Speaker Vijender Gupta: दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप
Delhi Assembly Speaker Vijender Gupta: दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को आज 8 सितंबर मंगलवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बताया जा रहा है कि उन्हें धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें उन्हें बम से उड़ाने के बारे में कहा गया है। जांच में पता लगा है कि करीब 8:39 बजे मिले इस ईमेल में विधानसभा बिल्डिंग को उड़ाने की धमकी गई थी।
इस बारे में पता लगने के बाद दिल्ली पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम विधानसभा परिसर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए।
शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि धमकी भरा ईमेल कथित तौर पर एक खालिस्तानी संगठन की ओर से भेजा गया है। हालांकि ईमेल की असलियत और इसके पीछे किसका हाथ है, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद पता लग सकेगी। पुलिस इस मामले से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पहले भी मिली है धमकी
बता दें कि दिल्ली विधानसभा और स्पीकर को इस तरह की धमकी पहले भी मिल चुकी है। इसी साल मार्च में विधानसभा परिसर में बम विस्फोट की चेतावनी वाले ईमेल भेजे गए थे। इस दौरान स्पीकर के आधिकारिक खाते पर सुबह 7:49 बजे और विधानसभा के आधिकारिक ईमेल पर सुबह 7:28 बजे संदेश पहुंचा था। इन मैसेज में उपराज्यपाल तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा समेत कई नेताओं का जिक्र किया गया था।
विजेंद्र गुप्ता को Z श्रेणी की सुरक्षा
ईमेल के माध्यम से धमकी मिलने के बाद विजेंद्र गुप्ता की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। विधानसभा सचिवालय के मुताबिक, उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इसके तहत गुप्ता की सुरक्षा के लिए विशेष टीम 24 घंटे तैनात रहती है। उनके साथ एक अलग सुरक्षा वाहन भी उपलब्ध कराया गया है।
ताजा धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं.हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब बम से उड़ाने की धमकी मिली हो। इससे पहले भी कई बार पुलिस को धमकी भरा ईमेल अलग-अलग जगहों को लेकर आ चुका है। लेकिन हर बार जांच के दौरान ऐसे ईमले फर्जी निकले हैं, लेकिन इसकी गंभीरता को समझते हुए जांच की जा रही है।
HC की बंगाल सरकार को कड़ी फटकार: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी की तीन FIR रद्द; 30 नवंबर तक कार्रवाई पर रोक
Abhishek Banerjee: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ लगातार दर्ज हो रहे मामलों को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ी नाराजगी और फटकार लगाई है। अदालत ने डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी के खिलाफ दर्ज तीन एफआईआर को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में उनके खिलाफ कोई भी नई एफआईआर दर्ज करने से पहले अदालत की अनुमति लेना अनिवार्य किया जा सकता है।
"बस बहुत हो गया, 4 मई से यही सुनता आ रहा हूं"
सोमवार, 7 सितंबर 2026 को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य ने राज्य सरकार द्वारा टीएमसी नेता के विरुद्ध बार-बार एफआईआर दर्ज किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि “बस बहुत हो गया, मैं 4 मई से यही सुनता आ रहा हूं।” कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह अब इसी आधार पर कड़े आदेश पारित करने जा रहा है।
अदालत ने यह भी कहा कि उसने व्यक्तिगत रूप से तीन ऐसी शिकायतों का अवलोकन किया है, जिनका याचिकाकर्ता (अभिषेक बनर्जी) से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। कोर्ट ने माना कि बिना किसी ठोस जांच के यह कैसे तय किया जा सकता है कि लगाए गए आरोपों का संबंध सांसद से है या नहीं।
कस्टोडियल पूछताछ पर रोक और 30 नवंबर तक राहत
न्यायालय ने कहा कि हालांकि पुलिस इस मामले में अपनी जांच पड़ताल जारी रख सकती है, लेकिन इस शुरुआती स्तर पर अभिषेक बनर्जी से हिरासत में पूछताछ (कस्टोडियल इंटेरोगेशन) करना बिल्कुल भी उचित नहीं है। इसके साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट ने आगामी 30 नवंबर तक सांसद के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक (कोर्सिव) कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है।
यह पूरी कानूनी कार्यवाही उस याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आई, जो क्लिनिकल प्रैक्टिस और नकली दवाओं की खरीद-फरोख्त से जुड़ी गड़बड़ियों की शिकायतों पर दर्ज एफआईआर से जुड़ी हुई थी। इस मामले में टीएमसी सांसद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन अदालत में पेश हुए, जिन्होंने शिकायतों की प्रकृति और उन पर उठाए गए सवालों को कोर्ट के समक्ष रखा।


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