Ganesh Chaturthi 2026: गणपति बप्पा को लगाएं पूरन पोली का भोग, घर पर बनाएं महाराष्ट्र की ये खास मिठाई
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही घरों में तरह-तरह के पकवान बनने शुरू हो जाते हैं। भोग के लिए मोदक और लड्डू के अलावा आप इस बार पूरन पोली भी ट्राई कर सकते हैं। इसका स्वाद मीठा और बेहद खास होता है, जबकि इसे बनाने के लिए घर में आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।
पूरन पोली की खासियत इसकी मीठी फिलिंग है। इसमें चना दाल को गुड़ के साथ पकाया जाता है और इलायची-जायफल जैसे मसालों से खुशबूदार बनाया जाता है। तैयार फिलिंग को आटे की लोई में भरकर बेलने के बाद तवे पर घी लगाकर सेंका जाता है। जानें इसे घर पर बनाने का आसान तरीका।
पूरन पोली बनाने के लिए सामग्री
आटा तैयार करने के लिए
- गेहूं का आटा
- थोड़ा सा नमक
- घी या तेल
- जरूरत के अनुसार पानी
फिलिंग के लिए
- चना दाल
- गुड़
- इलायची पाउडर
- जायफल पाउडर
- थोड़ा सा घी
कैसे बनाएं पूरन पोली?
1. सबसे पहले तैयार करें चना दाल
चना दाल को अच्छी तरह धोकर करीब 30 मिनट के लिए भिगो दें। इसके बाद इसे नरम होने तक पकाएं। दाल पकने के बाद अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निकाल दें, ताकि फिलिंग ज्यादा पतली न हो।
2. बनाएं मीठी फिलिंग
अब पकी हुई दाल को एक पैन में डालें और इसमें गुड़ मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। मिश्रण को लगातार चलाते रहें, जब तक यह गाढ़ा होकर एकसार न हो जाए। आखिर में इसमें इलायची और थोड़ा जायफल पाउडर डाल दें। तैयार मिश्रण को ठंडा होने दें।
3. गूंथें नरम आटा
एक बर्तन में गेहूं का आटा लें। इसमें थोड़ा नमक और घी या तेल डालकर मिलाएं। पानी की मदद से नरम आटा गूंथ लें और इसे कुछ देर ढककर रख दें। नरम आटा होने से पूरन पोली बेलना आसान रहता है।
4. लोई में भरें पूरन
आटे की छोटी लोई बनाकर उसे थोड़ा फैलाएं। बीच में तैयार चना दाल और गुड़ की फिलिंग रखें और किनारों को बंद कर दें। अब इसे हल्के हाथों से बेलकर पूरन पोली का आकार दें।
5. तवे पर सेंकें
गर्म तवे पर पूरन पोली रखें और दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक सेंकें। सेंकते समय ऊपर से थोड़ा घी लगाएं। जब पूरन पोली अच्छी तरह सिक जाए तो इसे तवे से उतार लें।
पूरन पोली बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- दाल पकाने के बाद उसका अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निकालें।
- फिलिंग को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही आटे में भरें।
- आटा बहुत सख्त न गूंथें, वरना पूरन पोली बेलने में परेशानी हो सकती है।
- पूरन पोली को मध्यम आंच पर सेंकें।
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Acidity Home Remedies: बार-बार हो रही है एसिडिटी? राहत के लिए आजमाएं ये 4 आसान आयुर्वेदिक उपाय
Acidity Home Remedies: पेट में जलन, और खाना खाने के बाद भारीपन आपका दिन खराब कर सकता है। अनियमित खान-पान, ज्यादा मसालेदार खाना, चाय-कॉफी और तनाव जैसी आदतें अक्सर एसिडिटी की परेशानी बढ़ा देती हैं। ऐसे में हर बार दवा लेने के बजाय कुछ आसान घरेलू और आयुर्वेदिक उपायों को भी आजमाया जाता है। जानें ऐसे ही 4 आसान उपाय, जो पाचन संबंधी परेशानी में राहत पहुंचाने में मदद कर सकते हैं।
एसिडिटी क्यों होती है?
एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स में पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे सीने या पेट के ऊपरी हिस्से में जलन महसूस होती है। इसके साथ खट्टी डकार, पेट फूलना, अपच, जी मिचलाना और खाना खाने के बाद भारीपन जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
एसिडिटी में राहत के लिए 4 आसान घरेलू उपाय
1. धनिया के बीज
धनिया के बीजों का पानी पाचन संबंधी परेशानी में इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए धनिया के बीजों को पानी में उबालकर काढ़ा तैयार किया जा सकता है। इसे छानकर ठंडा होने के बाद पीने की सलाह दी जाती है।
2. सौंफ का पानी
खाने के बाद सौंफ चबाना भारतीय घरों में काफी आम है। एसिडिटी के साथ पेट फूलने या भारीपन की शिकायत हो तो सौंफ का इस्तेमाल किया जा सकता है। सौंफ को पानी में उबालकर या रातभर पानी में भिगोकर उसका पानी पीने का तरीका भी बताया गया है।
3. दूध
कुछ लोगों को एसिडिटी के दौरान ठंडा दूध पीने से अस्थायी राहत महसूस हो सकती है। मूल लेख में दूध के साथ मुलेठी या इलायची के इस्तेमाल का भी उल्लेख है। हालांकि, दूध हर व्यक्ति को एसिडिटी में सूट करे, यह जरूरी नहीं है, इसलिए शरीर की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखना बेहतर है।
4. आंवला
आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल है। लेख में एसिडिटी के लिए आंवले के जूस को पानी में मिलाकर लेने या आंवला पाउडर को शहद के साथ लेने का सुझाव दिया गया है। इसे घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल करने से पहले अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- अगर आपको बार-बार एसिडिटी होती है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी दिनचर्या पर भी ध्यान दें।
- बहुत ज्यादा मसालेदार और तला-भुना खाना कम करें, खाना समय पर खाएं और खाने के तुरंत बाद न लेटें।
- चाय, कॉफी और सॉफ्ट ड्रिंक का अधिक सेवन भी कम करना फायदेमंद हो सकता है।
(Disclaimer): यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय को नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।
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