जीत के साथ होगी खत्म...नए साल पर पुतिन का ऐलान, सुनकर ट्रंप भी हैरान
73 साल के व्लादमीर पुतिन जिस स्वैग में नए साल पर दिखे, वह अंदाज बताता है वह अपनी 4 साल पुरानी धुन में कायम है। उनकी धुन के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप क्या सोचते हैं या ट्रंप से मीटिंग में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलादमीर जेलस्की क्या प्लान करते हैं? पुतिन को कतई परवाह नहीं है। दोनों की मुलाकात से पहले ही पुतिन ने यूक्रेन पर फुल स्केल अटैक का आर्डर दे दिया। अटैक के बाद पुतिन का मैसेज रूस की शर्त मानो या फिर झेलो। पुतिन का वो अटैक ट्रंप और जेलस्की की मीटिंग में बड़ा मसला था। लेकिन ट्रंप ने इसे तवज्जो नहीं दी। जैसा ट्रंप को पुतिन का अंदाज पता है। यह शख्स शांति समझौता भी करेगा तो अपनी शर्तों पर उससे कम पर पुतिन को कुछ भी मंजूर नहीं। भले ही यूक्रेनी राष्ट्रपति आखिरी सांस तक लड़ने का जज्बा रखते हो।
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नए साल से पहले मीटिंग से लौटे जेलेंस्की पुतिन पर सीधे मल्टी ड्रोन अटैक का आर्डर देते हो। अटैक के बाद रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने 91 ड्रोन से पुतिन के आवास पर अटैक किया। यानी सीधे जान लेने की कोशिश। इसे ट्रंप ने भी यूक्रेन की बुरी चाल बताया। हालांकि ट्रंप ने एक मध्यस्थ की तरह ड्रोन हमले की पुष्टि नहीं की। ट्रंप ने कहा कि हो सकता है कि हमला हुआ ही ना हो लेकिन रूस ने ड्रोन अटैक का वीडियो जारी कर जेलस्की की असली मंशा जाहिर की। यूक्रेन के ड्रोन अटैक के बाद पुतिन की यह पहली एंट्री थी। वैसे तो पुतिन हर नए साल पर अपने राष्ट्र और इसके लिए लड़ रही सेना के नाम संदेश देते हैं। लेकिन इस बार बॉडी लैंग्वेज अलग नजर आया।
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पुतिन ने अपने नए साल के संदेश में साफ कर दिया कि 2026 में अपने स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाएंगे। और रूसी साम्राज्य के 1000 साल के इतिहास और गौरव को यूक्रेन विजय के साथ पूरा करेंगे। इस बात को ट्रंप और दूसरे यूरोपीय देश अच्छी तरह समझ चुके हैं कि पुतिन 2026 में इस जंग को अंतिम अंजाम तक पहुंचाने की कमर कस चुके हैं। सैन्य ऑपरेशन पर खर्च से लेकर जेलस्की की बढ़ती जिद और यूरोपीय देशों का सपोर्ट। पुतिन इस पूरी सपोर्ट लाइन को तोड़ने का इरादा कर चुके हैं। यह उनकी स्पीच में साफ दिखता है। दुनिया रोक सके तो रोक ले। हम तो अपने विजय पथ पर चलकर रहेंगे।
न्यूयॉर्क सिटी के नए मेयर बने जोहरान ममदानी, क़ुरान के साथ ली शपथ
नव वर्ष 2026 की शुरुआत के ठीक बाद, गुरुवार को ज़ोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के 112वें महापौर के रूप में औपचारिक शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह पुराने सिटी हॉल सबवे स्टेशन पर आयोजित किया गया था, जिसमें ममदानी के करीबी मित्र और परिवार के सदस्य, जिनमें उनकी पत्नी रमा दुवाजी भी शामिल थीं। 34 वर्षीय भारतीय मूल के क्वींस राज्य विधानसभा सदस्य को अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने शपथ दिलाई। ममदानी, जो न्यूयॉर्क शहर के पहले मुस्लिम महापौर होंगे, ने कुरान पर हाथ रखकर शपथ ली। डेमोक्रेट मामदानी ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा यह वास्तव में जीवन भर का सम्मान और सौभाग्य है।
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यह समारोह सिटी हॉल पार्क के नीचे एक भव्य, परित्यक्त पुराने सबवे स्टेशन में आयोजित हुआ, जिसमें उनकी पत्नी एवं कलाकार रमा दुवाजी उनके साथ मौजूद थीं। इसके कुछ घंटे बाद बृहस्पतिवार दोपहर को सिटी हॉल के बाहर, न्यूयॉर्क सिटी सरकार के मुख्यालय में ममदानी का औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां वर्मोंट के सीनेटर बर्नी सैंडर्स नए मेयर को शपथ दिलाएंगे। भारतीय मूल के ममदानी प्रसिद्ध फिल्मकार मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं। उनका जन्म और पालन-पोषण युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ और वह सात साल की उम्र में अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क शहर आ गए। ममदानी 2018 में अमेरिकी नागरिक बने। ममदानी ने पहले कहा था कि उनका शपथ ग्रहण ‘न्यूयॉर्क के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें कामकाजी न्यूयॉर्कवासियों को केंद्र में रखा जाएगा। अपने ऐतिहासिक शपथ ग्रहण स्थल के रूप में पुराने सबवे स्टेशन को चुनने पर ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने ममदानी के हवाले से लिखा कि जब ‘ओल्ड सिटी हॉल स्टेशन’ पहली बार 1904 में खुला था तब यह न्यूयॉर्क के 28 मूल सबवे स्टेशनों में से एक था। उस वक्त यह ‘‘एक ऐसे शहर का भौतिक प्रतीक था, जिसने खूबसूरती के साथ साथ ऐसी महान परियोजनाएं खड़ी कीं, जिन्होंने कामकाजी लोगों के जीवन को बदल दिया।
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ममदानी ने नवंबर में हुए चुनाव में निर्णायक और ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा और वरिष्ठ नेता एवं न्यूयॉर्क राज्य के पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्यूमो को हराया था, जो एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे और जिन्हें चुनाव की पूर्व संध्या पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिला था।
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