Responsive Scrollable Menu

पुतिन का New Year प्रण! तबाह होंगे कीव के हाई प्रोफाइल दफ्तर, जनवरी में जेलेंस्की का सरेंडर

पुतिन आवास पर हमले का मामला उलझता जा रहा है। यूक्रेन का दावा है कि उसने पुतिन पैलेस नहीं सामरिक ठिकाने पर हमले किए। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की रिपोर्ट है कि पुतिन के पैलेस पर हमले नहीं हुए हैं। इसके बारे में ट्रंप को भी जानकारी दे दी गई है। लेकिन रूस और बेलारूस का कहना है कि अब कीव के नीति निर्माता केंद्र उसके निशाने पर हैं। बेलारूस के राष्ट्रपति ने कीव पर हमले की धमकी दी है। 30 दिसंबर को खबर आई कि यूक्रेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के राजकीय आवास पर हमले किए हैं। पुतिन के पैलेस पर यूक्रेन ने हमले नहीं किए। ट्रंप ने हमले की खबर आने के बाद रूस का पक्ष लिया था। ट्रंप ने कहा था कि यूक्रेन को टोमहक मिसाइल नहीं देना सही फैसला था। यूरोप के सभी देशों ने भी इस मामले पर यही कहा है कि रूस झूठे दावे कर रहा है। हालांकि रूसी रक्षा मंत्रालय ने सबूत पेश किए कि कीव ने नौबत क्षेत्र में राष्ट्रपति की आवास को जानबूझकर निशाना बनाकर हमला किया।

इसे भी पढ़ें: H-1B वीज़ा शुल्क पर ट्रंप का आदेश बरकरार: US कोर्ट ने चैंबर ऑफ कॉमर्स को झटका, भारत पर सीधा असर

रूस का कहना है कि यूक्रेन के हमलों को जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है। लेकिन वो इसे अनदेखा नहीं कर सकता है। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लोकाशेंको ने भी कीव पर हमले की धमकी दी है। लुकाशंको का इशारा साफ है कि 2026 में कीव की अहम इमारतों पर रूस के हमले होंगे। ऐसे में रूस का पहला टारगेट ऑनकी पैलेस हो सकता है जो यूक्रेनी राष्ट्रपति वदमीर जेलस्की का आधिकारिक आवास है। वहीं रूस का दूसरा टारगेट यूक्रेन का राष्ट्रपति कार्यालय हो सकता है जो बाकोवा स्ट्रीट पर मौजूद है। जंग से जुड़े ज्यादातर फैसले यहीं से लिए जाते हैं। रूस का तीसरा टारगेट वेर खोबना राधा हो सकता है जो यूक्रेन का संसद भवन है। । रूस का चौथा टारगेट हाउस ऑफ गवर्नमेंट हो सकता है। यह वेर खोबना राधा के पास मौजूद है। यहां मंत्रिमंडल की बैठकें होती हैं। आशंका है कि रूस यहां बैलेस्टिक मिसाइलों से हमले कर सकता है। लेकिन नए साल में खतरा सिर्फ यही नहीं है। इससे बड़ा खतरा भी कीव पर मंडरा रहा है। रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ कीव में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: Globmaster: जहां हर चौथा शख्स है हिंदुस्तानी, ऊंट-घोड़े बेचने वाले देश के तेल का बादशाह बनने की कहानी

बेलारूस की जमीन से रूसी फौज यूक्रेन में दाखिल होकर युद्ध का नया फ्रंट खोल सकती है। पुतिन के पैलेस पर हमले का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय सुर्खी बना था। उसी वक्त यूक्रेन ने कहा था कि रूस नए और बड़े हमलों का झूठा आधार तैयार कर रहा है। अब नए साल में मामला उसी तरफ जाता दिख रहा है। रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ कीव में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू हो सकते हैं। बेलारूस और यूक्रेन की सीमा पर रूसी फौज पहले से तैनात है। बेलारूस के फ्रंट से रूसी फौज की पर हमले शुरू कर सकती है।

Continue reading on the app

ढाका पहुंचे जयशंकर ने क्यों नहीं की युनूस से मुलाकात? भारत के तगड़े प्लान की इनसाइड स्टोरी

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बांग्लादेश की जमीन पर भूचाल ला दिया हैयूनुस के परखच्चे उड़ाते हुए भारत ने एक ऐसा काम किया है जिसने कट्टरपंथी ब्रिगेड के होश उड़ा डाले हैंढाका की राजनीति में एक ऐसा तूफान आने वाला है जो यूनुस और भारत विरोधियों को तबाही के रास्ते पर खड़ा करने वाला हैऐसा इसलिए क्योंकि भारत के विदेश मंत्री ने बांग्लादेश में अपनी 4 घंटे की यात्रा से एक बहुत बड़ा एक्शन लिया और पूरी दुनिया को भारत का एक साफ संदेश दिया। आपने एक बात गौर की होगी कि बांग्लादेश की सरज पर जब भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पहुंचे तो उन्होंने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से कोई भी मुलाकात नहीं की। दूसरी तरफ एस जयशंकर के खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी कि बीएनपी के नेता तारिक रहमान से मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई।

इसे भी पढ़ें: अभिनंदन पर पाक की पोल खोलने वाले नेता के जब सामने आए जयशंकर, किया कुछ ऐसा, हर तरफ चर्चा

विदेश नीति में जो होते दिखता है उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है वो छिपा हुआ संदेश जो भविष्य की तमाम नीतियों का संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ढाका पहुंचे तो थे खालिदा जिया की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त करने लेकिन इस यात्रा से भारत ने बांग्लादेश की सरकार को टेंशन में ला दिया है। हुआ यह कि ढाका पहुंचते ही एस जयशंकर ने पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। खालिदा जिया के बेटे और बीएनबी नेता तारिक रहमान से मुलाकात की। पीएम मोदी का शोक संदेश दिया। मुलाकात गर्मजशी से हुई। लेकिन सबसे दिलचस्प यह रहा कि एस जयशंकर की यूनुस से दूरी उनका यूनुस से मुलाकात ना करना जंगल में आग की तरह फैला। खबर सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा। अब सवाल उठा कि एस जयशंकर ने यूनुस को भाव क्यों नहीं दिया? क्या यह सोची समझी रणनीति है?

इसे भी पढ़ें: ढाका पहुंचे जयशंकर का गजब का धमाका, बांग्लादेश को हाथों-हाथ दिया मोदी का सीक्रेट संदेश!

इस सवाल को लेकर विदेश नीति से जुड़े जानकार मान रहे हैं कि भारत ने ना सिर्फ यूनुस की घनघोर बेइज्जती की है बल्कि साफ-साफ बता दिया है कि भारत बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के भविष्य को संदेह से देखता है और यूनुस को सिर्फ एक अस्थाई मुखिया मान रहा है। भारत यह भी जानता है कि बांग्लादेश में चुनाव हुए तो तारिक रहमान की सत्ता में वापसी लगभग तय है। ऐसे में केयरटेकर और चीन पाकिस्तान की गोद में बैठे यूनुस से दूरी बनाने का वक्त आ गया है। यूनुस से मुलाकात ना करके भारत ने सिर्फ यूनुस को ही संदेश नहीं दिया बल्कि बीए एनपी नेता तारिक रहमान को भी बता दिया कि दिल्ली उन्हें बांग्लादेश का भविष्य मान रही है।

इसे भी पढ़ें: बांग्लादेश बाहर, अफगानिस्तान के लिए भारत ने खोला खजाना, तोहफे में भेजा ये सब

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर का तारिक रहमान से मिलना एक सोचा समझा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि तारिक रहमान ना सिर्फ खालिदा जिया के बेटे हैं बल्कि उन्हें बांग्लादेश के अगले संभावित प्रधानमंत्री के रूप में भी देखा जा रहा है। पिछले दिनों तारीख ने जमात इस्लामी जैसे कट्टरपंथी सहयोगियों से दूरी बनाई है और वह अब बांग्लादेश फर्स्ट की बात करते हुए भी नजर आ रहे हैं। इस मुलाकात को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि भारत भविष्य के राजनीतिक विकल्पों पर नजर बनाए हुए हैं। जानकारों का कहना है कि शेख हसीना के जाने के बाद बीएनपी ने सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया कि विदेश नीति पर ज्यादा बयानबाजी ना हो। खासकर भारत के मामले में और यही वजह है कि पिछले डेढ़ साल में बीएनपी के किसी भी नेता ने भारत के खिलाफ कोई भी बयान नहीं दिया। उल्टे तारिक रहमान ने पाकिस्तान समर्थित जमान को निशाने पर लिया। 

Continue reading on the app

  Sports

2026 में 3 स्टार करेंगे भारत के लिए डेब्यू! लिस्ट में वैभव समेत ये धाकड़ खिलाड़ी

Vaibhav Suryavanshi: नए साल का आगाज हो चुका है. एक तरफ रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ी फोकस में होंगे तो दूसरी ओर इस साल कई युवा स्टार टीम इंडिया के लिए डेब्यू करते नजर आ सकते हैं. IPL और घरेलू टूर्नामेंट्स में लगातार शानदार प्रदर्शन करने के बाद कई युवा खिलाड़ी सुर्खियों में हैं. 2025 में कई अनकैप्ड स्टार्स ने टीम इंडिया में जगह बनाई. ऐसे में आइए में हम वो तीन नाम लेकर आए हैं, जिन्हें इस साल टीम इंडिया की कैप मिल सकती है. Fri, 2 Jan 2026 11:36:34 +0530

  Videos
See all

Congress - BJP Workers Clash : बेल्लारी में कांग्रेस- बीजेपी कार्यकर्ता भिड़े | #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-02T06:15:56+00:00

Indore water Contamination : इंदौर में मौत के आंकड़ें अलग-अलग क्यों ? | MP News | #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-02T06:17:56+00:00

Indore Water Case : इंदौर में गंदे पानी से मौत मामले में आज सुनवाई | MP High Court | #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-02T06:19:49+00:00

Heavy Crowd in Temples on New Year 2026 : नए साल पर मंदिरों में भक्तों का सैलाब | Ayodhya | #Shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-02T06:21:40+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers