गोरखपुर चिड़ियाघर में हिप्पो, चीतल, सांभर, हिमालयी गिद्ध, रीसस बंदर, पर्यटकों के मुख्य आकर्षण, अठखेलियां देख खिल उठता है लोगों का मन
गोरखपुर चिड़ियाघर में हिप्पो, चीतल, सांभर, हिमालयी गिद्ध, रीसस बंदर, एमू और भारतीय अजगर पर्यटकों के मुख्य आकर्षण हैं. चिड़ियाघर में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यहां सिर्फ जानवरों को देखना ही खास नहीं है, बल्कि उनकी अलग-अलग हरकतें भी आकर्षण का केंद्र बनती हैं. कोई पानी में अठखेलियां करता नजर आता है तो कोई उछल-कूद करता हुआ पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचता है. यही वजह है कि चिड़ियाघर में आने वाले लोग घंटों अलग-अलग वन्यजीवों को निहारते रहते हैं.
Social Media पर समय बर्बाद न करें और ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ें, लखनऊ Book Festival में बोले सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 सितंबर को लखनऊ यूनिवर्सिटी में पांचवें गोमती बुक फेस्टिवल का उद्घाटन किया। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया पर समय बिताने के बजाय पढ़ने की आदत डालने के लिए प्रोत्साहित किया। बुक फेस्टिवल का विचार सामने आने पर अपनी शुरुआती हिचकिचाहट को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब युवराज मलिक जी ने पहली बार लखनऊ में बुक फेस्टिवल आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, तो मुझे शुरुआत में इसके नतीजों को लेकर संदेह था। उस समय अवनीश अवस्थी एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे थे; उन्होंने सुझाव दिया कि हमें इस पहल को बढ़ावा देना चाहिए। मैंने सहमति जताई और कहा कि मैं इसके पक्ष में हूं और इसका आयोजन होना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि इस फेस्टिवल का मकसद युवाओं, लेखकों और पब्लिशर्स के लिए विचारों के आदान-प्रदान का एक मंच तैयार करना था। उन्होंने कहा कि युवराज जी ने विस्तार से बताया कि इसमें कई पब्लिशर्स और लेखक हिस्सा लेंगे, स्थानीय युवाओं को एक मंच मिलेगा और विचारों का आदान-प्रदान होगा—जिससे लेखकों को अपनी बात कहने और उनकी कहानियों को समझने का मौका मिलेगा। हमने इसे शुरू करने की मंज़ूरी दे दी।
सीएम योगी ने इस बुक फेस्टिवल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न से जोड़ा, जिसमें भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक ज्ञान से जोड़ने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि जब ज्ञान का दायरा सीमित था, तब उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट का सामना करना पड़ा और उसे बीमारू राज्य का दर्जा दिया गया, लेकिन पिछले एक दशक में की गई कोशिशों के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। आज के युवाओं में पढ़ने के प्रति दिलचस्पी न होने की धारणा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं इस बात को बिल्कुल नहीं मानता कि आज के युवा किताबें नहीं पढ़ते। हमने तो उन्हें किताबें पहुँचाने की कोशिश ही नहीं की।
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फेस्टिवल के पिछले आयोजनों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ के मुकाबले गोरखपुर में लोगों का रिस्पॉन्स ज़्यादा अच्छा रहा, जहाँ ज़्यादा लोग आए और किताबें खरीदीं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे सोशल मीडिया पर अपना समय बर्बाद न करें और इसके बजाय अपनी पढ़ाई-लिखाई के अलावा दूसरी किताबें पढ़ने की आदत डालें। मुख्यमंत्री योगी ने छात्रों को ऐसी किताबें खरीदने की सलाह दी जो क्रिएटिविटी और अच्छे विचारों को बढ़ावा देती हों और घर पर अपना "बुक बैंक" बनाने को कहा। उन्होंने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब 'एग्जाम वॉरियर्स' पढ़ने की भी सलाह दी; उन्होंने कहा कि यह किताब जीवन की मुश्किल चुनौतियों के समय मार्गदर्शन देती है।
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