Friday Gold-Silver Rate : सोने-चांदी के भाव गिरे, जानिए 11 सितंबर का भोपाल-इंदौर का 10 ग्राम सोने और 1 किलो चांदी का लेटेस्ट रेट
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानि शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। 11 सितंबर 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव लुढ़क कर 1,52,434 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया है, वहीं चांदी के रेट भी गिरकर 2,31,078 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
इसके अलावा इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) पर 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.34 लाख रुपये प्रति किलो पर बना हुआ है। इसके अलावा गुडरिटर्न्स पर 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया है, वहीं चांदी की कीमत 2,45,000 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
भोपाल-इंदौर का सोने-चांदी का ताजा भाव
भोपाल और इंदौर में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,940 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है। गहने बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोने का भाव 1,40,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,14,720 रुपये प्रति 10 ग्राम है। चांदी का भाव करीब 2,45,000 रुपये प्रति किलो बना हुआ है।
दिल्ली-लखनऊ समेत बड़े शहरों में क्या है रेट?
दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,040 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। 22 कैरेट सोना 1,40,300 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,14,820 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब चल रहा है।
मुंबई, पुणे, नागपुर, जयपुर, दिल्ली और लखनऊ में चांदी का भाव करीब 2,45,000 रुपये प्रति किलो है। वहीं चेन्नई, हैदराबाद, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और केरल में एक किलो चांदी की कीमत करीब 2,50,000 रुपये बताई जा रही है।
सोने-चांदी में हलचल के कारण
भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच सोने-चांदी, कच्चे तेल और डॉलर के बाजार में हलचल देखने को मिल रही है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने वैश्विक महंगाई की चिंता को फिर से बढ़ा दिया है। इसके चलते निवेशक भी सतर्क हो गए हैं।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,344.20 डॉलर प्रति औंस और सिल्वर 63.71 डॉलर प्रति औंस के आसपास टिके हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से बाजार में वैश्विक अस्थिरता है, जिसके चलते सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग बनी हुई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर ₹95.70 के दायरे में बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नवंबर 2026 तक युद्ध पूरी तरह से समाप्त होने के दावे से भी बाजार पर असर पड़ा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक संकट को देखते हुए निवेशकों को मौजूदा ऊंचे स्तरों पर एकमुश्त खरीदारी से बचना चाहिए। किसी भी गिरावट (Dips) पर किश्तों में सोना-चांदी जमा करने की रणनीति अपना सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार द्वारा घोषित अवकाश के दिनों में नए भाव जारी नहीं किए जाते हैं, इस दौरान बाजार बंद रहता है। शुक्रवार शाम को बंद हुए रेट ही शनिवार-रविवार को मान्य होते हैं।
- सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और HUID कोड जरूर जांचें।
- हॉलमार्क के निशान में BIS लोगो, कैरेट/शुद्धता, HUID नंबर और सेंटर मार्क होता है।
- 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 22 कैरेट पर 916 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।
- 24 कैरेट गोल्ड 99.9% शुद्ध होता है और 22 कैरेट में 91.6% शुद्धता ( 8.4% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक) होती है।
नोट- ऊपर दी गई सोने-चांदी की कीमतों में जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं, इसलिए शोरूम या स्थानीय बाजार से आभूषण खरीदते समय कीमतों में अंतर देखने को मिल सकता है। सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें।
12 सितंबर को खंडवा में नेशनल लोक अदालत, बिजली बिल और बैंक मामलों समेत इन विवादों का होगा समाधान
12 सितंबर 2026 को खंडवा में नेशनल लोक अदालत लगेगी, जिसमें लंबे समय से चल रहे कई विवादों को आपसी सहमति से खत्म करने का मौका मिलेगा। बैंक रिकवरी, बिजली बिल, मोटर दुर्घटना मुआवजा, वैवाहिक विवाद और चेक बाउंस जैसे मामलों में पक्षकार समझौते के जरिए समाधान पा सकेंगे।
जिला एवं सत्र न्यायालय खंडवा के साथ पुनासा और हरसूद के सिविल न्यायालयों में भी 12 सितंबर को लोक अदालत आयोजित की जाएगी। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर होने वाली इस लोक अदालत का उद्देश्य लोगों को लंबे समय तक चलने वाली अदालती प्रक्रिया से राहत देना और आपसी सहमति से विवादों का जल्दी समाधान कराना है।
किन मामलों का होगा निपटारा
खंडवा की नेशनल लोक अदालत में कई तरह के राजीनामा योग्य मामलों को रखा जा सकेगा। इनमें सिविल और आपराधिक शमनीय प्रकरण, चेक बाउंस से जुड़े धारा 138 के मामले, बैंक रिकवरी और मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के दावे शामिल हैं। इसके अलावा पति-पत्नी के बीच विवाद, श्रम विवाद और ऐसे दूसरे मामले भी समझौते के आधार पर निपटाए जा सकेंगे, जिनमें कानून इसकी अनुमति देता है।
बिजली बिल, जलकर और संपत्तिकर से जुड़े विवाद भी लोक अदालत में रखे जा सकते हैं। भूमि अधिग्रहण और राजस्व से जुड़े राजीनामा योग्य मामलों को भी यहां आपसी सहमति से सुलझाने का अवसर मिलेगा। इससे ऐसे लोगों को राहत मिल सकती है जो किसी विवाद के कारण लंबे समय से कोर्ट की प्रक्रिया में फंसे हुए हैं।
आपसी सहमति से होगा लोक अदालत का फैसला
लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान किया जाता है। इसमें किसी एक पक्ष पर फैसला थोपने के बजाय दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समझौते तक पहुंचने का मौका मिलता है। जब दोनों पक्ष समझौते पर सहमत हो जाते हैं, तो उसी आधार पर लोक अदालत में फैसला पारित किया जाता है।
लोक अदालत में पारित समझौता सामान्य अदालत के फैसले की तरह प्रभावी माना जाता है और दोनों पक्षों के लिए बाध्यकारी होता है। ऐसे मामलों में सामान्य तौर पर अपील का प्रावधान नहीं होता। इसलिए लोक अदालत में जाने वाले लोगों के लिए यह जरूरी है कि वे समझौते की सभी शर्तों को अच्छी तरह समझकर ही अपनी सहमति दें।
कोर्ट फीस भी वापस मिलने का प्रावधान
नेशनल लोक अदालत में मामला निपटने पर लोगों को आर्थिक राहत भी मिल सकती है। नियमों के अनुसार, जिन मामलों में न्यायालय शुल्क जमा किया गया है और उनका लोक अदालत के जरिए निराकरण हो जाता है, वहां नियमानुसार न्यायालय शुल्क वापस किया जा सकता है। इससे पक्षकारों पर मुकदमे का आर्थिक बोझ भी कम होता है।
प्री-लिटिगेशन मामलों का भी होगा समाधान
खंडवा नेशनल लोक अदालत की एक खास बात यह भी है कि इसमें केवल अदालत में चल रहे मामलों का ही निपटारा नहीं होगा। ऐसे विवाद जिनका मामला अभी कोर्ट में दर्ज नहीं हुआ है, उन्हें भी प्री-लिटिगेशन स्तर पर समझौते के लिए रखा जा सकता है। यानी विवाद कोर्ट तक पहुंचने से पहले ही दोनों पक्ष आपसी सहमति से उसका समाधान कर सकते हैं।
12 सितंबर की लोक अदालत से लोगों को क्या फायदा
खंडवा में 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है जिनके मामले समझौते के जरिए सुलझ सकते हैं। बैंक का कर्ज, बिजली बिल, चेक बाउंस, सड़क हादसे का मुआवजा या वैवाहिक विवाद जैसे मामलों में पक्षकार बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश कर सकते हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News







