Masood Azhar पर Pakistan ने जारी रखा 70 लाख का इनाम, Red Book में दर्ज
पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर की गिरफ्तारी में मदद देने वाली जानकारी के लिए 70 लाख रुपये का इनाम बरकरार रखा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अजहर पाकिस्तानी संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) की सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल है।
जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक अजहर भारत में कई आतंकी मामलों में वांछित है, जिनमें 2001 में संसद पर हुआ हमला भी शामिल है। वह उन 20 भगोड़ों में भी शामिल था जिन्हें भारत ने पाकिस्तान से सौंपने को कहा था। भारत ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद यह मांग फिर दोहराई थी।
भारतीय अधिकारियों ने जैश-ए-मोहम्मद का संबंध बाद के कई हमलों से भी जोड़ा है, जिनमें 2016 का पठानकोट एयरबेस हमला और 2019 का पुलवामा हमला शामिल हैं। भारत कई सालों से पाकिस्तान पर अजहर को शरण देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि वह भागकर अफ़गानिस्तान चला गया था। हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के दावे को खारिज कर दिया है।
एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार अजहर का नाम 2021 में एफआईए की सबसे अधिक वांछित आतंकवादियों की सूची ‘रेड बुक’ में शामिल किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उसका नाम 2026 की ‘रेड बुक’ में भी शामिल किया गया है। सूची में उसे जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख के तौर पर पहचाना गया है और इसमें प्रविष्टि की तारीख 31 दिसंबर, 2021 दी गई है।
इस सूची में अजहर का नंबर 1480 है और इसमें सबसे 1,804 आतंकवादियों के नाम शामिल हैं। प्रविष्टि में अजहर को स्वस्थ, भारी-भरकम शरीर वाला और मध्यम कद-काठी का बताया गया है। प्रविष्टि में कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान की संघीय/प्रांतीय सरकार मौलाना मसूद अजहर (पिता खुदा बख्श) की गिरफ्तारी या सजा दिलाने में सीधे तौर पर मदद करने वाली जानकारी के लिए 70 लाख रुपये तक का इनाम देगी।’’ ताजा घटनाक्रम वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की अगली पूर्ण बैठक से पहले हुआ है, जिसका आयोजन 26 से 30 अक्टूबर तक पेरिस में होना है।
ब्रिटेन जाने वालों की होश उड़ा देगी ये खबर! भारत भी चौंका
इस्लाम ब्रिटेन में सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रमुख मजहब बन गया है। अब इसी ब्रिटेन से एक ऐसी खबर आई है जिसे जानकर सब घबरा जाएंगे। भारत के जो लोग ब्रिटेन में रहने या वहां बसने के सपने देखते हैं वो जरा सावधान हो जाएं। दरअसल यूके यानी यूनाइटेड किंगडम के चार टुकड़े हो सकते हैं और यह मजाक बिल्कुल नहीं है। इस खबर ने पूरे यूरोप को हिला दिया है। फर्स्ट इन माय ब्लड लाइन। आजकल सोशल मीडिया पर इस लाइन का इस्तेमाल बड़ा ट्रेंड बन गया है। लोग इस ट्रेंड का उपयोग तब करते हैं जब वो अपने परिवार या पूरे खानदान में कोई ऐसा बड़ा मुकाम हासिल कर ले या कुछ ऐसा देख लें जो उनसे पहले ना तो किसी ने देखा है और ना ही किया है। अब भारत के कई लोग बोल रहे हैं कि फर्स्ट इन माय ब्लड लाइन जो उस यूनाइटेड किंगडम का बंटवारा देखेंगे जिसने हमारे देश का बंटवारा किया था।
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दरअसल स्कॉटलैंड वेल्स और नॉर्दन आयरलैंड अब यूनाइटेड किंगडम से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं। आपको बता दें कि यूनाइटेड किंगडम चार अलग-अलग देशों से मिलकर बना एक संप्रभु राज्य है। जिनमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड शामिल हैं। अब इन चारों में से स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड ने ब्रिटेन से बगावत कर दी है। स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड ने कहा है कि हम यूके से अलग होने के लिए जनमत संग्रह कराने पर भी विचार कर रहे हैं। आपको बता दें कि स्कॉटलैंड की सत्ताधारी पार्टी एसएपी स्कॉटलैंड यूके से अलग होकर एक स्वतंत्र देश बनने की बातें काफी सालों से कर रही है। वेल्स की राष्ट्रवादी पार्टी प्लाइड कर्मी भी वेल्स को अब एक अलग देश बनाने की मांग करने लगी है। इसके अलावा उत्तरी आयरलैंड की सत्ताधारी पार्टी सिंफेन यूके से अलग होकर आयरलैंड में जुड़ने की बातें करने लगी है।
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आपको बता दें कि स्कॉटलैंड की आजादी इस पूरी बहस का सबसे बड़ा मुद्दा है। स्कॉटलैंड किसी भी कीमत पर यूके से आजादी चाहता है। इतिहास में स्कॉटलैंड और इंग्लैंड की सेनाओं के बीच लंबे समय तक खूनी संघर्ष चला था। इंग्लैंड के सैनिकों ने स्कॉटलैंड की हजारों महिलाओं का यौन शोषण किया था। स्कॉटलैंड के हजारों लोगों को मारा था। इसके बाद ब्रिटेन ने भारत में भी बेहिसब अत्याचार किए। पूरे भारत को लूट मारा। अब पाप का घड़ा भर गया है। ब्रिटेन बंटवारे की कगार पर है। इसी बीच तुर्फ का इक्का डोन्ड ट्रंप ने चल दिया। आयरलैंड की यात्रा पर गए डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दे दिया। ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही आयरलैंड और उत्तरी आयरलैंड को मिलते हुए देखना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि आयरलैंड का एकीकरण होना चाहिए।
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