mohammed shami: शमी ने गेंद पर लगाया पसीना तो अंपायर ने रोक दिया, जानिए MCC का नियम क्या कहता है
mohammed shami in duleep trophy: दलीप ट्रॉफी फाइनल में मंगलवार को उस समय आजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब ईस्ट जोन के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने गेंद लेकर गेंदबाजी से रोक दिया और चेतावनी देने लगे। मामला गेंद पर जरूरत से ज्यादा पसीने के इस्तेमाल से जुड़ा था। घटना मुकाबले के तीसरे दिन के आखिरी सेशन की है, जब साउथ जोन ईस्ट जोन के 708 रन के विशाल स्कोर का पीछा कर रहा था।
साउथ जोन की दूसरी पारी के 60वें ओवर में दोनों ऑन-फील्ड अंपायरों ने शमी से गेंद मांगी। शमी गेंद बदलने की उम्मीद कर रहे थे। शुरुआत में लगा कि अंपायर गेंद की स्थिति देख रहे हैं और शायद इसे बदला जाएगा, लेकिन रिप्ले में तस्वीर कुछ और सामने आई। अंपायर गेंद बदलने के बजाय फील्डिंग टीम को गेंद पर अत्यधिक पसीने के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दे रहे थे। इसके बाद ईस्ट जोन के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने भी अलग-अलग समय पर अंपायरों से इस मामले को लेकर बातचीत की।
गेंद पर पसीना लगाना क्या नियम के खिलाफ है?
MCC के Law 41.3 में मैच बॉल की स्थिति बदलने से जुड़े नियम हैं। इसके मुताबिक खिलाड़ी ऐसा कोई काम नहीं कर सकता, जिससे गेंद की स्थिति बदले, जब तक नियम में उसकी अनुमति न हो। हालांकि इसी नियम के Law 41.3.2.1 में पसीने के इस्तेमाल की अनुमति है। फील्डर कपड़ों पर गेंद को पॉलिश कर सकता है। बशर्ते किसी आर्टिफिशियल पदार्थ का इस्तेमाल न किया जाए और प्राकृतिक पदार्थ के तौर पर सिर्फ पसीने का इस्तेमाल हो। साथ ही इसमें समय बर्बाद नहीं होना चाहिए।
यानी शमी का गेंद पर पसीना लगाना अपने आप में गलत नहीं था। नियम में यह भी साफ तौर पर नहीं बताया गया है कि कितना पसीना अधिक माना जाएगा। लेकिन अगर अंपायरों को लगे कि गेंद की स्थिति को नियम की अनुमति से आगे जाकर बदलने की कोशिश हो रही है, तो वे हस्तक्षेप कर सकते हैं।
Law 41.3.1 के तहत अंपायर गेंद का बार-बार और अनियमित तरीके से निरीक्षण कर सकते हैं। उन्हें तुरंत गेंद की जांच करनी होती है, अगर उन्हें किसी खिलाड़ी द्वारा गेंद की स्थिति बदलने का शक हो।
इस मामले में रिप्ले में अंपायरों और खिलाड़ियों के बीच हुई पूरी बातचीत साफ नहीं दिखी। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि चेतावनी की सटीक वजह क्या थी।
अगर अंपायर यह तय करते कि गेंद की स्थिति अनुचित तरीके से बदली गई है, तो Law 41.3.4 के तहत विपक्षी कप्तान गेंद बदलने की मांग कर सकता था। नई गेंद को पुरानी गेंद जितना ही घिसा हुआ होना जरूरी होता। इसके अलावा गेंदबाज के छोर वाले अंपायर को विपक्षी टीम के खाते में 5 पेनल्टी रन भी देने होते।
इस मुकाबले में ईस्ट जोन ने दो दिन बल्लेबाजी करते हुए 708 रन बनाए थे। कप्तान ईशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने शतक और अभिमन्यु ईश्वरन व शिखर मोहन ने अर्धशतक लगाए। जवाब में शमी और मुकेश ने दो-दो विकेट लिए, जबकि मोहन को एक सफलता मिली। ईस्ट जोन ने साउथ जोन को 174/5 पर पहुंचा दिया था, लेकिन तिलक वर्मा के अर्धशतक ने टीम को 200 के पार पहुंचा दिया।
EZ vs SZ: दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन ने कसा शिकंजा, बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजों का जलवा; साउथ जोन की आधी टीम पवेलियन लौटी
EZ vs SZ: दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ पकड़ बना ली है। मैच के तीसरे दिन ईस्ट जोन की पहली पारी के स्कोर 708 के जवाब में साउथ जोन की पारी लड़खड़ा गई। साउथ जोन की आधी टीम 200 के अंदर पवेलियन लौट गई है। देवदत्त पड्डिकल ने अर्धशतक लगाया। उन्होंने 62 रन की पारी खेली।
Shami-Mukesh combo strikes ????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 8, 2026
The pace bowling duo dismiss set batters Shaik Rasheed and Devdutt Padikkal and breaks 56-run stand ????
South Zone are 134/4, trail by 574 runs.
Scorecard ▶️ https://t.co/BhTkGWeeoD#DuleepTrophy | #EZvSZ pic.twitter.com/NAvgCYBdkA
पड्डिकल के अलावा नारायन जगदीशन 32, शेख रसीद 27 रन बनाकर चलते बने। श्रेयस गोपाल 26 रन बनाकर आउट हो गए।कप्तान तिलक वर्मा 56 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। साउथ जोन ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 6 विकेट के नुकसान पर 242 रन बना लिए हैं। अब टीम की पूरी जिम्मेदारी कप्तान तिलक वर्मा पर है। उनकी कोशिश होगी कि चौथे दिन लंबी पारी खेलकर टीम को फॉलोऑन से बचाया जाए। हालाकि अब साउथ जोन के पास ज्यादा बल्लेबाजी मौजूद नहीं है। साउथ जोन को फॉलोऑन से बचने के लिए 350 रन अधिक का स्कोर बनाना होगा।
चेपॉक के मैदान में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद गेंदबाजी में भी जबरदस्त परफॉर्म किया। ईस्ट जोन की तेज गेंदबाजी में मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार की जोड़ी ने साउथ जोन की शुरुआती झटके दिए। इससे टीम ऊबर नहीं पाई और 174 के स्कोर पर आधी टीम पवेलियन लौट गई। शमी और मुकेश कुमार दोनों ने 2-2 विकेट चटकाए। शिखर मोहन और मोहम्मद कुरैशी को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले ईस्ट जोन की तरफ 708 रनों का विशाल स्कोर बनाया था। जिसमें कप्तान ईशान किशन ने 270 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनके अलावा कुमार कुशाग्र ने भी शतक लगाया। शिखर मोहन ने 85 रन बनाए। सलामी बल्लबाजों में वैभव सूर्यवंशी ने 44 और अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रन बनाए थे। जबकि लोअर ऑर्डर में अंकुल रॉय ने 45 और मोहम्मद कुरैशी ने 40 रन की पारी खेली। वहीं, साउथ जोन की तरफ से त्रिपुर्णा विजय ने 4 विकेट लिए जबकि चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल ने 2-2 विकेट चटकाए।
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