ट्रंप का 5000 डॉलर वाला 'डिविडेंड' वादा बना मीम्स का विषय: सोशल मीडिया यूजर्स ने की भारत की 'लाडली बहना योजना' से तुलना
Donald Trump $5000 dividend: अमेरिकी राजनीति में हाल ही में एक ऐसी घोषणा हुई जिसने भारत के सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रत्येक वयस्क अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने के वादे के बाद इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। सोशल मीडिया पर लोग इस अमेरिकी प्रस्ताव की तुलना भारत के राज्यों में चल रही लोकप्रिय कल्याणकारी योजनाओं, विशेष तौर पर मध्य प्रदेश की 'लाडली बहना योजना' से कर रहे हैं।
डॉलर वाले 'ट्रंप डिविडेंड' का पूरा मामला
बुधवार को डलास में रिपब्लिकन पार्टी के मध्यावधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा चुनावी दांव खेला। उन्होंने वादा किया कि यदि नवंबर के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट दोनों पर अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो देश के प्रत्येक वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर दिए जाएंगे।
#WATCH | Speaking at the RNC Midterm Convention in Dallas, US President Donald Trump announces he will issue a $5,000 dividend to every adult US citizen if the Republican Party holds the Senate and House in 2026 pic.twitter.com/zXzAepxcsy
— ANI (@ANI) September 10, 2026
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा, "अगर रिपब्लिकन जीतते हैं, तो आप हमारे साथ जीतेंगे और आपको 5,000 डॉलर मिलेंगे।" उन्होंने इसे 'ट्रंप डिविडेंड' (Trump Dividend) का नाम दिया। ट्रंप ने इस प्रस्तावित भुगतान की तुलना किसी निगम द्वारा अपने शेयरधारकों को दिए जाने वाले लाभांश से करते हुए अमेरिका की आर्थिक मजबूती का हवाला दिया।
क्यों हो रही है 'लाडली बहना योजना' से तुलना?
ट्रंप की इस घोषणा के सामने आते ही भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत इस पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। मध्य प्रदेश की 'मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना', 'लाडला भाई योजना' और महाराष्ट्र की 'लाडकी बहीण योजना' जैसी पहलों से वाकिफ यूजर्स ने इसे भारत की योजनाओं का ग्लोबल वर्जन बताना शुरू कर दिया।
scheme so goated, “Ladli bhen Yojna” reached international https://t.co/vl8KnOIcEp
— Md. Mobin ???? (@SmkWinner) September 10, 2026
???????? Laadli Behen/Laadla Bhai Scheme. https://t.co/NWXaYdIM7A
— केदार मुळये ???????? (@mulye_kedar) September 10, 2026
हालांकि, दोनों योजनाओं में स्पष्ट अंतर है- जहां लाडली बहना एक लक्षित कल्याणकारी कार्यक्रम है, वहीं ट्रंप का प्रस्ताव अमेरिकी वयस्कों के लिए एक व्यापक भुगतान है जो कांग्रेस में रिपब्लिकन की जीत पर निर्भर है। इसके बावजूद, सरकार द्वारा सीधे खाते में पैसे भेजने के आइडिया ने इंटरनेट यूजर्स को इसकी तुलना करने का पूरा मौका दे दिया।
From Laadli Behan Yojana to Laadla America Yojana.
— Puneet Kumar (@puneetiitm) September 10, 2026
Different countries. Same tactics.
$5,000 cash if they hold Congress.
At least we didn't give this as a winning incentive! :-D pic.twitter.com/bHbYG0Brun
Never underestimate the Madhya Pradesh, Laadli Behna has now travelled to out of India as well.
— Suraj Kumar Talreja (@suritalreja) September 10, 2026
OG Shivraj Mama! https://t.co/F1EMVthk43
सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई और एक यूजर ने लिखा, "लाडली बहना योजना ग्लोबल हो गई है!" वहीं दूसरे यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा, "ऐला... लाडली बहन आ गई है... फिरंगी स्टाइल में..." एक अन्य पोस्ट में लिखा गया कि यह योजना इतनी शानदार है कि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुकी है।
America learned laadla bhai behen yojana https://t.co/VZLGzAuaNG
— Hardik Raj Kharga (@hrkharga) September 10, 2026
???????? ki 'Ladli - Behen Yojna' ! ???? pic.twitter.com/nUVqwBQekH
— Advait Arora (@WealthEnrich) September 10, 2026
1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक का आ सकता है खर्च
ट्रंप के इस बड़े प्रस्ताव के बाद इसकी फंडिंग, कानूनी पहलुओं और इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिका में लगभग 27 करोड़ वयस्क हैं, ऐसे में हर वयस्क को 5,000 डॉलर देने का कुल खर्च करीब 1.35 ट्रिलियन डॉलर (1.35 लाख करोड़ डॉलर) तक पहुंच सकता है। इस योजना को लागू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी भी जरूरी होगी, यानी ट्रंप अकेले अपने दम पर इस खर्च को अधिकृत नहीं कर सकते।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिका बड़े बजट घाटे और महंगाई की समस्याओं से जूझ रहा है। इस बीच, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस प्रस्ताव पर स्पष्टीकरण देते हुए संकेत दिया कि शायद अमीर अमेरिकी इस भुगतान के लिए पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा, ट्रंप ने यह शर्त भी जोड़ी है कि इस प्रस्तावित डिविडेंड की राशि को केवल संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर ही खर्च करना होगा।
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