CJI सूर्यकांत बोले-14 साल की बच्ची से हिंसा गंभीर मामला:आरोपी खुले घूमकर परिवार को डरा नहीं सकते; जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल हुई थी नाबालिग
सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाली 14 साल की लड़की को परेशान करने और उसके घर में तोड़-फोड़ के आरोपों को गंभीरता से लिया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा- अगर बच्चे के खिलाफ हिंसा करने वाले असामाजिक तत्व खुलेआम घूम रहे हैं और बच्ची को डराने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह गंभीर बात हो सकती है। लड़की की FIR पर कार्रवाई और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। कोर्ट ने दिल्ली और यूपी सरकार से इस कार्रवाई पर रिपोर्ट भी मांगी है। जंतर-मंतर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान बच्ची के पिता पर हमला हुआ था। इस मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेज दिया गया है। बच्ची और उसके पिता का आरोप है कि इसी मामले में उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। कोर्ट ने इसी मामले पर यह टिप्पणी की है। प्रदर्शन के दौरान बच्ची के पिता पर हमला हुआ था इसके बाद 24 जुलाई को सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने यह दावा किया था कि उसने ही बच्ची के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था। 60 टांके लगाने पड़े थे। स्वतंत्र ने यह भी कहा कि उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा। बाद में उसने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि यह हमला नहीं, बल्कि सेल्फ-डिफेंस था। 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और अगर वह बचाव में कार्रवाई नहीं करते तो उन्हें भीड़ मार सकती थी। स्वतंत्र भारद्वाज-नीशू आजाद केस: घटनाक्रम 4 सितंबर: नीशू आजाद और उनके पिता के समर्थन में CJP नेताओं और समर्थकों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। नीशू की ओर से वकील ऋषव रंजन ने पुलिस से हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और SC/ST Act की संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग की। पुलिस ने ये धाराएं जोड़ीं। स्वतंत्र हिरासत में लिया गया। 5 सितंबर: स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में दिल्ली में हिंदू संगठन ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दक्ष चौधरी ने बुलाया था। दक्ष हाई प्रोफाइल लोगों से मारपीट करने और थप्पड़ लगाने के लिए जाना जाता है। उसने कन्हैया कुमार को भी थप्पड़ मारा था। ----------------- ये खबर भी पढ़ें... स्वतंत्र भारद्वाज के वकील बोले- गिरफ्तारी की हिम्मत कैसे की:कहा- सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर से जुड़े मामले रद्द कर दिए, फिर FIR कैसे हुई दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर सुनवाई हुई। भारद्वाज के वकील ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर मामले से जुड़ी सारी FIR रद्द कर दी थीं, तो दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जाकर उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत कैसे की। पूरी खबर पढ़ें…
कर्नाटक-सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 2 पैरा ही बजेंगे:राष्ट्रपति और राज्यपाल की मौजूदगी वाले इवेंट अपवाद; पहले कांग्रेस ने कहा था दो पैरा ही गाएंगे
कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ पहले 2 अंतरे गाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश राज्य में होने वाले सरकारी कार्यक्रमों पर लागू होगा। लेकिन राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल के शामिल होने वाले कार्यक्रमों को इससे बाहर रखा गया है। इसी साल 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्देश दिया था कि सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ के साथ ‘वंदे मातरम’ के सभी 6 पद गाए जाएं। इसके बाद 19 अगस्त को कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने वंदे मातरम को लेकर 1937 के अपने प्रस्ताव का पालन करने का फैसला किया। इस प्रस्ताव के तहत पार्टी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल 2 अंतरे गाए जाते हैं। कांग्रेस ने तय किया था- वंदे मातरम के दो पैरा गाए जाएंगे कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने ऐलान किया था कि पार्टी अपने सभी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के 6 में से सिर्फ शुरुआती दो पैरा गाएगी। यह फैसला 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर हुए विवाद के बाद आया। कांग्रेस का यह फैसला बीजेपी के उन आरोपों के बाद आया था, जिसमें बीजेपी ने कांग्रेस नेताओं पर पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम का पूरा संस्करण नहीं गाकर उसका अपमान करने का आरोप लगाया था। 2026 वंदे मातरम के अपमान पर कानून बना 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गीत घोषित किया था। लंबे समय तक इसके अपमान पर कोई अलग कानून नहीं था, लेकिन 2026 के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम' बनाया। इस कानून के तहत 'वंदे मातरम' के गायन को जानबूझकर रोकने, इसमें बाधा डालने या इसका सार्वजनिक अपमान करने को दंडनीय अपराध माना गया है। ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' के पूरे 6 छंद गाए गए। केंद्र का आदेश- पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन होगा गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन और बजाने को लेकर नए निर्देश जारी किए थे। इसमें दोनों के सही बोल, उच्चारण और तय प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया था। निर्देशों के मुताबिक, अगर किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और जन गण मन दोनों गाए या बजाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। अगर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का अपना राज्य गीत भी है, तो पहले राज्य गीत फिर वंदे मातरम और अंत में जन गण मन रहेगा। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर ने पूरा वंदे मातरम गाया:कांग्रेस ने आपत्ति जताई, कहा- सहयोगी दल पार्टी के साथ रहे; बीजेपी ने कांग्रेस को नई मुस्लिम लीग बताया श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में पूरा वंदे मातरम गाए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पूरी खबर पढ़ें…
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