ग्वालियर की लाइफ लाइन तिघरा डैम मात्र 0.60 फीट खाली, कभी भी खोले जा सकते हैं गेट, अलर्ट जारी
ग्वालियर की लाइफ लाइन तिघरा बांध लबालब हो गया है, एक महीने पहले शहर में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर चिंता थी लेकिन अब ये चिंता दूर हो गई है उल्टा तिघरा ओवरफ्लो होने वाला है, जल संसाधन विभाग के मुताबिक शुक्रवार 11 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे तिघरा डैम का जलस्तर 739.40 फीट दर्ज किया गया। बांध अब अपनी निर्धारित क्षमता से महज 0.60 फीट खाली है। ऐसे में जल आवक बढ़ने पर तिघरा के गेट शाम 6 बजे के बाद कभी भी खोले जा सकते हैं। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने सांक नदी के किनारे बसे ग्वालियर और मुरैना जिले के गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार तिघरा बांध में आने वाले पानी की मात्रा के आधार पर अतिरिक्त पानी की निकासी की जाएगी। यदि जल आवक में वृद्धि होती है तो गेटों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी बढ़ाई जा सकती है। बांध से छोड़ा गया अतिरिक्त पानी सांक नदी में जाएगा और सांक नदी के रास्ते पिलौआ बांध तक पहुंचेगा।
बारिश की संभावना ने बढ़ाई चिंता
तिघरा बांध के कैचमेंट क्षेत्र में बारिश की संभावना को देखते हुए जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। उल्लेखनीय है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिमी मध्यप्रदेश के लिए 11 सितंबर को भारी बारिश, जबकि 12 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
ग्वालियर में भी शुक्रवार को मौसम बादलों से घिरा रहने तथा गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। विभिन्न मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार 12 और 13 सितंबर को भी ग्वालियर में बारिश के आसार बने हुए हैं।
मौसम की यह स्थिति तिघरा के कैचमेंट क्षेत्र में जल आवक बढ़ा सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ग्वालियर और मुरैना जिले के इन गांवों के लिए अलर्ट
जल संसाधन विभाग ने सांक नदी के किनारे बसे ग्वालियर जिले के प्रभावित क्षेत्रों में ग्राम तिघरा, कैथा, तालपुरा, महिदपुर, पृथ्वीपुर, कुलैथ, अगरा भटपुरा, दुगनावली और तिलघना को शामिल किया है। वहीं, सांक नदी के बहाव क्षेत्र में आने वाले मुरैना जिले के ग्राम पहाड़ी, जखौदा और बामोर के ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
नदी किनारे नहीं जाने की अपील
प्रशासन ने सांक नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों से विशेष सावधानी बरतने और नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि तिघरा बांध के गेट खुलने के बाद नदी में पानी का बहाव बढ़ सकता है। इसलिए ग्रामीण नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और विभाग एवं प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें।
MP Transport Summit 2026: इंदौर में दिखी भविष्य के ट्रांसपोर्ट की झलक, EV बसों से लेकर नई तकनीक तक कंपनियों ने दिखाए इनोवेशन
मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन को नए स्वरूप में लाने की तैयारी के बीच इंदौर में चल रहे ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ में भविष्य के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की झलक देखने को मिली। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में लगाई गई प्रदर्शनी में EV बसों के साथ परिवहन, ऊर्जा, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई नए समाधान पेश किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुगम और बेहतर लोक परिवहन केवल लोगों की आवाजाही को आसान नहीं बनाता, बल्कि बाजारों को आपस में जोड़ता है। उन्होंने कहा जब बाजार जुड़ेंगे तो नए अवसर पैदा होंगे और यही अवसर प्रदेश के नागरिकों को आगे बढ़ने का संकल्प और सामर्थ्य देंगे।
EV बसों से लेकर ड्राइविंग टेक्नोलॉजी तक
11 और 12 सितंबर को आयोजित समिट में अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियां और संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। प्रदर्शनी का फोकस इस बात पर है कि तकनीक के जरिए प्रदेश में बस यात्रा को ज्यादा सुगम और सुरक्षित बनाने के साथ पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को कैसे आधुनिक किया जा सकता है।
प्रदर्शनी में ऐसी EV बसें भी रखी गई हैं, जिन्हें भविष्य की परिवहन व्यवस्था के अहम विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही कंपनियों ने अपने उत्पाद, सेवाएं और तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए हैं। ऊर्जा और ईंधन से लेकर परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीक तक कई क्षेत्रों के इनोवेशन यहां देखने को मिल रहे हैं।
समिट में Think Gas, YASH Technologies, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), Indian Oil, LightMetrics, MPIDC, Cube Construction, Kalyani Powertrain Limited और Omnificent सहित कई कंपनियां और संस्थान शामिल हो रहे हैं।
नई बस व्यवस्था के साथ निवेश और रोजगार पर भी नजर
समिट का दायरा सिर्फ नई बसों और तकनीक तक सीमित नहीं है। इसके जरिए परिवहन क्षेत्र में निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं तलाशने पर भी फोकस है। कंपनियों के सामने मध्य प्रदेश में उपलब्ध अवसरों को रखा जा रहा है ताकि नई परिवहन व्यवस्था के साथ इससे जुड़े उद्योग और तकनीकी सेवाओं का नेटवर्क भी विकसित हो सके।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए प्रदेश में नई यात्री परिवहन व्यवस्था तैयार की जा रही है। ऐसे में EV, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों की भागीदारी को इसी बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ इसका असर निवेश, तकनीकी रोजगार और परिवहन से जुड़े नए कारोबार पर भी पड़ने की उम्मीद है।
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