Bigg Boss 20: 'खुद मां का रोल करती है...', माही विज के 'भाभी' वाले कमेंट पर भड़कीं आम्रपाली दुबे, दिया करारा जवाब
Bigg Boss 20: सलमान खान का मोस्ट कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो बिग बॉस 20 ने शुरू होते ही तहलका मचा दिया है. शो में कंटेस्टेंट्स के बीच जुबानी जंग और लड़ाई देखने को मिल रही है. हाल ही में भोजपुरी एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे (Amrapali Dubey) और माही विज (Mahhi Vij) के बीच विवाद हो गया. माही ने उनपर भाभी को लेकर तंज कसा, जिस पर आम्रपाली भड़क गई. तो चलिए जानते हैं, आम्रपाली ने माही को लेकर क्या कुछ कहा और पूरा मामला क्या है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये मामला वॉशरूम एरिया से शुरू हुआ. लेटेस्ट एपिसोड में अमरपाली दुबे ने साड़ी पहन रही थीं. इस दौरान उन्होंने काजी तौकीर से चेंजिंग रूम से बाहर जाने को कहा. तब माही विज ने काजी को समझाते हुए कहा कि अमरपाली चाहती हैं कि वो वहां से बाहर चले जाएं. जब काजी वहां से चले गए तब माही ने कहा कि वो जा नहीं रहा था और शायद वो आम्रपाली को साड़ी पहनते हुए देखना चाहता था, माही ने इस दौरान 'भाभी' शब्द का इस्तेमाल किया, जो आम्रपाली दुबे को पसंद नहीं आया.
If you're ready to wear a Saree on the camera then I'm ready to see .
— Drama Department (@DramaDeptX) September 9, 2026
I accept your proposal. #MahhiVij # https://t.co/d1fpFl0MRG
माही को आम्रपाली ने समझाया
इसके बाद बेड रूम में आम्रपाली ने माही को समझाया कि वो जिस रीजनल इंडस्ट्री और संस्कृति से आती हैं वहां इस शब्द के बहुत गहरे मायने हैं. आम्रपाली ने कहा- 'यार माही जी, भोजपुरी कल्चर में भाभी जी वाला मजाक…वो लोग ऑफेंस न ले लें बस. हमारे यहां भाभी मां समान होती है.' फिर माही ने अपनी सफाई में कहा- 'मैं जानती हूं कि भाभी मां समान होती है और मैं सिर्फ काजी से मजाक कर रही थीं, मेरा इरादा भोजपुरी इंडस्ट्री को नीचा दिखाने का नहीं था.
The Way She listening and give it back in words like so meaning full she has a strong voice out side and inside of the house , hope she follows the right path like the way she doing till now…..#AmrapaliDubey #BB20 #BigBoss20 pic.twitter.com/jhNt8AnkLQ
— ✈︎❥????????????????????︎????????❤︎ (@Shivani144y) September 9, 2026
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माही विज और आम्रपाली के बीच हुई बहस
फिर माही विज ने आम्रपाली दुबे से आगे कहा- 'भोजपुरी में भाभियों पर बहुत गाने बने हैं. अगर आप भाभी को मां मानते हो ना, तो आपको शुरू से उस तरफ जाना नहीं चाहिए था. वो गलत है.ट माही की इस बात पर आम्रपाली ने तुरंत जवाब दिया. एक्ट्रेस ने कहा, 'अगर किसी फिल्म में हमने किसी का मर्डर किया है, तो इसका मतलब ये नहीं कि हम मर्डरर हो जाएं.' इसके बाद माही ने कैमरे में हाथ हिलाते हुए कहा- 'गाइज, मैंने भाभी भोजपुरी के उस संदर्भ में नहीं बोला था, मैं तो बस यूं ही मस्ती कर रही थी.'
लव गिल से की माही की बुराई
इसके बाद आम्रपाली दुबे ने शो की कंटेस्टेंट लव गिल से इस मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा- 'माही जी मुझसे कह रही हैं... भोजपुरी इंडस्ट्री में भाभी का ये होता है, भाभी का वो होता है... क्या बकवास है. तुमने कितना देख लिया है भोजपुरी कंटेंट? एक रील कभी जिंदगी में देख ली है, उसके आधार पर पूरी इंडस्ट्री को जज कर लिया.' एक्ट्रेस ने आगे कहा- 'वो सिर्फ इंडस्ट्री नहीं है, वो राज्य हैं मेरे- यूपी, बिहार, झारखंड. वो मेरे राज्य हैं. मुझे बुरा लगता है जो कोई उन्हें टारगेट करता है. मुझे नहीं अच्छा लगता.'
Amrapali called out Mahi for Demeaning Bhabhis and took a strong stand. She’s truly one of the strongest women in this house! ????????
— Rishi Rajpal (@Rishirajpal101) September 9, 2026
#BB20 #AmrapaliDubey #Biggboss20 pic.twitter.com/neh4K7zqEo
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उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी को रफ्तार, ₹691 करोड़ से बनेगी कोटद्वार डबल लेन रोड, विकास को मिलेगी नई गति
Uttarakhand News: उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने और दूरदराज के इलाकों तक बेहतर आवागमन पहुंचाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है. इसी कड़ी में ₹691 करोड़ से अधिक की लागत से कोटद्वार डबल लेन रोड का निर्माण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह परियोजना सिर्फ आवागमन को आसान बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और पर्यटन विकास को भी नई गति देगी.
मुख्यमंत्री धामी के मुताबिक, डबल इंजन सरकार का फोकस उत्तराखंड के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर है. पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां सड़कें केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि रोजगार, पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. ऐसे में नई सड़कों और मौजूदा मार्गों के चौड़ीकरण से स्थानीय लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.
यातायात बेहतर के साथ यात्रा भी सुगम
कोटद्वार डबल लेन रोड परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ लोगों की यात्रा भी अधिक सुगम हो सकेगी. इससे स्थानीय बाजारों और आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिल सकता है.
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उत्तराखंड में सड़क ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है. जनवरी 2026 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में उत्तराखंड की 25 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की गई थी. इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 656 किलोमीटर है.
देहरादून में ग्रीनफील्ड बायपास
इसी तरह देहरादून में यातायात का दबाव कम करने के लिए 12 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड फोर-लेन बायपास का निर्माण किया जा रहा है. करीब ₹716 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना झाझरा से शुरू होकर पांवटा साहिब-बल्लूपुर मार्ग से जुड़ते हुए आशारोड़ी के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ेगी. अप्रैल 2026 तक परियोजना का करीब 44 फीसदी काम पूरा हो चुका था और इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
वहीं, भानियावाला-जॉलीग्रांट-ऋषिकेश मार्ग को फोर/सिक्स लेन बनाने की परियोजना भी राज्य की कनेक्टिविटी के लिए अहम है. करीब 20 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग ₹743 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं. इससे देहरादून, जॉलीग्रांट एयरपोर्ट और ऋषिकेश के बीच संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद है। परियोजना में सड़क सुरक्षा के साथ वन्यजीव संरक्षण के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं.
चारधाम यात्रा मार्ग भी है महत्वपूर्ण
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग को बेहतर बनाने के लिए चारधाम महामार्ग विकास परियोजना भी महत्वपूर्ण है. इस कार्यक्रम के तहत करीब 825 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और सुधार का काम किया जा रहा है. सरकार का जोर अब सिर्फ सड़क बनाने पर नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में सड़क नेटवर्क को सुरक्षित और मौसम के लिहाज से मजबूत बनाने पर भी है. भूस्खलन जैसी प्राकृतिक चुनौतियों को देखते हुए चारधाम मार्ग के करीब 100 किलोमीटर हिस्से में सैटेलाइट आधारित भूस्खलन निगरानी और शुरुआती चेतावनी प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है.
कोटद्वार डबल लेन रोड समेत उत्तराखंड में चल रही सड़क परियोजनाएं राज्य के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. बेहतर सड़कें पहाड़ों के लोगों के लिए आवागमन आसान करने के साथ पर्यटन, कारोबार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे सकती हैं. मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, सरकार का लक्ष्य सड़क कनेक्टिविटी के जरिए उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ना है.
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