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PM Modi का बड़ा Vision: 2035 तक Indian Space Station और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय Astronaut का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दुनिया को अंतरिक्ष में भारत की अगली यात्रा में "सह-यात्री" बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने देश की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं का ज़िक्र किया, जिसमें 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाना और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री को भेजना शामिल है। इंटरनेशनल स्पेस समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और टिकाऊ अंतरिक्ष क्षेत्र में विश्वास करता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून, बातचीत और बहुपक्षीय सहयोग पर आधारित हो। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हम अंतरिक्ष के ऐसे क्षेत्र का समर्थन करते हैं जो सुरक्षित, महफ़ूज़, शांतिपूर्ण और टिकाऊ हो। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में वैज्ञानिक डेटा और तरक्की का फ़ायदा आखिरकार पूरी इंसानियत को मिलना चाहिए।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा इसी सोच को दिखाती है और इसमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ने अपनी बेहतरीन कार्यक्षमता और कम लागत वाले मिशनों के लिए दुनिया भर में तारीफ़ हासिल की है, साथ ही भारत की अंतरिक्ष तकनीकें और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां भी तेज़ी से दुनिया के बड़े हिस्से के काम आ रही हैं। मोदी ने कहा कि 34 देशों के 430 से ज़्यादा सैटेलाइट भारतीय रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। उन्होंने ग्लोबल स्पेस सेक्टर में भारत के एक अहम खिलाड़ी के तौर पर उभरने पर ज़ोर दिया। भारत की हालिया कामयाबियों का ज़िक्र करते हुए, मोदी ने चांद के साउथ पोल के पास भारत की ऐतिहासिक लैंडिंग और आदित्य-L1 मिशन की बात की, जो वैज्ञानिकों को सूरज के रहस्यों को समझने में मदद कर रहा है। उन्होंने भारत की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक की यात्रा को देश की बढ़ती मानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वाकांक्षाओं में एक और अहम पड़ाव बताया।

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प्रधानमंत्री ने साफ़ किया कि भारत की महत्वाकांक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाना और 2040 तक किसी भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजना है। मोदी ने कहा, "हमारा मूल सिद्धांत साफ़ रहा है कि अंतरिक्ष का फ़ायदा पूरी मानवता तक पहुँचना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर की तेज़ी से हो रही तरक्की का भी ज़िक्र किया और कहा कि यह तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं में एक नया आयाम जोड़ रहा है। मोदी ने फ्रांस के साथ भारत की पुरानी साझेदारी पर भी ज़ोर दिया और कहा कि फ्रांस भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत से ही एक भरोसेमंद साथी रहा है। भविष्य को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने फ्रांस और पूरी दुनिया के समुदाय को आमंत्रित किया।

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National Film Awards केवल Delhi में हों, Gujarat शिफ्ट करने पर बोलीं Supriya Sule

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह नयी दिल्ली में ही आयोजित किया जाना चाहिए क्योंकि यह देश की राजधानी है। सुले का यह बयान सरकार द्वारा इस साल समारोह को गुजरात स्थानांतरित करने के फैसले के बाद आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और मुंबई के महत्व को कम करने का प्रयास हो सकता है क्योंकि क्रिकेट विश्व कप के मैचों और विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की यात्राओं समेत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन अब गुजरात में किया जा रहा है।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह इस बार दिल्ली से बाहर गुजरात के केवड़िया में आयोजित होगा, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 सितंबर को पुरस्कार प्रदान करेंगी। केवड़िया का नाम बदलकर अब एकता नगर कर दिया गया है, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का स्थल है। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के नाम से विख्यात यह प्रतिमा 597 फुट ऊंची है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में किया था।

सुले ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश के 72 साल के इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय पुरस्कार गुजरात में आयोजित हो रहे हैं। हमारा मानना है कि राष्ट्रीय पुरस्कार हमेशा दिल्ली में ही प्रदान किए जाने चाहिए। जो चीजें राष्ट्रीय स्तर की हैं, वे राष्ट्रीय स्तर पर ही रहनी चाहिए।’’ महाराष्ट्र के बारामती से सांसद सुले ने कहा, ‘‘जब बड़े कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित होते हैं तो उन्हें दिल्ली में ही होना चाहिए।

इसी वजह से उन्हें राष्ट्रीय कार्यक्रम कहा जाता है, क्योंकि दिल्ली देश की राष्ट्रीय राजधानी है। अगर यह राष्ट्रीय कार्यक्रम है तो इसे राष्ट्रीय राजधानी में ही होना चाहिए। इसे कहीं और कैसे आयोजित किया जा सकता है?’’ उन्होंने कहा कि क्रिकेट विश्व कप के मैचों और विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की यात्राओं जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी गुजरात में किया जा रहा है।

राकांपा (शप) की नेता ने कहा, ‘‘यह दिल्ली और मुंबई के महत्व को कम करने का प्रयास हो सकता है। इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।’’ भाषाओं के मुद्दे पर सुले ने कहा कि मराठी और हिंदी दोनों महत्वपूर्ण हैं और लोगों को जितनी भाषाएं सीखनी हों, सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मराठी और हिंदी दोनों हमारी भाषाएं हैं और लोगों को दोनों का ज्ञान होना चाहिए।

अधिक भाषाएं सीखना अच्छी बात है। लेकिन किसी को किसी पर थोपा नहीं जाना चाहिए। अगर कोई हिंदी, गुजराती, तमिल या तेलुगु सीखना चाहता है तो यह अच्छी बात है।’’ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुंबई-गोवा राजमार्ग अब तक पूरा नहीं होने पर शर्मिंदगी जताने और इसके उद्घाटन में शामिल नहीं होने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुले ने कहा कि यह एक संवेदनशील नेता के तौर पर गडकरी की भावना को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह गडकरी साहब की महानता है। वह महाराष्ट्र और देश के एक संवेदनशील नेता के रूप में यह बात कह रहे हैं। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं।

उनका बयान दिल से आया है क्योंकि वह दिल से काम करते हैं।’’ महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति और किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर सुले ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान घोषित कृषि ऋण माफी को याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘जब राकांपा-कांग्रेस सरकार सत्ता में थी, मनमोहन सिंह के नेतृत्व में और जब पवार साहब (शरद पवार) कृषि मंत्री थे, तब 70,000 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी की घोषणा की गई थी। मनमोहन सिंह खुद महाराष्ट्र आए थे और इससे बड़ा बदलाव आया था।’’ सुले ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने, रिपोर्ट तैयार करने और केंद्र सरकार से पूरी कृषि ऋण माफी की मांग करने की अपील की।

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  Sports

IND vs AFG: अभिषेक के तूफान में उड़ा अफगानिस्तान, भारत ने पहले टी20 में 7 विकेट से धो डाला

afg vs ind 1st t20 score: अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी से भारत ने अफगानिस्तान को पहले टी20 इंटरेनशनल मैच में 7 विकेट से करारी शिकस्त दी. अरुण जेटली स्टेडियम में 157 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 38 गेंदें रहते जीत दर्ज कर ली. टीम इंडिया ने 13.4 ओवर में 157 रन बनाए. Sun, 13 Sep 2026 22:40:03 +0530

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