केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल अमेरिका में 'जी20 ऊर्जा मंत्रियों' की बैठक में हिस्सा लेंगे
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल 14 से 16 सितम्बर 2026 तक जी20 ऊर्जा मंत्रियों की अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित बैठक में भाग लेंगे। अमेरिका की मेजबानी में आयोजित जी20 की अध्यक्षता वाली इस बैठक में जी20 सदस्य देशों के ऊर्जा मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि एकत्रित होकर वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा की वहनीयता, अवसंरचना विकास और सुदृढ़ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह जानकारी विद्युत मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई।
मंत्रालय के मुताबिक, मंत्री तीन प्रमुख आधारों के तहत आयोजित मंत्रिस्तरीय सत्रों में भाग लेंगे, जिसमें “इनर्जी सिक्यूरिटी एंड एफोर्डएबल बेसलोड,” “परमिटिंग एंड रेग्यूलेटरी एफीशिएन्सी” तथा “क्रिटिकल मिनरल्स एंड रेसिलिएन्ट सप्लाई चेन” शामिल हैं।
चर्चाओं में ऊर्जा सुरक्षा और वहनीयता को मजबूत करने, कुशल नियामक ढांचे के माध्यम से ऊर्जा अवसंरचना के समयबद्ध विकास को सुगम बनाने तथा सुरक्षित, सुदृढ़ और विविधीकृत महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान, मनोहर लाल भारत के उस दृष्टिकोण को उजागर करेंगे, जिसके तहत एक सुदृढ़ और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है, जो देश की तेजी से बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो। साथ ही, वे संस्थागत और नीतिगत सुधारों के माध्यम से अनुमति प्रदान करने और नियामक दक्षता बढ़ाने में भारत के अनुभव को साझा करेंगे तथा महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में विविधीकरण, चक्रीयता और संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर भारत के जोर को रेखांकित करेंगे।
केंद्रीय मंत्री की भागीदारी उभरती वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों से निपटने में रचनात्मक अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामूहिक कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करेगी। भारत व्यावहारिक, समावेशी और प्रौद्योगिकी-तटस्थ दृष्टिकोणों की वकालत करता रहेगा, जो विभिन्न देशों की परिस्थितियों का सम्मान करते हुए सभी के लिए सुरक्षित, किफायती, विश्वसनीय, सुदृढ़ और टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों को आगे बढ़ाएं।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
BRICS Summit 2026: दिल्ली के 5- स्टार होटल में खास इंतजाम, विदेशी मेहमानों के लिए सुरक्षा से लेकर शाही मेन्यू तक तैयार
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राजधानी पूरी तरह से तैयार है. विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए दिल्ली के प्रमुख पांच सितारा होटलों में विशेष तैयारियां की गई हैं. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मेहमानों के खान-पान और ठहरने के लिए भव्य और अत्याधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं.
ईरानी राष्ट्रपति की सुरक्षा और द्विपक्षीय वार्ता
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजिशियान केंद्रीय दिल्ली स्थित द ओबेरॉय होटल में ठहरेंगे. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच उनकी सुरक्षा को अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है. इसी के मद्देनजर ओबेरॉय होटल के आसपास नेटवर्क जैमिंग से लेकर एंटी-ड्रोन सिस्टम तक तैनात किए गए हैं. बिना रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) पास के होटल स्टाफ को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है.
होटल के बाहर अभेद्द सुरक्षा घेरा
होटल में सुरक्षा का चार स्तरीय घेरा तैयार किया गया है. सबसे बाहरी सुरक्षा की कमान दिल्ली पुलिस संभाल रही है, जबकि मध्य परत में अर्धसैनिक बल तैनात हैं. आंतरिक सुरक्षा में एनएसजी के कमांडो मौजूद हैं और राष्ट्रपति के सबसे नजदीकी घेरे में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की सीक्रेट सिक्योरिटी टीम तैनात रहेगी. सुरक्षा बल अत्याधुनिक असॉल्ट राइफलों, मेटल डिटेक्टर्स और बम निरोधक दस्तों के साथ मुस्तैद हैं. सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पजिशियान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी. यह मुलाकात पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के साथ-साथ नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, चाबहार पोर्ट में भारतीय निवेश और अफगानिस्तान से कनेक्टिविटी जैसे सामरिक मुद्दों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है.
प्रमुख होटलों में मेहमानों का ठहराव और सुविधाएं
ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने आ रहे विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं के लिए दिल्ली के अन्य प्रतिष्ठित होटलों को भी सुरक्षा और luxury के लिहाज से सजाया गया है. आईटीसी मौर्या में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ठहर रहे हैं, जबकि ताज होटल में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रवास की व्यवस्था की गई है. होटल द ललित में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, बुरुंडी के राष्ट्राध्यक्ष और यूएई सहित कई अन्य देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को ठहराया गया है. होटल द ललित में राष्ट्राध्यक्षों के लिए 3500 वर्ग फुट में फैला एक विशेष प्रेसिडेंशियल सूट तैयार किया गया है. यह सूट पूरी तरह बुलेटप्रूफ है और इसमें हाई-टेक सुरक्षा के साथ लग्जरी का खास ध्यान रखा गया है. इसके भीतर ही बेडरूम से लेकर पर्सनल मीटिंग हॉल तक की व्यवस्था की गई है.
भारतीय संस्कृति और खान-पान की झलक
विदेशों से आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए होटलों में भव्य रेड कार्पेट बिछाए गए हैं और ब्रिक्स की थीम पर आधारित आकर्षक रंगोलियां बनाई गई हैं. स्वागत के लिए विशेष रूप से व्हाइट चॉकलेट से तैयार ब्रिक्स लोगो पेश किया जाएगा. खान-पान के मोर्चे पर मेहमानों के लिए भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मेन्यू भी शामिल किया गया है. स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए इस बार के मेन्यू में भारत के पारंपरिक 'मिलेट्स' (श्री अन्न) से बने व्यंजनों को प्रमुखता से शामिल किया गया है, ताकि विदेशी प्रतिनिधि भारत के समृद्ध खान-पान के स्वाद का अनुभव कर सकें.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation






