IND vs AFG: दिल्ली में पहली बार भारत से भिड़ेगा अफगानिस्तान, राशिद के सामने 200 विकेट का मौका
IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच टी-20 मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। अफगानिस्तान के लिए यह मुकाबला खास है, क्योंकि टीम पहली बार भारत के खिलाफ उसकी धरती पर टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलने जा रही है। दिलचस्प बात यह भी है कि दिल्ली का लाजपत नगर अफगान समुदाय के लिए एक तरह का ‘मिनी काबुल’ बन चुका है। यहां बड़ी संख्या में अफगान लोग रेस्टोरेंट, ड्राई फ्रूट्स की दुकानें, फार्मेसी और दूसरे कारोबार चलाते हैं।
हालांकि मैदान पर अफगान टीम मेजबान भारत को कोई रियायत देने के मूड में नहीं होगी। टीम ने फरवरी के टी20 वर्ल्ड कप के बाद कोई टी20 इंटरनेशनल नहीं खेला है। दूसरी ओर भारत भी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में हार मिली। जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत जरूर मिली, लेकिन अब भारत लगभग अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरने वाला है।
जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती की वापसी हुई है। हार्दिक पंड्या और हर्षित राणा चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं। अफगानिस्तान के लिए नवीन-उल-हक की वापसी बड़ी खबर है। टीम में बैकअप विकेटकीपर नूर उल रहमान और ऑलराउंडर नांगेयालिया खरोटे को भी जगह मिली है।
अफगानिस्तान इस दौरे को भारत के खिलाफ इतिहास बदलने के मौके के तौर पर देख रहा है। इस साल भारत दौरे पर वह टेस्ट और तीनों वनडे हार चुका है। अब उसकी नजर भारत के खिलाफ पहली इंटरनेशनल जीत पर है।
राशिद के सामने बड़ा रिकॉर्ड
राशिद खान शानदार वापसी के बाद इस मुकाबले में उतरेंगे। आईपीएल के पिछले दो सीजन में उनके विकेटों का आंकड़ा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन इस बार उन्होंने फॉर्म में वापसी के संकेत दिए हैं। दिल्ली में आईपीएल मैच के दौरान उन्होंने 17 रन देकर 3 विकेट लिए थे। अब वह टी20 इंटरनेशनल में 200 विकेट पूरे करने से सिर्फ 7 विकेट दूर हैं।
भारत की कप्तानी श्रीयस अय्यर के हाथों में होगी। उनके सामने ओपनिंग को लेकर बड़ी दुविधा है। संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और युवा वैभव सूर्यवंशी में से दो को चुनना होगा। सूर्यवंशी को मौका मिलता है तो वह भारत में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा फुल मेंबर खिलाड़ी बन जाएंगे। भारत के पास ऑलराउंडर के तौर पर अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, नितीश कुमार रेड्डी और शिवम दुबे जैसे विकल्प हैं। वहीं बुमराह, अर्शदीप और वरुण विशेषज्ञ गेंदबाज के तौर पर खेल सकते हैं।
दिल्ली की पिच पर इस सीजन आईपीएल में 9.63 रन प्रति ओवर बने थे। छोटी बाउंड्री के कारण यहां बड़ा स्कोर देखने को मिल सकता है। अफगानिस्तान की ओर से राशिद के अलावा मोहम्मद नबी पर भी नजर रहेगी। नबी टी20 इंटरनेशनल में 2500 रन पूरे करने से 52 रन दूर हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और जू जियायी ने भारत-एआईआईबी साझेदारी को और मजबूत करने पर की चर्चा
नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की अध्यक्ष जू जियायी के साथ बैठक कर भारत और एआईआईबी के बीच सहयोग को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की। बैठक में भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन कनेक्टिविटी प्राथमिकताओं को समर्थन देने, स्थानीय मुद्रा में वित्तपोषण बढ़ाने, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा एआईआईबी की वैश्विक उपस्थिति मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत की तेजी से बढ़ती अवसंरचना आवश्यकताओं को पूरा करने और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को हासिल करने में एआईआईबी की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। विशेष रूप से परिवहन कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और सतत विकास से जुड़ी परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
जू जियायी 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंची हैं। विदेश मंत्रालय ने उनके स्वागत में कहा कि यह यात्रा सतत विकास को बढ़ावा देने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसरों का विस्तार करने वाली साझेदारियों को और मजबूत करेगी।
इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रूसी संघ के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से भी मुलाकात की। इस दौरान, दोनों नेताओं के बीच भारत और रूस के आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर वार्ता को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई, जिसका उद्देश्य निवेश प्रवाह को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करने के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी ढांचा तैयार करना है।
इसके अलावा, वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। भारत और रूस के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों को देखते हुए वित्तीय क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने पर जोर दिया गया।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को सर्वसम्मति से अपनाए जाने की घोषणा की।
समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत बनाने विषय पर आयोजित सत्र के समापन संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घोषणा पत्र सदस्य देशों के साझा संकल्पों को स्पष्ट दिशा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, आज अपनाया गया नई दिल्ली घोषणा पत्र हमारे साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा देता है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदला जाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ संगठन के भीतर सहयोग को और मजबूत बनाने की प्राथमिकताओं पर व्यापक चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन चर्चाओं को सार्थक और रचनात्मक बताते हुए कहा कि आज की बातचीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बदलती वैश्विक व्यवस्था को पुरानी संस्थाओं के जरिए प्रभावी ढंग से संचालित नहीं किया जा सकता।
--आईएएनएस
डीबीपी
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