Maharashtra Hindi Exam: सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत! हिंदी परीक्षा की अनिवार्यता खत्म, सरकार ने बताई वजह
Maharashtra Hindi Exam: महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हिंदी भाषा परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब सरकारी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और प्रमोशन के लिए हिंदी भाषा की परीक्षा पास करने की जरूरत नहीं होगी। मराठी भाषा विभाग की ओर से 31 अगस्त को जारी सरकारी आदेश के बाद यह व्यवस्था औपचारिक रूप से खत्म कर दी गई है।
सरकार ने इस फैसले के पीछे प्रशासनिक कामकाज में हिंदी के सीमित इस्तेमाल को प्रमुख वजह बताया है। सरकार के अनुसार राज्य के प्रशासनिक कामकाज में मराठी भाषा का इस्तेमाल अधिक होता है, जबकि दूसरे राज्यों के साथ औपचारिक संवाद के लिए अंग्रेजी का उपयोग किया जाता है।
परीक्षा को लेकर क्यों शुरू हुआ था विवाद?
सरकारी कर्मचारियों के लिए हिंदी भाषा परीक्षा का मुद्दा उस समय चर्चा में आया, जब भाषा संचालनालय ने परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की थी। यह परीक्षा 28 जून को प्रस्तावित थी।
परीक्षा की तारीख सामने आने के बाद महाराष्ट्र में इसका विरोध शुरू हो गया। इसके बाद सरकार के स्तर पर हिंदी भाषा परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर समीक्षा की गई और अंततः इसे समाप्त करने का फैसला लिया गया।
सरकार ने हिंदी परीक्षा खत्म करने की क्या वजह बताई?
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि सरकारी प्रशासनिक कामकाज में हिंदी का इस्तेमाल पहले की तुलना में कम हो गया है। राज्य में सरकारी कामकाज के लिए मराठी भाषा का इस्तेमाल प्रमुख रूप से किया जाता है।
वहीं, दूसरे राज्यों के साथ होने वाले औपचारिक प्रशासनिक संवाद में अंग्रेजी का इस्तेमाल अधिक किया जाता है। ऐसे में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हिंदी भाषा परीक्षा की अनिवार्यता को जारी रखना जरूरी नहीं समझा गया। इसी आधार पर हिंदी भाषा परीक्षा को खत्म करने का निर्णय लिया गया।
अब प्रमोशन और वेतन वृद्धि के लिए परीक्षा जरूरी नहीं
इस फैसले का सीधा असर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर पड़ेगा। पहले जिन कर्मचारियों के लिए निर्धारित नियमों के तहत हिंदी भाषा परीक्षा पास करना जरूरी था, उन्हें अब इस परीक्षा को पास करने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी। यानी संबंधित कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि और प्रमोशन की प्रक्रिया में हिंदी भाषा परीक्षा पास करने की शर्त लागू नहीं रहेगी।
31 अगस्त को जारी हुआ सरकारी आदेश
मराठी भाषा विभाग ने 31 अगस्त को इस संबंध में सरकारी आदेश जारी किया। आदेश के बाद हिंदी भाषा परीक्षा को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है।
सरकार के इस फैसले से अब महाराष्ट्र के सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए हिंदी भाषा परीक्षा से जुड़ी अनिवार्यता खत्म हो गई है।
फैसले के बाद क्या बदलेगा?
सरकारी कर्मचारियों के लिए हिंदी भाषा परीक्षा अब प्रमोशन और वेतन वृद्धि से जुड़ी अनिवार्य शर्त नहीं रहेगी। प्रशासनिक स्तर पर मराठी और अंग्रेजी के इस्तेमाल को देखते हुए सरकार ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया है।
इस फैसले को लेकर पहले परीक्षा का विरोध करने वाले लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद अब आगे की विभागीय प्रक्रियाएं इसी नई व्यवस्था के अनुसार संचालित की जाएंगी।
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