अमेजन से 90 हजार का मोबाइल मंगवाते, रिफंड लेकर 80 हजार में बेच देते, पुलिस ने 17 लाख के नए फोन बरामद किए
गुना में ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए ठगी करने वाले गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। कैंट थाना पुलिस ने अमेजन फ्रॉड मामले में 17 नए मोबाइल बरामद किए हैं, जिन्हें आरोपी कथित तौर पर रिफंड लेने के बाद भी अपने पास रखकर बाजार में बेच देते थे। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ सामान्य धोखाधड़ी नहीं बल्कि सुनियोजित ऑनलाइन फ्रॉड का मामला है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले महंगे स्मार्टफोन ऑर्डर करते थे। डिलीवरी मिलने के बाद रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर लेते थे और फिर वही फोन अलग-अलग दुकानदारों को कम कीमत पर बेच देते थे। इस तरह कंपनी को नुकसान पहुंचाकर आरोपी मोटा फायदा कमा रहे थे।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
दरअसल कैंट पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह ऑनलाइन खरीदारी की पूरी प्रक्रिया का फायदा उठाकर ठगी करता था। आरोपी पहले नए मोबाइल ऑर्डर करते, फिर किसी तरीके से रिफंड हासिल कर लेते और मोबाइल अपने पास ही रखते थे। इसके बाद करीब 90 हजार रुपए कीमत वाले फोन करीब 80 हजार रुपए में दुकानदारों को बेच दिए जाते थे।
कुल 17 मोबाइल जब्त किए
हालांकि पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग दुकानों से कुल 17 मोबाइल जब्त किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 17 लाख रुपए बताई गई है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि दुकानदारों को इन मोबाइल की असली स्थिति की जानकारी थी या नहीं। वहीं इस मामले में कैंट थाना पुलिस ने 2 सितंबर को कुल 14 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपियों पर BNS की धारा 318(4), 319(2), 316(2), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66(C) व 66(D) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
वहीं इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी शोखर मीना और तरुण शर्मा को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके कब्जे से करीब 35 लाख रुपए कीमत की एक इलेक्ट्रिक कार और करीब 3 लाख रुपए के तीन मोबाइल बरामद हुए थे। इसके बाद पुलिस ने सुमित मीना और राजस्थान के बारां निवासी नमन शर्मा को भी गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में मोबाइल की खरीद-बिक्री से जुड़े कई अहम सुराग मिले। इसी के आधार पर पुलिस अलग-अलग दुकानों तक पहुंची और नए मोबाइल बरामद किए। अब जांच तकनीकी साक्ष्यों, बैंक लेनदेन और ऑनलाइन रिकॉर्ड के जरिए आगे बढ़ाई जा रही है।
ट्रम्प बोले-मिडटर्म-चुनाव जीते तो हर बालिग को 5000 डॉलर देंगे:दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत की शर्त; रकम अमेरिका में ही खर्च करनी होगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नवंबर के मिडटर्म चुनाव में अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत बरकरार रखती है, तो हर बालिग अमेरिकी को 5000 डॉलर (करीब 4.2 लाख रुपए) दिए जाएंगे। डलास में रिपब्लिकन कन्वेंशन में ट्रम्प ने कहा, “अगर रिपब्लिकन प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में जीतते हैं, तो आपको 5000 डॉलर मिलेंगे।” उन्होंने इसे ‘ट्रम्प डिविडेंड’ नाम दिया और कहा कि यह अमेरिका की “आर्थिक ताकत और सफलता” की वजह से दिया जाएगा। ट्रम्प ने कहा कि डिविडेंड की रकम अमेरिका में ही खर्च करनी होगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा, भुगतान का दायरा क्या होगा और रकम किस तरह बांटी जाएगी। योजना पर 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च होगा हर बालिग अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने की योजना पर सरकार को 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। इसे लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब अमेरिका का सालाना बजट घाटा करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर है। इतनी बड़ी रकम बांटने से सरकारी घाटे और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पिछले महीने पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया। उपराष्ट्रपति वेंस बोले- अमीरों को नहीं मिलेगा पैसा ट्रम्प के ऐलान के करीब एक घंटे बाद उपराष्ट्रपति JD वेंस ने कहा कि डिविडेंड का लाभ अमीर लोगों को नहीं मिलेगा। वेंस ने संकेत दिया कि इस भुगतान के लिए सरकार को मिलने वाले टैरिफ राजस्व का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, टैरिफ से मिलने वाली रकम 5,000 डॉलर प्रति बालिग के भुगतान की अनुमानित लागत से काफी कम है। व्हाइट हाउस ने योजना की लागत, पात्रता और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर पूछे गए सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया। ट्रम्प पहले भी कर चुके हैं सीधे भुगतान का प्रस्ताव ट्रम्प इससे पहले भी अमेरिकी नागरिकों को सीधे पैसा देने की बात कर चुके हैं। इस साल की शुरुआत में उन्होंने 2,000 डॉलर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा था। उस समय उन्होंने कहा था कि इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी नहीं होगी। पिछले साल ट्रम्प ने अमेरिकी सैनिकों को 1,776 डॉलर का भुगतान किया था, जिसे उन्होंने ‘वॉरियर डिविडेंड’ कहा था। रिपब्लिकन सीनेटर बर्नी मोरेनो ने ट्रम्प के ऐलान के बाद कहा कि वह 3 नवंबर के चुनाव के तुरंत बाद ‘ट्रम्प डिविडेंड’ को लागू करने के लिए बिल तैयार करेंगे। मिडटर्म में रिपब्लिकन के सामने बहुमत बचाने की चुनौती अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होते हैं। इसमें प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों के लिए चुनाव होता है। रिपब्लिकन इस बार प्रतिनिधि सभा में अपने बेहद मामूली बहुमत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सीनेट में भी पार्टी को चुनौती मिल रही है। ट्रम्प अक्सर कहते रहे हैं कि आधुनिक दौर में राष्ट्रपति की पार्टी आमतौर पर मिडटर्म चुनाव में कांग्रेस की सीटें गंवाती है। डलास में उन्होंने कहा कि वह इस परंपरा को बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम इसे बदलने जा रहे हैं। ऐसा होने की कोई वजह नहीं है।” खबर अपडेट हो रही है…
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