पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों से बाजारों को खोलने और निर्बाध व्यापार सुनिश्चित करने की अपील की
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को और गहरा करने पर जोर देते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि सदस्य देशों को अपने बाजारों को और खोलना चाहिए, नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाना चाहिए और व्यापारिक खेपों की तेज मंजूरी की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।
राष्ट्रीय राजधानी में ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सेवा क्षेत्र के बाजारों को अधिक खोलने पर जोर दिया। गोयल ने ब्रिक्स देशों के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, “आइए, हम वास्तव में एक-दूसरे के लिए अपने सेवा बाजारों को खोलें।”
गोयल ने कहा, “संयुक्त नवाचार एक नया मानदंड बनना चाहिए। हमें एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए।”
उन्होंने ब्रिक्स देशों के कृषि-तकनीक (एग्री-टेक) स्टार्टअप्स के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया, ताकि किसानों के लिए समाधान विकसित किए जा सकें और लोगों की खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत को ठोस कारोबारी परिणामों में बदलना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बिजनेस फोरम में कहा, “हमारी प्राथमिकताओं में बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, सदस्य देशों के बीच संतुलित व्यापार सुनिश्चित करना और सेवा क्षेत्र में साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना शामिल है।”
भारत की 2026 की अध्यक्षता के तहत नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जा रही है।
भारत की अध्यक्षता का मार्गदर्शन “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” थीम से हो रहा है। यह थीम मौजूदा उपलब्धियों और संस्थागत प्रभावशीलता को मजबूत करने पर भारत के फोकस को दर्शाती है। इसमें विकास, स्थिरता और नवाचार को एजेंडे के केंद्र में रखा गया है।
यह ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी रेखांकित करता है। भारत ब्रिक्स को एक रचनात्मक और समाधान-केंद्रित मंच के रूप में और मजबूत करना चाहता है।
वर्तमान में ब्रिक्स का विस्तार 11 देशों तक हो चुका है, जिसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। सामूहिक रूप से ये देश दुनिया की 49.5 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
BRICS सम्मेलन को लेकर हाई अलर्ट, भारत मंडपम के आसपास चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को जमीन से लेकर आसमान तक मजबूत किया गया है. भारत मंडपम के आसपास बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है, वहीं उन इलाकों में भी लगातार निगरानी और कॉम्बिंग की जा रही है, जहां आमतौर पर लोगों की आवाजाही बेहद कम रहती है.
इसी सुरक्षा अभियान के तहत भारत मंडपम और यमुना नदी के बीच, रिंग रोड के नजदीक मौजूद यमुना खादर के जंगली और निर्जन इलाके में दिल्ली पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान लगातार कॉम्बिंग और पेट्रोलिंग कर रहे हैं. यह इलाका घनी झाड़ियों, ऊंची घास, नमी और कई जगह दलदली जमीन वाला है. मॉनसून के दौरान ऐसे क्षेत्रों में सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीवों की मौजूदगी भी जवानों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन जाती है.
झाड़ियों से लेकर खाली जमीन तक तलाशी
BRICS सम्मेलन में दुनिया के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंच रहे हैं. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की कोशिश है कि भारत मंडपम और VVIP मूवमेंट वाले रूट के आसपास कोई ऐसा खाली क्षेत्र न रह जाए, जिसका इस्तेमाल किसी संदिग्ध गतिविधि के लिए किया जा सके. यमुना के किनारे मौजूद इस हिस्से में जवान झाड़ियों, ऊंची घास और सुनसान हिस्सों के बीच पैदल कॉम्बिंग कर रहे हैं. सुरक्षा बलों के जवान आधुनिक हथियारों और सुरक्षा उपकरणों के साथ इलाके की गहन पड़ताल कर रहे हैं. कॉम्बिंग के दौरान महिला सुरक्षाकर्मी भी टीम का हिस्सा हैं. जवानों की चुनौती सिर्फ किसी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की तलाश तक सीमित नहीं है. इलाके की भौगोलिक स्थिति भी ऑपरेशन को मुश्किल बनाती है। कई स्थानों पर घनी वनस्पति, नमी और कीचड़ के कारण जवानों को सावधानी से आगे बढ़ना पड़ रहा है.
यमुना किनारे सुरक्षा पर खास फोकस
BRICS सुरक्षा व्यवस्था में यमुना नदी और उससे सटे क्षेत्रों को भी अहम माना जा रहा है. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सम्मेलन को देखते हुए यमुना नदी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी और पुराना किला क्षेत्र से भी निगरानी रखने की बात सामने आई थी. भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा सिर्फ मुख्य प्रवेश और कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं है. एयरपोर्ट, होटल, VVIP रूट और सम्मेलन स्थल के आसपास के संवेदनशील तथा खुले क्षेत्रों को भी सुरक्षा प्लान में शामिल किया गया है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक सम्मेलन के लिए करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों की तैनाती की गई है.
जमीन पर कॉम्बिंग, आसमान पर एंटी-ड्रोन निगरानी
BRICS सुरक्षा व्यवस्था में ग्राउंड पेट्रोलिंग के साथ तकनीकी निगरानी को भी जोड़ा गया है. सम्मेलन से जुड़े प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण स्थानों पर CCTV निगरानी बढ़ाई गई है. रिपोर्टों के मुताबिक 500 से ज्यादा CCTV कैमरों और एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए भी निगरानी की जा रही है. इस तरह सुरक्षा एजेंसियों ने ग्राउंड कॉम्बिंग, पैदल पेट्रोलिंग, CCTV, तकनीकी निगरानी और एंटी-ड्रोन व्यवस्था को एक साथ सक्रिय किया है.
जहरीले जीवों का भी खतरा
यमुना खादर का यह इलाका मॉनसून के दौरान खास तौर पर चुनौतीपूर्ण हो जाता है. ऊंची घास और झाड़ियों के बीच सांप और बिच्छू जैसे जीव छिपे हो सकते हैं. इसके अलावा उमस, पानी और दलदली जमीन के कारण जवानों को कॉम्बिंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है. इसके बावजूद सुरक्षा बलों की टीमें लगातार इलाके की जांच कर रही हैं. मकसद साफ है—भारत मंडपम के आसपास का कोई भी खुला, सुनसान या झाड़ियों वाला क्षेत्र सुरक्षा जांच से बाहर न रहे.
दिल्ली में सुरक्षा का बहुस्तरीय घेरा
BRICS सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होना है. सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर की गई है. VVIP रूट पर रिहर्सल, रूट सर्वे, फुट पेट्रोलिंग, CCTV मॉनिटरिंग और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय लगातार जारी है. भारत मंडपम के चमचमाते सम्मेलन स्थल से कुछ दूरी पर यमुना खादर की झाड़ियों के बीच चल रही यह कॉम्बिंग ऑपरेशन की तस्वीर बताती है कि BRICS की सुरक्षा सिर्फ सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं है—बल्कि हर उस संभावित खाली जगह को भी सुरक्षा घेरे में लिया गया है, जो VVIP सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हो सकती है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation







