलाकों में 35 लोग घायल हुए।
क्षेत्रीय प्रमुख ओलेह किपर ने इसे ‘‘बड़ा हमला’’ बताया। हमले में एक रिहायशी इमारत भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसकी ऊपरी मंजिलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। यूक्रेन के जाइटोमिर क्षेत्र में एक किराना दुकान पर रूसी हमले में दो लोगों की मौत हो गई।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी सैन्यबल ने रूस में रासायनिक उद्योग की दो इकाइयों को निशाना बनाया, जिनमें एक समारा और दूसरी पर्म में है। इन क्षेत्रों के गवर्नर ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन रूस के स्वतंत्र ऑनलाइन समाचार संगठन ‘अस्त्रा’ ने दोनों क्षेत्रों में रासायनिक संयंत्रों पर ड्रोन हमलों की खबर दी। इस बीच, पुतिन ने भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से कहा कि यदि यूरोपीय देशों की सरकार यूक्रेन में सैनिक भेजती हैं तो इसका मतलब ‘‘रूस के साथ युद्ध’’ होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘अब वे यूक्रेन में सैनिक भेजने पर विचार करने की बात कर रहे हैं। इसका मतलब रूस के साथ युद्ध होगा।’’ कुछ यूरोपीय नेताओं ने संभावित शांतिरक्षक बल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। इसे रूस ने बार-बार अस्वीकार्य बताया है।
पुतिन ने यह भी कहा कि रूस से यूरोप को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कोई खतरा नहीं है और न कभी रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम यूरोपीय देशों को धमकी नहीं देते और न ही ऐसा करने का हमारा इरादा है।’’ पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस सप्ताह यूक्रेन की पोलैंड और मोल्दोवा से लगती सीमाओं पर हुई दो घटनाएं यूरोप के साथ लगतीं यूक्रेन की सीमा चौकियों पर रूस की बढ़ती भड़काऊ गतिविधियों की आशंका की झलक हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार रात यूक्रेन और मोल्दोवा के बीच स्टारोकोजाचे सीमा चौकी पर रूसी ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि बुधवार रात पोलैंड-यूक्रेन सीमा चौकी पर ‘‘प्रत्यक्ष खतरा’’ वारसा और कीव के बीच सहयोग के कारण टल गया।
यूरोप से गैंगस्टर की पहली हवालगी भगवंत मान सरकार के गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त रुख का प्रमाण: अमन अरोड़ा
अकाली और कांग्रेस नेताओं के उस दौर से पंजाब की मौजूदा स्थिति की तुलना करते हुए, जब विधानसभा के भीतर गैंगस्टरों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते थे, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज कहा कि यूरोप से किसी गैंगस्टर का यह पहला हवालगी मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के गैंगस्टरवाद के खिलाफ सख्त रुख का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के दौरान गैंगस्टरवाद इस हद तक बढ़ गया था कि वर्ष 2021 के बजट सत्र में नेता खुले तौर पर इस बात पर बहस कर रहे थे कि जग्गू भगवानपुरिया ‘किसका आदमी’ है. इसके विपरीत ‘आप’ सरकार ने सीमाओं के पार जाकर ऐसे भगोड़ों का पीछा किया है और उन्हें कानून के कटघरे में लाना सुनिश्चित किया है.
प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित
‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि मान सरकार ने पंजाब से नशे और गैंगस्टरवाद के खात्मे के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है. सरकार ऐसे तत्वों को न तो पंजाब की धरती से और न ही विदेशों में बैठकर अपना अवैध कारोबार चलाने की अनुमति देगी. उन्होंने बताया कि 20 जनवरी 2026 को स्थापित किए गए ‘ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल’ (ओएफटीईसी) ने महज सात महीनों में 10 वांछित भगोड़ों को डिपोर्टेशन अथवा हवालगी के माध्यम से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है, जबकि 21 अन्य प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित हैं.
निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही भगवंत मान सरकार ने नशे और गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का संकल्प लिया था. उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार के कार्यकाल के दौरान हमारा संकल्प रहा है कि पंजाब से नशे और गैंगस्टरों के खात्मे के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी. हमारा मानना है कि ये वही तत्व हैं जिन्हें पिछली सरकारों ने बढ़ने-फूलने दिया, चाहे वह अकाली दल-भाजपा का एक दशक का शासन रहा हो या कांग्रेस का पांच वर्ष का कार्यकाल.” अमृन अरोड़ा ने कहा कि पिछली सरकारों के शासन के दौरान स्थिति इस हद तक पहुंच गई थी कि पंजाब विधानसभा के भीतर भी गैंगस्टरवाद एक बड़ा मुद्दा बन गया था. उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2021 के बजट सत्र के विधानसभा रिकॉर्ड को देखा जाए, तो स्पष्ट होता है कि गैंगस्टरों के हौसले इतने बुलंद थे कि सदन के भीतर भी उनके संबंध में चर्चा हो रही थी.
पंजाब की राजनीति के पतन को उजागर किया
2021 के बजट सत्र के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने राजनीतिक नेताओं के गैंगस्टरों के साथ कथित संबंधों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि एक तरफ सुखजिंदर सिंह रंधावा और दूसरी तरफ बिक्रम सिंह मजीठिया रिकॉर्ड पर यह बहस कर रहे थे कि “जग्गू भगवानपुरिया आपका प्रोडक्ट है” और “नहीं, यह गैंगस्टर आपका प्रोडक्ट है.” उन्होंने कहा कि इस तरह की बहस पंजाब विधानसभा के सदन के भीतर हो रही थी, जिसने पंजाब की राजनीति के पतन को उजागर किया.
गतिविधियां संचालित करने की अनुमति न मिले
कैबिनेट मंत्री ने उस घटना को भी याद किया जिसमें अपनी बेटी की रक्षा करते हुए एक पुलिस कर्मचारी ने अपनी जान गंवा दी थी. उन्होंने कहा कि वह भी एक ऐसा दौर था जब एक पुलिस कर्मचारी अपनी बेटी की इज्जत बचाने का प्रयास कर रहा था और उसके सीने में गोलियां मारी गई थीं. उन्होंने कहा कि पंजाब अब उन परिस्थितियों से बाहर निकल चुका है और आज लोगों का मनोबल तथा सरकार एवं पुलिस पर विश्वास पूरी तरह कायम है. उन्होंने कहा कि जिस दिन से मौजूदा सरकार सत्ता में आई है, उसी दिन से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि ऐसे तत्वों को पंजाब की धरती पर अवैध गतिविधियां संचालित करने की अनुमति न मिले.
‘आप’ पंजाब प्रधान ने कहा कि जब पंजाब पुलिस ने ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई तेज की तो कई भगोड़े, खतरनाक अपराधी और गैंगस्टर विदेश भाग गए. उन्होंने कहा कि जब भी कोई घटना होती है, वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया जाता है अथवा फिरौती की कॉल आती है, तो ऐसी गतिविधियों के तार अक्सर विदेशी धरती या दूसरे राज्यों से जुड़े पाए जाते हैं.
अपराधों की सजा दिलाना सुनिश्चित करना रहा
उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशों में बैठे अपराधी पंजाब की शांति, सुरक्षा और सद्भावना को भंग न कर सकें. इसी उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर 20 जनवरी 2026 को विशेष ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) का गठन किया.
अमन अरोड़ा ने कहा कि गठन के समय से ही इस सेल का विशेष उद्देश्य ऐसे तत्वों की पहचान करना, उनके पदचिह्न तलाशना, उनका पता लगाना और अंततः उन्हें जेल तक पहुंचाकर उनके अपराधों की सजा दिलाना सुनिश्चित करना रहा है.
सात महीनों में बड़ी सफलता हासिल की
उन्होंने बताया कि इस सेल ने विभिन्न स्तरों पर संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल करते हुए महज सात महीनों में बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि ओएफटीईसी स्टेट इन्वेस्टिगेशन, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, सीबीआई, इंटरपोल, गृह मंत्रालय, स्थानीय पुलिस, विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सहित विभिन्न एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है.
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह तालमेल विशेष रूप से उन मामलों में महत्वपूर्ण है, जहां पंजाब में किसी अपराध या अपराध के प्रयास की शुरुआत विदेश से हुई हो. यदि कोई शिकायत मिलती है कि पंजाब में अपराध करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसकी शुरुआत किसी विदेशी देश से हुई है, तो यह सेल विभिन्न कड़ियों को जोड़ते हुए इसके पीछे मौजूद व्यक्ति तक पहुंचने के लिए काम करता है.
21 प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन
ओएफटीईसी की सफलता के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब पुलिस को बधाई देते हुए मंत्री ने बताया कि अब तक 10 वांछित अपराधियों को डिपोर्टेशन या प्रत्यर्पण के माध्यम से भारत वापस लाया जा चुका है, जबकि प्रत्यर्पण के 21 प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन हैं. उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत राज्य पुलिस द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाते हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर विदेशों में मौजूद भगोड़ों को वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है.
इन वापस लाए गए अपराधियों में कुख्यात गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम भी शामिल है, जिसके खिलाफ तीन गंभीर मामले दर्ज हैं. उसे शनिवार को मोल्दोवा से भारत वापस लाया गया. ‘आप’ पंजाब अध्यक्ष ने बताया कि मलेशिया, इंडोनेशिया, यूएई और अमेरिका से भी कई अन्य वांछित गैंगस्टरों को वापस लाया गया है. उन्होंने बताया कि अजय सिंह उर्फ अजय और पवनदीप सिंह, जो थाना जोधेवाल, लुधियाना में बीएनएस और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 150, दिनांक 27.10.2025 में वांछित थे, को 19 अगस्त 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया.
दर्ज तीन एफआईआर में वांछित था
अमन अरोड़ा ने बताया कि जसप्रीत सिंह उर्फ जस बहिबल, जो थाना सिटी कोटकपूरा, फरीदकोट और थाना तपा, बरनाला में दर्ज तीन एफआईआर में वांछित था, को भी 19 अगस्त 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया. मनजीत सिंह और गुरविंदर सिंह, जो थाना कोतवाली, पटियाला में एफआईआर नंबर 76 में वांछित थे, को 18 जून 2026 को मलेशिया से वापस लाया गया. इसी प्रकार जोबनजीत बिल्ला, जो थाना ब्यास, अमृतसर में आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 94, दिनांक 24.05.2023 में वांछित था, को 24 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया से वापस लाया गया.
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