सेहत का मतलब सिर्फ अच्छा खाना नहीं, AIIMS के डॉक्टर ने बताए हेल्दी रहने के जरूरी तरीके
Healthy Habits: हेल्दी रहने के लिए सिर्फ खाने पर ध्यान देना जरूरी नहीं है. आपको अपनी लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देना होगा. एम्स ने कुछ आदतें ऐसी बताई हैं जिन्हें अपनाने के बाद इंसान एक हेल्दी लाइफ जी सकता है और वो आदतें कौन सी है, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं.
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Pithori Amavasya 2026: आज पिठोरी अमावस्या पर बिल्कुल न करें ये गलतियां, लग सकता है दोष
Pithori Amavasya 2026: आज यानी 10 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद मास की अमावस्या मनाई जाएगी. आज पिठोरी अमावस्या है. अमावस्या का सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है. यह तिथि जहां एक ओर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती है. वहीं, दूसरी ओर पितरों का तर्पण किया जाता है, पिंडदान किया जाता है और दान-पुण्य किया जाता है. पिठोरी अमावस्या के दिन की गई छोटी सी भूल करना भी पितरों को नाराज कर सकते हैं. इससे घर में पितृदोष लगता है और ऐसे में कल पिठोरी अमावस्या के पावन अवसर पर कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं कि इस दिन किन गलतियों से आपको आज के दिन करने से बचना चाहिए.
पिठोरी अमावस्या पर शुभ मुहूर्त
- पिठोरी अमावस्या पर पूजा का मुहूर्त सुबह 06 बजकर 07 मिनट से सुबह 09 बजकर 18 मिनट तक रहेगा.
- पितरों का तर्पण करने के लिए पिंडदान का मुहूर्त सुबह 11:45 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक रहेगा.
- कुशोत्पाटनी पूजा के लिए आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.
आज इन गलतियों को करने से बचें
1.बासी आटे का इस्तेमाल करना
आज के दिन भूलकर भी हमें बासी आटे की रोटियां नहीं खानी चाहिए. अक्सर लोग बासी आटे या पुराना गूंथा हुआ आटे का इस्तेमाल न करें. बासी आटा राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ा सकता है. इसे पिंड के समान माना जाता है और पितृ नाराज हो सकते हैं.
2.पितरों का तर्पण न करना और समय की बर्बादी करना
पितरों के नाम से तर्पण या दान करने के लिए कुतूप काल यानी दोपहर का समय सबसे खास माना जाता है. सुबह बहुत जल्दी या शाम के समय तर्पण करना वर्जित माना जाता है. तर्पण या पितरों के नाम से दीया दक्षिण दिशा में दीपक जलाना चाहिए. इस दिशा को पितरों की दिशा माना जाता है.
3.द्वार पर आए अतिथि या पशुओं का अनादर
इस दिन घर में पहले से बनाया भोजन सिर्फ इंसानों के लिए नहीं होता है. इस भोजन में से गाय, कौवे, कुत्ते, देव और चींटियों के लिए भी अंश निकाला जाता है. इसके बिना श्राद्ध और पूजन का कार्य अधूरा माना जाता है. इस दिन यदि आपके दरवाजे पर कोई गरीब, भिक्षा वाले या पशु-पक्षी आए तो उसे भोजन या जल जरूर पिलाएं. आज के दिन इनका अपमान बिल्कुल न करें क्योंकि ऐसा करने से सीधा-सीधा पितृ दोष लग सकता है.
4.तुलसी पत्ते तोड़ना या कुशा उखाड़ना
आज पिठोरी अमावस्या तिथि पर तुलसी के पत्ते बिल्कुल नहीं तोड़ने चाहिए. पूजा के लिए तुलसी के पत्ते पहले ही तोड़ कर रख लें. अगर आप साल भर की पूजा-पाठ के लिए कुशा इकट्ठा कर रहे हैं तो बिना मंत्र या लोहे की औजार से कुश न उखाड़ें.
5.घर में क्लेश और तामसिक व्यवहार
पिठोरी अमावस्या के दिन घर का माहौल शांत और भक्तिमय होना जरूरी है. घर के बड़े-बुजुर्गों का अपमान करना या आपस में झगड़ा करना भी पितरों को नाराज कर सकता है. इस दिन घर में मांस-मदिरा, सिगरेट या अन्य तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.
पितृदोष से बचने का सरल उपाय
पितृदोष से बचाव के लिए आज के दिन उपाय करना चाहिए. इस दिन संध्याकाल के समय घर के मुख्य द्वार पर और पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं. इस दीए को दक्षिण दिशा में रखना चाहिए. साथ ही आज के दिन पितरों से अपनी भूल-चूर के लिए माफी मांगनी चाहिए. ऐसा करने से आपके पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार को आशीर्वाद मिलता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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