पंजाब में 10 लाख तक मुफ्त इलाज:महिलाओं को हर महीने ₹1100, युवाओं को बस परमिट मिलेंगे; IPL का हाई एंटरटेनमेंट दिखेगा
पंजाब में साल 2026 लोगों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी लेकर आएगा। साल के शुरुआत में पंजाब में हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके बाद हर महिला को प्रति महीने 1100 रुपए मिलने शुरू हो जाएंगे। इसके लिए 1 करोड़ से ज्यादा महिलाएं 4 साल से इंतजार कर रही थीं। इसी बीच लोगों को सरकारी बसों का भी आरामदायक सफर मिलेगा, क्योंकि सरकार नई बसें खरीद रही है। युवाओं को भी बस परमिट से रोजगार मिलेगा। इसके साथ फैंस मोहाली और धर्मशाला में IPL के हाई एंटरटेनमेंट मुकाबलों का भी आनंद उठाएंगे। AAP सरकार का आखिरी बजट आएगा। जिसमें लोगों पर कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। इसके साथ ही शिक्षा-सेहत समेत कई क्षेत्रों में बजट की मोटी राशि मिलेगी। साल के अंत में पंजाब इलेक्शन मूड में चला जाएगा। सरकार भी इसे लेकर ताबड़तोड़ फैसले लेगी। राजनीति भी गर्माएगी और राजनीतिक दलों में खूब जोड़-तोड़ भी नजर आएगा। चंडीगढ़ को निगम पार्षदों की इस टर्म का 5वां और आखिरी मेयर मिलेगा। इस बार पार्षद हाथ खड़े कर मेयर का चुनाव करेंगे। इलाज के खर्चे की टेंशन खत्म, 10 लाख तक सरकार देगी पंजाब के लोगों को 2026 की शुरुआत में ही कैशलेस इलाज का लाभ मिलेगा। इसके लिए पंजाब सरकार मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू करेगी। CM भगवंत मान ने कहा कि इसे जनवरी में ही शुरू कर देंगे। इसमें बिना किसी सालाना इनकम लिमिट के हर परिवार को हर साल ₹10 लाख तक का केसलैस इलाज मिलेगा। यह योजना सभी के लिए है, चाहे उनकी आय हो या न हो। अभी सरकार 45 लाख परिवारों को 5 लाख रुपए तक का बीमा दे रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं अस्पतालों में मिलेगा जो सरकार की सूची में शामिल हैं। इस योजना में 2000 से अधिक तरह की बीमारियों और क्लिनिकल टेस्टों को शामिल किया गया है। चंडीगढ़ को पहली बार हाथ खड़े करके मिलेगा मेयर चंडीगढ़ नगर निगम को नए साल में नया मेयर मिल जाएगा। इस बार मेयर सीट रिजर्व नहीं है। ऐसे में 35 पार्षदों में जिस पार्टी के पास बहुमत का आंकड़ा होगा, उसमें से कोई भी पार्षद मेयर चुना जा सकता है। मौजूदा मेयर हरप्रीत कौर बबला का कार्यकाल 29 जनवरी को पूरा होगा। चंडीगढ़ में भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तीन प्रमुख पार्टियां हैं। इस बार सीक्रेट बैलेट की जगह चुनाव पार्षदों के हाथ खड़े करवाकर किया जाएगा। चंडीगढ़ में हर साल नया मेयर बनता है। कुछ दिन पहले ही AAP की 2 पार्षद सुमन देवी और पूनम के BJP में आने से वह सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है। हालांकि अगर AAP व कांग्रेस ने 2025 की तरह साथ मिलकर चुनाव लड़ा तो दोनों तरफ टाई हो जाएगा। ऐसे में मेयर चुनाव के दिन वोटिंग से पहले पार्षदों की दलबदली और वोटिंग के दिन गैरहाजिरी, दोनों पर सबकी नजर है। भगवंत मान सरकार का आखिरी बजट पंजाब में भगवंत मान सरकार का कार्यकाल अब लगभग सवा साल रह गया है। मार्च 2027 में नई सरकार का गठन हो जाएगा। ऐसे में मार्च 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार का आखिरी बजट पेश करेंगे। सरकार इस बजट को इलेक्शन को ध्यान में रखते हुए तैयार करेगी। जिससे साफ है कि सरकार इस बजट में लोगों को राहत देगी और नई योजनाओं की घोषणा करेगी। आम आदमी पार्टी इस बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य की योजनाओं की घोषणा कर सकती है। सरकार युवाओं के लिए रोजगार को लेकर अहम घोषणा कर सकती है। जिसमें सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के साथ साथ युवाओं को स्वरोजगार के लिए सहयोग करने जैसी घोषणाएं सरकार के आखिरी बजट में होंगी। इसके अलावा सरकार स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ साथ सरकारी अस्पतालों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को इंप्रूव करने के लिए नई योजना की घोषणा कर सकती है। पंजाब में किसान वर्ग सरकार से नाराज चल रहा है तो सरकार इस बजट में किसानों के लिए भी कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती है। नशा मुक्त पंजाब के लिए भी सरकार बजट में कोई विशेष प्रावधान लाएगी। महिलाओं को 11-11 सौ रुपए मिलेंगे पंजाब में 2026 में महिलाओं का 4 साल का इंतजार खत्म होगा। 2022 के चुनाव में घोषणा करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) 2026 में इस वादे को पूरा करेगी। जिसमें मार्च में बजट में व्यवस्था कर महिलाओं को हर महीने 1100 रुपए दिए जाएंगे। AAP लगातार विरोधियों के निशाने पर रही लेकिन आम आदमी पार्टी के नेताओं का यही कहना था कि उन्होंने ऐलान जरूर किया था लेकिन इसके लिए उन्हें पूरे 5 साल का टाइम मिला था। उन्होंने फ्री बिजली की गारंटी नहीं दी थी लेकिन फिर भी हर परिवार काे 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी। हालांकि 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में महिलाओं के गुस्से का शिकार न होना पड़े, इसलिए सरकार इसे इस साल शुरू कर रही है। विरोधियों का अब भी कहना है कि AAP सरकार पिछले 4 साल का बकाया भी महिलाओं को दे। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक अप्रैल 2026 से महिलाओं को 1100 रुपए प्रति महीने मिलने शुरू हो जाएंगे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा मजबूत, 1262 नई बसें आएंगी पंजाब में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होगा। सरकार इस साल 1,262 नई बसें खरीदेगी। ये बसें पीआरटीसी व पनबस में शामिल की जाएंगी। इसमें कुछ मिनी बसें भी हैं। इसके अलावा पंजाब सरकार सूबे के युवाओं को भी मिनी बस के परमिट देने जा रही है ताकि उनको रोजगार मिल सके। युवाओं को मिनी बस खरीदने के लिए सरकार लोन की व्यवस्था भी करवाएगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में घोषणा की थी कि पंजाब के हर गांव को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। आरामदायक बसें, युवाओं को परमिट- सरकार कुल 1,262 नई बसों की खरीद करेगी।- एक बस की खरीद पर ₹35 से ₹40 लाख खर्च होंगे।- 606 बसें पनबस में शामिल होंगी। इसमें 100 मिनी बसें भी हैं।- 656 नई बसों को सरकार PRTC में शामिल करेगी।-खटारा हो चुकी बसों को बेड़े से बाहर किया जाएगा। IPL मुकाबलों की मेजबानी करेंगे मोहाली-चंडीगढ़, धर्मशाला IPL- 2026 के मैचों के लिए अभी शेड्यूल तो जारी नहीं हुआ है लेकिन न्यू चंडीगढ़ और हिमाचल के धर्मशाला में मैच होने तय हैं। 2025 में भी न्यू चंडीगढ़ में IPL के क्वालिफायर मुकाबले हो चुके हैं। न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला, दोनों के ही क्रिकेट स्टेडियम इंटरनेशनल लेवल के हैं। हाल ही में यहां भारत और साउथ अफ्रीका के बीच भी टी–20 मुकाबले खेले जा चुके हैं। IPL में पंजाब किंग्स की टीम पंजाब-चंडीगढ़ की फेवरेट रहेगी। इस टीम के कैप्टन श्रेयस अय्यर हैं जबकि मोहाली के रहने वाले इंडियन स्टार क्रिकेट बॉलर अर्शदीप सिंह भी इसी टीम का हिस्सा हैं। चुनावी मोड में AAP सरकार, दिसंबर से आचार संहिता की तैयारी पंजाब में फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में आम आदमी पार्टी की सरकार 2026 में इलेक्शन मोड पर रहेगी। दिसंबर में चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना है। चुनावी साल में सरकार लोक-लुभावन घोषणाएं करेगी। सरकार का फोकस विकास कार्यों व योजनाओं के उद्घाटन पर रहेगा और पब्लिक को फील गुड करवाने की कोशिशें की जाएंगी। चुनावी साल में सरकार को अलग-अलग कर्मचारी संगठनों के विरोध का सामना भी करना पड़ेगा क्योंकि इस साल कर्मचारी अपनी मांगें मनवाने के लिए सरकार पर प्रेशर बनाएंगी। पंजाब सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को सुनने के लिए बाकायदा एक कमेटी भी बनाई है जो कि कर्मचारियों के साथ बैठक करने लगी है ताकि वो धरने प्रदर्शन न करके सरकार की छवि को खराब न करें। पंजाब सरकार इस आखिरी साल में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल भी करेगी। वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे साल इलेक्शन की गतिविधियों में व्यस्त नजर आएंगे। मतदाता सूचियों को अपडेट करने, मतदाताओं को जागरूक करने, युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने जैसे अभियान भी प्रशासन की तरफ से चलाए जाएंगे। *************************** ये खबर भी पढ़ें... गुडबाय 2025: पंजाब ने झेला भारत-पाक जंग का माहौल:2 भाईयों की एक दुल्हन; 3 शहरों में मीट-शराब बैन; 2025 की 10 बड़ी घटनाएं साल 2025 का आज आखिरी दिन है। इस पूरे साल में पंजाब ने जंग का माहौल झेला। 3 रातें आसमान में मंडराते ड्रोन देखे। बाढ़ ने पूरे पंजाब को रुलाया। सैकड़ों लोग घर से बेघर हो गए। दिन और रात बाढ़ के खतरे में गुजारे (पढ़ें पूरी खबर)
79 दिन के DGP सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रहे:थार-बुलेट बयान से चर्चा में आए, दुष्यंत से विवाद पर हटी 72 VIP की सुरक्षा
हरियाणा में 79 दिन के डीजीपी रहे ओपी सिंह सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों में रहे। कई ऐसे मुद्दे भी रहे जिनको लेकर वे ट्रोल भी हुए। उन्होंने यह भी माना कि दुर्भाग्यपूर्ण हालात में उन्हें प्रदेश की कमान मिली।उनके सबसे चर्चित फैसलों में VIP सिक्योरिटी में कांट-छांट रहा। उन्होंने 72 वीआईपी की सिक्योरिटी हटाई। जिसमें चौटाला परिवार के सदस्य भी शामिल रहे। कुछ पुलिस का कहना है कि इससे पहले शायद ही कभी एक साथ इतनी संख्या में सिक्योरिटी रिव्यू हुआ होगा। रिटायरमेंट से 3 दिन पहले ही पानीपत में एक वीआईपी द्वारा सिक्योरिटी लेकर विजिटर के साथ फोटो सेशन कराने पर ओपी सिंह नाराज हुए। उन्होंने पानीपत एसपी को पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने के भी आदेश दिए। मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के रहने वाले आईपीएस अधिकारी ओपी सिंह 14 अक्टूबर को हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी बने थे। सिंह हरियाणा में नशे के खिलाफ राहगीरी कॉन्सेप्ट लाकर चर्चा में आए थे। बाद में राहगीरी को सरकार ने एडॉप्ट किया और ये फॉर्मूला काफी पॉपुलर हुआ। ओपी सिंह तत्कालीन सीएम मनोहरलाल खट्टर के विशेष सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। सिंह दिवंगत फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के बहनोई हैं l सुशांत ने अपनी मां के निधन के बाद ओपी सिंह के घर रह कर ही पढ़ाई-लिखाई की थी। उनकी डेथ के बाद ओपी सिंह ने उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई भी लड़ी। अब पढ़िए वो 4 विवाद, जिनसे ओपी सिंह चर्चा में आए... 2 पॉइंट में पढ़िए विदाई में क्या कहा...
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