BRICS Summit: 35 से ज्यादा सड़कें प्रभावित, 22 जगहों पर डायवर्जन… घर से निकलने से पहले देख लें दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी
BRICS Summit: नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन में विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और कई वीवीआईपी मेहमान शामिल होंगे. उनकी सुरक्षित और सुचारु आवाजाही के लिए दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घर से निकलने से पहले अपना रूट जरूर जांच लें और संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करें.
22 जगहों पर बदलेगा ट्रैफिक रूट
बता दें कि आज (11 सितंबर) भारत मंडपम और प्रगति मैदान के आसपास दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक खास ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी. इस दौरान 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है. पुलिस ने 22 प्रमुख स्थानों को डायवर्जन प्वॉइंट के रूप में चिन्हित किया है. जरूरत पड़ने पर इन जगहों से वाहनों को रोककर दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा. प्रभावित मार्गों में सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, तीस जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग और सुब्रह्मण्यम भारती मार्ग शामिल हैं. इसके अलावा मथुरा रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टालस्टाय मार्ग और नीति मार्ग पर भी ट्रैफिक नियंत्रित किया जा सकता है.
BRICS Summit 2026
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) September 10, 2026
TRAFFIC ADVISORY
???? In view of the BRICS Summit on September 11, 2026, traffic diversions and regulated movement will be in place across key routes in Delhi from 2:00 PM to 8:30 PM.
* Commuters are advised to plan their journeys in advance, allow extra travel… pic.twitter.com/0BdSVHdElA
इन इलाकों में विशेष सावधानी
डायवर्जन वाले प्रमुख स्थानों में डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, रामचरण अग्रवाल चौक, गुरु नानक चौक, कनॉट प्लेस का आउटर सर्किल, जनपथ, पटेल चौक, आरएमएल अस्पताल, वंदे मातरम मार्ग, धौला कुआं फ्लाईओवर और मोती बाग फ्लाईओवर शामिल हैं. इसके अलावा ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, लोधी रोड के कई चौराहे, नीला गुंबद, ओबेरॉय फ्लाईओवर के नीचे का इलाका, डीपीएस मथुरा रोड का यू-टर्न, रिंग रोड-भैरों रोड और मंडी हाउस पर भी ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी. डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक से मथुरा रोड और तिलक मार्ग की ओर जाने वाले वाहनों को रोका जा सकता है. ऐसे वाहन बहादुर शाह जफर मार्ग, आईपी मार्ग और सिकंदरा रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं. पटेल चौक पर विंडसर प्लेस और आरबीआई की ओर जाने वाले ट्रैफिक पर भी रोक लगाई जा सकती है.
VVIP काफिले के दौरान कुछ समय के लिए रुकेंगे वाहन
VVIP काफिलों की आवाजाही के समय मथुरा रोड, तिलक मार्ग, महाराजा रंजीत सिंह मार्ग, शांति पथ और सरदार पटेल मार्ग पर वाहनों को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है. अमृता शेरगिल मार्ग, मैक्स म्यूलर मार्ग, महर्षि रमण मार्ग और भैरों मार्ग पर भी स्थिति के अनुसार ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा. ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को प्रभावित सड़कों से बचने और रिंग रोड, बीएसजेड मार्ग, आईपी मार्ग, लोधी रोड, आउटर सर्किल और अशोका रोड जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.
सड़क किनारे पार्किंग पर रोक
आपको बता दें कि सम्मेलन स्थल के आसपास सड़क किनारे पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. भारत मंडपम से करीब 200 मीटर के दायरे में किसी वाहन को सड़क पर खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी. टैक्सी और ऑटो की पार्किंग भी तय जगहों तक सीमित रहेगी. बिना तय गंतव्य वाले दूसरे शहरों के व्यावसायिक वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी रोक रहेगी.
एयरपोर्ट जाने वालों के लिए खास सलाह
ट्रैफिक पाबंदियों को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को मेट्रो का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. गुरुग्राम से T2, T3 और T4 जाने वाले यात्रियों के लिए NH-48, राव गजराज सिंह मार्ग, पुरानी दिल्ली-गुरुग्राम रोड और UER-II जैसे रास्ते सुझाए गए हैं. वहीं, द्वारका से एयरपोर्ट जाने वाले यात्री सेक्टर-22 द्वारका रोड और UER-II का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं नई दिल्ली और दक्षिण दिल्ली से एयरपोर्ट जाने वालों के लिए एम्स चौक, रिंग रोड, मोती बाग चौक, RTR मार्ग, शंकर विहार फ्लाईओवर और महिपालपुर फ्लाईओवर जैसे रास्ते सुझाए गए हैं. सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार इन व्यवस्थाओं में बदलाव भी किया जा सकता है.
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खुलते ही धड़ाम हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूटा
Stock Market Crashe: वैश्विक बाजारों में बढ़ती अस्थिरता का असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। कारोबार की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई। सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 707 अंक यानी 0.95 प्रतिशत गिरकर 74,192 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 238 अंक यानी 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,238 पर आ गया और 23,300 के स्तर से नीचे चला गया।
शुरुआती कारोबार में मेटल और रियल्टी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी मेटल और निफ्टी रियल्टी दोनों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और ये प्रमुख नुकसान वाले सेक्टर रहे। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, कमोडिटीज, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक, डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा और हेल्थकेयर से जुड़े सूचकांक भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
केवल निफ्टी आईटी ही हरे निशान में था
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखा जा रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 868 अंक या 1.40 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61,488 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 284 अंक या 1.33 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,756 पर था।
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, आईटीसी, भारती एयरटेल, टीसीएस और अदाणी पोर्ट्स गेनर्स थे। बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, इटरनल, सन फार्मा, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स और मारुति सुजुकी लूजर्स थे।
गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुआ अमेरिकी बाजार
ज्यादातर वैश्विक बाजारों में लाल निशान में कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसमें डाओ जोन्स 0.60 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और नैस्डैक 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
जानकारों ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण मार्केट के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। अगर यह ऊंची कीमत बनी रहती है या फिर और बढ़ जाती है, तो भारत की जीडीपी ग्रोथ और उसके नतीजतन कॉर्पोरेट की कमाई पर इसका असर काफी ज्यादा होगा। एक और बड़ी मुश्किल अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। 10-साल की यील्ड, जो अभी 4.96 प्रतिशत पर है, 5 प्रतिशत के स्तर के करीब पहुंच रही है। कई लोग इसे ग्लोबल इक्विटी मार्केट के लिए एक अहम मोड़ मानते हैं। ग्लोबल इक्विटी मार्केट में गिरावट की संभावना है, लेकिन इसका सही समय बताना मुश्किल है।
(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
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