Dabra News: सीवर प्रोजेक्ट पर चौतरफा सवाल, विधायक ने CM को लिखा पत्र; CMO ने ठेकेदार पर लगाई 17.64 लाख रूपये की पेनल्टी
डबरा। शहर में चल रहे करीब 88 करोड़ रुपए के सीवर प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कहीं सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गई सीसी सड़कों की मरम्मत नहीं होने की शिकायत है तो कहीं पाइप डालने के तरीके और उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बीच CMO साक्षी वाजपेयी ने ठेका कंपनी पर ₹17.64 लाख से ज्यादा की पेनल्टी लगाई है। वहीं डबरा विधायक सुरेश राजे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की मॉनिटरिंग नहीं होने से ठेका कंपनी मनमाने तरीके से काम कर रही है।
विधायक ने CM से कहा- सीवर लाइन के काम की कराई जाए मॉनिटरिंग
विधायक सुरेश राजे ने 9 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर सीवर प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शहर में पिछले करीब पांच महीने से डाली जा रही सीवर लाइन की अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है।
पत्र में विधायक ने कहा है कि फर्म/कंपनी द्वारा मनमाने तरीके से JCB से आंतरिक सड़कें और गलियां खोदकर बिना बेस तैयार किए गुणवत्ताहीन प्लास्टिक पाइप डाले जा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसे पाइप भविष्य में टूट सकते हैं और इसका खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सीवर लाइन के काम की जिला या प्रदेश स्तर के सक्षम अधिकारी से मॉनिटरिंग कराई जाए, जिससे काम की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों ने भी उठाए सवाल
सीवर प्रोजेक्ट को लेकर सवाल केवल विधायक की ओर से नहीं उठे हैं। नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे और पार्षद सुनीता महाराज सिंह राजौरिया व हरविंदर सिंह हीरा ने भी काम की गुणवत्ता को लेकर CMO से शिकायत की है।
इन जनप्रतिनिधियों ने गलियों में 7 इंच का पाइप डालने और गुणवत्ता कमजोर होने की शिकायत करते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है। इससे सीवर लाइन में इस्तेमाल किए जा रहे पाइप और काम के तय मानकों को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
सीसी सड़कें खोदीं, मरम्मत नहीं होने से बढ़ी परेशानी
सीवर प्रोजेक्ट के तहत शहर के अलग-अलग वार्डों में पाइप लाइन बिछाने के लिए सीसी सड़कों की खुदाई की जा रही है। शिकायत है कि लाइन डालने के बाद कई स्थानों पर सड़क को पहले जैसी स्थिति में नहीं लाया गया। इससे गलियों और सड़कों पर आवाजाही में लोगों को परेशानी हो रही है।
प्रोजेक्ट की उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी लागत करीब 88 करोड़ रुपए है और काम की समयावधि तीन साल है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 22.50 MLD बताई गई है, जबकि करीब 250 किलोमीटर क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाई जानी है। प्रोजेक्ट के तहत शहर के 30 वार्ड शामिल हैं।
CMO का एक्शन, ठेकेदार पर ₹17.64 लाख से ज्यादा की पेनल्टी
काम में सामने आ रही कमियों के बीच नगर पालिका ने ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी की है। CMO साक्षी वाजपेयी के मुताबिक ठेकेदार को पहले काम में सुधार करने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी कमियां सामने आने पर ₹17.64 लाख से ज्यादा की पेनल्टी लगाई गई है।
CMO के अनुसार खुदाई के बाद सड़क की मरम्मत नहीं किए जाने और काम की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें मिल रही हैं। पार्षदों की ओर से भी इस संबंध में शिकायत की गई है। ठेका कंपनी को नोटिस देकर काम में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
₹88 करोड़ के प्रोजेक्ट पर अब निगरानी और गुणवत्ता बड़ा सवाल
एक तरफ विधायक अधिकारियों की मॉनिटरिंग नहीं होने और ठेका कंपनी की मनमानी का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री तक मामला ले गए हैं, दूसरी तरफ नगर पालिका के उपाध्यक्ष और पार्षद पाइप की गुणवत्ता व आकार पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं CMO की ओर से पेनल्टी और नोटिस की कार्रवाई ने भी साफ कर दिया है कि प्रोजेक्ट के काम में सुधार की जरूरत सामने आई है।
अब बड़ा सवाल यही है कि शहर की सड़कों को खोदकर डाली जा रही सीवर लाइन का काम तय मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं और जिन सड़कों को पाइप लाइन के लिए खोदा गया है, उन्हें कब तक व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त किया जाएगा।
Gwalior : तिघरा डैम के 3 गेट खोले गए, जल संसाधन विभाग ने 1040 क्यूसेक अतिरिक्त जल सांक नदी में छोड़ा
ग्वालियर के तिघरा डैम में लगातार पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए पूर्व निर्धारित सूचना के आधार पर 3 गेट खोलकर अतिरिक्त पानी को बाहर निकाल दिया जिससे डैम का जलस्तर अपने मानक क्षमता के अनुरूप बनना रह सके, बता दें जल संसाधन विभाग ने आज शुक्रवार को दिन में 1 बजे ही इस बार की जानकारी दी थी कि तिघरा डैम का वर्तमान लेवल 739.40 फ़ीट है और तिघरा डैम केवल 0.60 फीट खाली है, इसलिए शाम 6 बजे के बाद गेट खोले जा सकते हैं ।
तिघरा बांध के बढ़ते जलस्तर एवं मौसम विभाग द्वारा जारी भारी वर्षा की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने आज शुक्रवार 11 सितम्बर को शाम तिघरा बांध के तीन गेट खोल दिए । शुक्रवार शाम लगभग 6:30 बजे तीनों गेटों को 9-9 इंच खोलकर करीब 1040 क्यूसेक अतिरिक्त जल की निकासी सांक नदी में की गई।
बढ़ते जल स्तर को देखते हुए लिया गेट खोलने का फैसला
जन संसाधन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को दिन में तिघरा बांध का जलस्तर 739.40 फीट था। दिन में तिघरा के कैचमेंट क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण बांध के जलस्तर में तेजी से बढ़ने लगा। शाम 5 बजे तक बांध का जलस्तर 739.50 फीट से अधिक हो गया। इसके बाद जलस्तर में लगातार वृद्धि तथा भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए गेट खोलने का निर्णय लिया गया।
महापौर शोभा सिकरवार ने किया निरीक्षण
गेट खोले जाने से पहले विभाग के अधिकारियों ने निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया, दिन में अलर्ट जारी करने के बावजूद गेट खोले जाने से पहले आसपास के गावों में फिर अनाउंसमेंट किया गया कि पानी से दूर रहे, इस दौरान नगर निगम ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार ने तिघरा बांध पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों से बांध के जलस्तर एवं जल निकासी की जानकारी ली। उन्होंने जल निकासी के दौरान आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एमआईसी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मेयर-इन-काउंसिल सदस्य विनोद यादव माठू, प्रेमलता धर्मेंद्र जैन, नाथूराम ठेकेदार, संध्या कुशवाह एवं मोनिका शर्मा, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री राजेश चतुर्वेदी, अनुविभागीय अधिकारी वीरेंद्र यादव एवं मयंक कटारे तथा नगर निगम के कार्यपालन यंत्री शिशिर श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्वालियर और मुरैना के इन गांवों के लिए अलर्ट जारी
जल संसाधन विभाग ने सांक नदी के किनारे बसे हुए गांव के लोगों को सतर्क रहने व नदी किनारे न जाने हेतु अलर्ट जारी किया है, इसमेंग्वालियर जिले में आने वाले क्षेत्र ग्राम तिघरा, ग्राम कैथा, ग्राम तालपुरा, ग्राम महिदपुर, ग्राम पृथ्वीपुर, ग्राम कुलैथ, ग्राम अगरा भटपुरा, ग्राम दुगनावली व ग्राम तिलघना और मुरैना जिले में आने वाले क्षेत्र ग्राम पहाड़ी, ग्राम जखौदा, व ग्राम बामोर शामिल हैं।
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