Gwalior : तिघरा डैम के 3 गेट खोले गए, जल संसाधन विभाग ने 1040 क्यूसेक अतिरिक्त जल सांक नदी में छोड़ा
ग्वालियर के तिघरा डैम में लगातार पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए पूर्व निर्धारित सूचना के आधार पर 3 गेट खोलकर अतिरिक्त पानी को बाहर निकाल दिया जिससे डैम का जलस्तर अपने मानक क्षमता के अनुरूप बनना रह सके, बता दें जल संसाधन विभाग ने आज शुक्रवार को दिन में 1 बजे ही इस बार की जानकारी दी थी कि तिघरा डैम का वर्तमान लेवल 739.40 फ़ीट है और तिघरा डैम केवल 0.60 फीट खाली है, इसलिए शाम 6 बजे के बाद गेट खोले जा सकते हैं ।
तिघरा बांध के बढ़ते जलस्तर एवं मौसम विभाग द्वारा जारी भारी वर्षा की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने आज शुक्रवार 11 सितम्बर को शाम तिघरा बांध के तीन गेट खोल दिए । शुक्रवार शाम लगभग 6:30 बजे तीनों गेटों को 9-9 इंच खोलकर करीब 1040 क्यूसेक अतिरिक्त जल की निकासी सांक नदी में की गई।
बढ़ते जल स्तर को देखते हुए लिया गेट खोलने का फैसला
जन संसाधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को दिन में तिघरा बांध का जलस्तर 739.40 फीट था। दिन में तिघरा के कैचमेंट क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण बांध के जलस्तर में तेजी से बढ़ने लगा। शाम 5 बजे तक बांध का जलस्तर 739.50 फीट से अधिक हो गया। इसके बाद जलस्तर में लगातार वृद्धि तथा भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए गेट खोलने का निर्णय लिया गया।
महापौर शोभा सिकरवार ने किया निरीक्षण
गेट खोले जाने से पहले विभाग के अधिकारियों ने निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया, दिन में अलर्ट जारी करने के बावजूद गेट खोले जाने से पहले आसपास के गावों में फिर अनाउंसमेंट किया गया कि पानी से दूर रहे, इस दौरान नगर निगम ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार ने तिघरा बांध पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों से बांध के जलस्तर एवं जल निकासी की जानकारी ली। उन्होंने जल निकासी के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एमआईसी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मेयर-इन-काउंसिल सदस्य विनोद यादव माठू, प्रेमलता धर्मेंद्र जैन, नाथूराम ठेकेदार, संध्या कुशवाह एवं मोनिका शर्मा, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री राजेश चतुर्वेदी, अनुविभागीय अधिकारी वीरेंद्र यादव एवं मयंक कटारे तथा नगर निगम के कार्यपालन यंत्री शिशिर श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्वालियर और मुरैना के इन गांवों के लिए अलर्ट जारी
जल संसाधन विभाग ने सांक नदी के किनारे बसे हुए गांव के लोगों को सतर्क रहने व नदी किनारे न जाने हेतु अलर्ट जारी किया है, इसमेंग्वालियर जिले में आने वाले क्षेत्र ग्राम तिघरा, ग्राम कैथा, ग्राम तालपुरा, ग्राम महिदपुर, ग्राम पृथ्वीपुर, ग्राम कुलैथ, ग्राम अगरा भटपुरा, ग्राम दुगनावली व ग्राम तिलघना और मुरैना जिले में आने वाले क्षेत्र ग्राम पहाड़ी, ग्राम जखौदा, व ग्राम बामोर शामिल हैं।
महंगा AC टिकट, लेकिन कोच में कॉकरोच! यात्रियों ने नहीं चलने दी ट्रेन, जानिए क्या है पूरा मामला?
इटारसी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात सहरसा-अहमदाबाद एक्सप्रेस (19484) के AC-3 कोच में बड़ी संख्या में कॉकरोच दिखाई देने से यात्री नाराज हो गए। घटना ट्रेन के B/1 कोच की है जहां यात्रियों ने सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया। दरअसल ट्रेन को आगे बढ़ने का सिग्नल मिल चुका था, लेकिन यात्रियों ने चेन पुलिंग कर उसे प्लेटफॉर्म पर ही रोक दिया।
यात्रियों का कहना था कि जब तक कोच की सफाई नहीं होगी और कॉकरोच की समस्या दूर नहीं होगी तब तक ट्रेन आगे नहीं बढ़नी चाहिए। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों और RPF की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
इटारसी स्टेशन पर आधे घंटे तक रुकी रही ट्रेन
दरअसल सहरसा-अहमदाबाद एक्सप्रेस रात करीब 10:01 बजे इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंची थी। ट्रेन के रवाना होने के दौरान चेन पुलिंग होने से परिचालन कुछ देर के लिए रुक गया। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत B/1 कोच में सफाई कर्मियों को भेजा। कोच में दवा का छिड़काव किया गया और पूरी सफाई कराई गई। इस दौरान ट्रेन प्लेटफॉर्म पर करीब आधे घंटे तक खड़ी रही। वहीं सफाई पूरी होने के बाद रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से स्थिति के बारे में पूछा। यात्रियों के संतुष्ट होने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया। पूरे समय RPF के जवान भी मौके पर मौजूद रहे ताकि व्यवस्था बनी रहे।
यात्रियों ने सफाई व्यवस्था पर उठाए सवाल
वहीं यात्रियों ने कहा कि AC कोच में सफर के लिए अतिरिक्त किराया देने के बावजूद इस तरह कॉकरोच मिलना चिंता की बात है। उनका कहना था कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। घटना के बाद रेलवे ने कोच में तत्काल सफाई और दवा छिड़काव कराया। रेलवे के एक डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कोच की सफाई कराई गई और उसके बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। रेलवे के अनुसार ट्रेन निर्धारित समय से करीब 10 से 15 मिनट की देरी से आगे रवाना हुई।
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