बंगाल सरकार अब छात्रों के मोबाइल के पैसे नहीं देगी:पहले स्टूडेंट्स को मिलते थे ₹10 हजार; सीएम बोले- हम इंफ्रास्ट्रक्चर पर पैसा खर्च करेंगे
पश्चिम बंगाल सरकार क्लास 11 और 12 के छात्रों को मोबाइल खरीदने के लिए मिलने वाली ₹10 हजार की मदद बंद करेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को इसकी घोषणा की। यह एकमुश्त मदद पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की ‘तरुणेर स्वप्नो’ योजना के तहत दी जाती थी। अधिकारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार छात्रों की पढ़ाई के लिए आधुनिक शैक्षणिक ढांचा उपलब्ध कराने पर ज्यादा पैसा खर्च करेगी। उन्होंने साफ कहा, “लेकिन हम मोबाइल फोन नहीं देंगे।” स्कूलों में मोबाइल पर रोक के संकेत अधिकारी ने पिछले हफ्ते शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में स्कूलों में मोबाइल फोन पर रोक लगाने के संकेत दिए थे। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए यह बात कही थी। अधिकारी ने तब कहा था, “मोबाइल फोन का स्कूली बच्चों पर बहुत नकारात्मक असर पड़ता है। यह एक कठिन फैसला होगा और इससे मुझे वोटों का नुकसान हो सकता है।” उन्होंने कहा था, “गुजरात में कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए मोबाइल फोन पर रोक है। माता-पिता के सोने के बाद भी छात्र जागते रहते हैं और मोबाइल देखते रहते हैं।” कई राज्यों में फ्री स्मार्टफोन योजना उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे कई राज्य छात्रों को मुफ्त स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक मदद दे रहे हैं। यूपी में 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना' और तमिलनाडु में मुफ्त गैजेट योजना इसके उदाहरण हैं। इन योजनाओं से गरीब छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल स्किल सीखने में बड़ी मदद मिली है। इससे छात्रों के बीच डिजिटल अंतर कम हुआ है, हालांकि खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल ट्रेनिंग की कमी जैसी चुनौतियां भी देखी गई हैं। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर-यूनिवर्सिटी के पास भगवा सम्मान यात्रा निकाली:कहा- ‘कश्मीर आजादी चाहता है’ के नारे लगाने वालों को उखाड़ फेंकेंगे कोलकाता में बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के पास 3 किलोमीटर लंबी ‘भगवा सम्मान यात्रा’ निकाली। पूरी खबर पढ़ें…
ब्रिक्स ने सर्वसम्मति से अपनाया नई दिल्ली घोषणापत्र [BRICS Adopts Declaration by Consensus]
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा-पत्र 2026 को स्वीकार किया। घोषणा-पत्र में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार, ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़ाने, आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख और अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया गया। At the 18th BRICS Summit in New Delhi, member nations unanimously adopted the New Delhi Declaration 2026. The document emphasizes reform of global governance, greater participation of the Global South, a strong stance against terrorism, and peaceful resolution of international disputes.
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