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BRICS 2026: ब्रिक्स Logo में छिपा है भारत का बड़ा संदेश! जानकर हैरान रह जाएंगे इसका मतलब

BRICS 2026: भारत इस समय अपने सबसे बड़े कूटनीतिक आयोजनों में से एक BRICS की मेजबानी कर रहा है. ये सम्मेलन 11 से 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है. बता दें ये 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन  है जिसमें दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता एक मंच पर जुटेंगे. इसके अलावा इस मौके पर हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर भारत की अध्यक्षता वाले इस सम्मेलन की थीम क्या है और इसके लोगो का असली मतलब क्या है?

ब्रिक्स 2026 की थीम क्या रखी गई है?

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता एक ऐसी थीम पर आधारित है जिसे "बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी" यानी "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" नाम दिया गया है. केंद्र सरकार के मुताबिक यह थीम 2025 में ब्राजील के रियो में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से रखे गए "मानवता पहले" के दृष्टिकोण से प्रेरित बताई जा रही है. सरकार के मुताबिक इस थीम के जरिए भारत यह संदेश देना चाहता है कि आर्थिक झटकों, सप्लाई चेन की दिक्कतों, स्वास्थ्य संकट और जलवायु खतरों से निपटने के लिए दुनिया को मिलकर मजबूती दिखानी होगी.

BRICS Summit 2026 के लोगो में आखिर क्या खास है?

ब्रिक्स 2026 के लोगो में भारत के राष्ट्रीय फूल कमल को दिखाया गया है, जिसके बीचोंबीच "नमस्ते" की मुद्रा उकेरी गई है. बता दें यह कोई सामान्य डिजाइन नहीं है बल्कि एक सार्वजनिक डिजाइन प्रतियोगिता के जरिए इसे चुना गया था. इसके अलावा इस लोगो को किसी बड़ी एजेंसी ने नहीं बल्कि आम जनता में से चुनी गई एक एंट्री ने तैयार किया. बता दें विदेश मंत्रालय के नागरिक सहभागिता मंच ने एक प्रतियोगिता आयोजित की थी. जिसमें सुदीप सुभाष गांधी की प्रविष्टि को विजेता चुना गया था, जिससे ये लोगों लिया गया है. 

BRICS Summit 2026 कमल और नमस्ते का प्रतीकात्मक मतलब क्या है?

कमल का फूल लचीलेपन और सामंजस्य का प्रतीक है. वहीं, इसकी पंखुड़ियों में इस्तेमाल किए गए अलग-अलग रंग ब्रिक्स के सदस्य देशों की विविधता को दर्शाते हैं. इसके अलावा नमस्ते की मुद्रा को लेकर भी गहरा अर्थ जोड़ा गया है. दरअसल, यह इशारा गर्मजोशी, सम्मान, समावेशिता और सभी भाग लेने वाले देशों के बीच संवाद का प्रतीक है. बता दें लोगो की हर पंखुड़ी को ब्रिक्स के अलग-अलग सदस्य देशों के झंडों के रंगों से जोड़ा गया है जिससे यह डिजाइन थीम के साथ भी पूरी तरह मेल खाता है।

क्या भारत में पहले भी BRICS Summit हो चुके हैं?

जानकारी के मुताबिक यह पहली बार नहीं है. जब भारत में ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा हो. दरअसल, भारत इसके स्थापना करने वाले देशों में से एक है और अब चौथी बार इस समूह की अध्यक्षता संभाल रहा है. इससे पहले भारत ने 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स की अगुवाई की थी.

BRICS Summit का ये यह कोई खास साल है?

2026 में ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है. यानी भारत की यह अध्यक्षता सिर्फ एक सामान्य आयोजन नहीं बल्कि ब्रिक्स के दो दशकों के सफर का जश्न भी है. भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान देशभर के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकों और उच्च स्तरीय आयोजनों की मेजबानी की है. ये सभी चर्चाएं ब्रिक्स के तीन मुख्य स्तंभों राजनीतिक-सुरक्षा सहयोग, आर्थिक-वित्तीय सहयोग और सांस्कृतिक व जन-जन के बीच आदान-प्रदान के इर्द-गिर्द केंद्रित रहीं थीं

BRICS Summit में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा किसकी होगी?

इस बार सबकी नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर टिकी रहेंगी. जो इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं. दोनों नेताओं की मुलाकात को इस पूरे आयोजन का सबसे चर्चित पल माना जा रहा है क्योंकि दिल्ली और बीजिंग पिछले कुछ सालों के तनाव के बाद रिश्तों को स्थिर करने की कोशिश में जुटे हैं.

ब्रिक्स नाम कहां से आया, यह कितने देशों का समूह है?

ब्रिक्स शब्द इसके संस्थापक देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती अक्षरों से बना है. बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया भी इस समूह के पूर्ण सदस्य बन गए थे. यानी अब यह सिर्फ पांच नहीं बल्कि दस देशों का बड़ा और ताकतवर समूह बन चुका है.

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BRICS Summit: 35 से ज्यादा सड़कें प्रभावित, 22 जगहों पर डायवर्जन… घर से निकलने से पहले देख लें दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी

BRICS Summit: नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन में विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और कई वीवीआईपी मेहमान शामिल होंगे. उनकी सुरक्षित और सुचारु आवाजाही के लिए दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घर से निकलने से पहले अपना रूट जरूर जांच लें और संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करें.

22 जगहों पर बदलेगा ट्रैफिक रूट

बता दें कि आज (11 सितंबर) भारत मंडपम और प्रगति मैदान के आसपास दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक खास ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी. इस दौरान 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है. पुलिस ने 22 प्रमुख स्थानों को डायवर्जन प्वॉइंट के रूप में चिन्हित किया है. जरूरत पड़ने पर इन जगहों से वाहनों को रोककर दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा. प्रभावित मार्गों में सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग और सुब्रह्मण्यम भारती मार्ग शामिल हैं. इसके अलावा मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टालस्टाय मार्ग और नीति मार्ग पर भी ट्रैफिक नियंत्रित किया जा सकता है.

इन इलाकों में विशेष सावधानी

डायवर्जन वाले प्रमुख स्थानों में डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, रामचरण अग्रवाल चौक, गुरु नानक चौक, कनॉट प्लेस का आउटर सर्किल, जनपथ, पटेल चौक, आरएमएल अस्पताल, वंदे मातरम मार्ग, धौला कुआं फ्लाईओवर और मोती बाग फ्लाईओवर शामिल हैं. इसके अलावा ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, लोधी रोड के कई चौराहे, नीला गुंबद, ओबेरॉय फ्लाईओवर के नीचे का इलाका, डीपीएस मथुरा रोड का यू-टर्न, रिंग रोड-भैरों रोड और मंडी हाउस पर भी ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी. डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक से मथुरा रोड और तिलक मार्ग की ओर जाने वाले वाहनों को रोका जा सकता है. ऐसे वाहन बहादुर शाह जफर मार्ग, आईपी मार्ग और सिकंदरा रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं. पटेल चौक पर विंडसर प्लेस और आरबीआई की ओर जाने वाले ट्रैफिक पर भी रोक लगाई जा सकती है.

VVIP काफिले के दौरान कुछ समय के लिए रुकेंगे वाहन

VVIP काफिलों की आवाजाही के समय मथुरा रोड, तिलक मार्ग, महाराजा रंजीत सिंह मार्ग, शांति पथ और सरदार पटेल मार्ग पर वाहनों को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है. अमृता शेरगिल मार्ग, मैक्स म्यूलर मार्ग, महर्षि रमण मार्ग और भैरों मार्ग पर भी स्थिति के अनुसार ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा. ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को प्रभावित सड़कों से बचने और रिंग रोड, बीएसजेड मार्ग, आईपी मार्ग, लोधी रोड, आउटर सर्किल और अशोका रोड जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.

सड़क किनारे पार्किंग पर रोक

आपको बता दें कि सम्मेलन स्थल के आसपास सड़क किनारे पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. भारत मंडपम से करीब 200 मीटर के दायरे में किसी वाहन को सड़क पर खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी. टैक्सी और ऑटो की पार्किंग भी तय जगहों तक सीमित रहेगी. बिना तय गंतव्य वाले दूसरे शहरों के व्यावसायिक वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक रहेगी.

एयरपोर्ट जाने वालों के लिए खास सलाह

ट्रैफिक पाबंदियों को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. गुरुग्राम से T2, T3 और T4 जाने वाले यात्रियों के लिए NH-48, राव गजराज सिंह मार्ग, पुरानी दिल्ली-गुरुग्राम रोड और UER-II जैसे रास्ते सुझाए गए हैं. वहीं, द्वारका से एयरपोर्ट जाने वाले यात्री सेक्टर-22 द्वारका रोड और UER-II का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं नई दिल्ली और दक्षिण दिल्ली से एयरपोर्ट जाने वालों के लिए एम्स चौक, रिंग रोड, मोती बाग चौक, RTR मार्ग, शंकर विहार फ्लाईओवर और महिपालपुर फ्लाईओवर जैसे रास्ते सुझाए गए हैं. सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार इन व्यवस्थाओं में बदलाव भी किया जा सकता है.

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Success Story: सड़क हादसे में खोया दायां हाथ, फिर भी नहीं हारी हिम्मत, 13 साल की केसर ने 6 मेडल जीत रचा इतिहास

Shooter Kesar Parikh Success Story: राजस्थान की 13 वर्षीय निशानेबाज केसर पारिक ने अपनी मेहनत और जज्बे से बड़ी उपलब्धि हासिल की है. बचपन में सड़क हादसे में दायां हाथ गंवाने के बावजूद केसर ने हौसला नहीं खोया और शूटिंग को अपना जुनून बना लिया. महज 6 से 8 महीने पहले शूटिंग शुरू करने वाली केसर ने देहरादून में आयोजित 45वीं नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 गोल्ड और 1 सिल्वर समेत 6 मेडल जीते. जयपुर की एकलव्य स्पोर्ट्स शूटिंग एकेडमी में वह रोजाना 6 से 8 घंटे ट्रेनिंग करती हैं. उनके कोच योगेश शेखावत के मार्गदर्शन में केसर तकनीक, शरीर का संतुलन और मानसिक मजबूती पर लगातार काम कर रही हैं. योगेश शेखावत पैरा शूटिंग से जुड़े हैं और उनके मार्गदर्शन में मोना अग्रवाल ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. केसर की सफलता साबित करती है कि शारीरिक चुनौती सपनों की राह रोक नहीं सकती. Sun, 13 Sep 2026 06:08:08 +0530

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