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कन्फर्म! BRICS के लिए भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति, पहले दिन ही मोदी-जिनपिंग की होगी बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को द्विपक्षीय बैठक करेंगे। चीन का विदेश मंत्रालय जल्द ही इस बारे में कोई घोषणा कर सकता है। सालों से भारत-चीन संबंधों में एक विरोधाभास रहा है। जहाँ इन दोनों एशियाई ताकतों को एक-दूसरे की ज़रूरत है, वहीं आपसी भरोसा सीमित ही रहा है। नई दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन मोदी और शी को यह परखने का मौका दे सकता है कि क्या उनके रिश्ते 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद आई थोड़ी-बहुत नरमी से आगे बढ़ सकते हैं। भारत 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट 2026 की मेज़बानी करने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए राष्ट्रीय राजधानी को पोस्टरों और रोशनी वाली सजावटों से सजाया गया है।

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प्रधानमंत्री मोदी इस अहम समिट की मेज़बानी करेंगे। इसमें सदस्य देशों, सहयोगी देशों और विशेष रूप से आमंत्रित देशों के राष्ट्राध्यक्ष, विदेशी प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियां शामिल होंगी। शुरुआत में ब्रिक (BRIC) के तौर पर बने इस समूह में ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन शामिल थे, और तब से इसमें काफ़ी बदलाव और विस्तार हुआ है। इन चार देशों ने 2006 में न्यूयॉर्क में UN जनरल असेंबली के दौरान अपने विदेश मंत्रियों की पहली बैठक की थी, जिसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला ब्रिक समिट आयोजित हुआ था। 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह BRICS बन गया और बाद में इसका बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ; जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल किया गया, और इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हुआ।

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आज, 11 पूर्ण सदस्य देशों और कई सहयोगी देशों के साथ, इस गठबंधन का दुनिया भर में आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर काफी असर है। इस शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल होंगे। दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में हुई सालाना द्विपक्षीय बैठक के बाद, एक साल से भी कम समय में यह उनकी भारत की दूसरी यात्रा होगी। 31 अगस्त को बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान जब दोनों नेता मिले थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को व्यक्तिगत रूप से फिर से निमंत्रण दिया था।

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Sheikh Hasina की बेटी Saima Wazed का WHO से इस्तीफा, Tedros के नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की बेटी साइमा वाज़ेद ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) के साउथ-ईस्ट एशिया रीजनल डायरेक्टर के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। यह इस्तीफ़ा UN एजेंसी और बांग्लादेशी अधिकारियों की ओर से धोखाधड़ी और जालसाज़ी की जांच के बीच आया है। वाज़ेद का इस्तीफ़ा तब आया है जब पिछले साल WHO ने उन्हें बिना वेतन वाली एडमिनिस्ट्रेटिव लीव (प्रशासनिक छुट्टी) पर भेज दिया था। उन्होंने 2024 की शुरुआत में पांच साल के कार्यकाल के लिए रीजनल डायरेक्टर का पद संभाला था। बुधवार को WHO के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस को भेजे अपने इस्तीफ़े के पत्र में वाज़ेद ने कहा कि अपनी ज़िम्मेदारियां निभाने से रोके जाने के बाद उन्होंने उनके नेतृत्व पर अपना सारा भरोसा और विश्वास खो दिया है।

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टेड्रोस को लिखे इस्तीफ़े के पत्र में वाज़ेद ने कहाकि मुझे अपने क्षेत्र के देशों की सेवा करने के लिए रीजनल डायरेक्टर के पद पर चुना गया था, और मैंने पूरी ईमानदारी से ऐसा किया भी।" "चूंकि आप मुझे अपनी ज़िम्मेदारियां ठीक से निभाने से लगातार रोक रहे हैं, इसलिए WHO में आपके नेतृत्व पर मेरा सारा भरोसा और विश्वास खत्म हो गया है। उन्होंने आगे कहा इसके अलावा, मुझे बिना वेतन वाली छुट्टी पर भेजने के आपके फ़ैसले के बाद लगभग एक साल तक बिना किसी भुगतान के रहने के कारण, मेरी आर्थिक स्थिति बहुत मुश्किल हो गई है। ऐसे हालात में, मैं पद छोड़ने का फ़ैसला कर रही हूँ।

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आरोप और वाज़ेद का बचाव

वाज़ेद को सबसे पहले जुलाई 2025 में छुट्टी पर भेजा गया था, जब बांग्लादेश के भ्रष्टाचार-रोधी आयोग ने उसी साल मार्च में उन पर धोखाधड़ी और जालसाज़ी के आरोप लगाए थे। WHO को उनके वकीलों की ओर से भेजे गए एक पत्र के अनुसार, एजेंसी ने वाज़ेद पर चीन की यात्रा से जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी और अपनी शैक्षणिक योग्यताओं के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था। वाज़ेद ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यात्रा से जुड़ा मामला एक असिस्टेंट की प्रशासनिक गलती थी, जो रोज़मर्रा के खर्चों की प्रतिपूर्ति (reimbursement) के अनुरोधों को संभालता था और यह मामला $901 से जुड़ा था।

WHO नए सिरे से चुनाव करवा सकता है

यह इस्तीफ़ा ऐसी खबरों के बीच आया है कि WHO वाज़ेद को औपचारिक रूप से हटाने की तैयारी कर रहा था। दो सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि एजेंसी उनके उत्तराधिकारी को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इसके तहत अक्टूबर में नॉमिनेशन होने, दिसंबर में आवेदनों की जांच होने और 24 जनवरी को चुनाव होने की संभावना है। WHO ने टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पिछले महीने, उसने पुष्टि की थी कि वाज़ेद छुट्टी पर हैं, लेकिन गोपनीयता का हवाला देते हुए उनके मामले पर चर्चा करने से इनकार कर दिया था।
 

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