तिरुवनंतपुरम, नौ सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरलम इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के बीच 2013 में छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को लेकर जुबानी जंग छिड़ गई है। इस हमले में कांग्रेस के कई नेता मारे गए थे। यह बहस अदालत के उस फैसले के कुछ दिन बाद शुरू हुई, जिसमें बस्तर क्षेत्र में 25 मई 2013 को कांग्रेस के काफिले पर हुए भीषण हमले के मामले में 10 लोगों को दोषी ठहराया गया।
इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी.सी. शुक्ला समेत कई प्रमुख नेता मारे गए थे। चंद्रशेखर ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम पर निशाना साधा और सत्ता में रहते हुए नक्सली समस्या से निपटने के कांग्रेस के तौर-तरीके पर सवाल उठाए। चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘ 2013 में नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेतृत्व का सफाया कर दिया था।
कुछ दिन पहले अदालत ने 10 लोगों को दोषी ठहराया।’’
इसके बाद उन्होंने चिदंबरम की हालिया टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें कांग्रेस नेता ने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताया था। यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल भाजपा नेता उन लोगों पर हमला करने के लिए करते हैं, जिन पर वे नक्सलवाद के वैचारिक समर्थक होने का आरोप लगाते हैं। चंद्रशेखर ने पूछा, ‘‘ तो गृह मंत्री रहे पी. चिदंबरम स्वीकार करते हैं कि वह ‘दिमागी नक्सल’ थे या हैं।
तो क्या कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई के नेता भी इस विचारधारा के शिकार हुए?’’
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी समस्याएं दशकों तक अनसुलझी क्यों रहीं। उन्होंने पूछा, ‘‘ क्या आपने कभी सोचा कि जड़ जमा चुकी नक्सल और आतंकवाद जैसी समस्याओं से निपटने और उन्हें हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने का इंतजार क्यों करना पड़ा?’’
इस पर चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ हमले से पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय का पद छोड़ दिया था। चिदंबरम ने कहा, ‘‘ राजीव चंद्रशेखर की याददाश्त कमजोर हो गई है।
मैंने अगस्त 2012 में गृह मंत्रालय छोड़ दिया था। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं पर कायराना हमला मई 2013 में हुआ था।’’
चंद्रशेखर ने पलटवार करते हुए कहा कि चिदंबरम की जिम्मेदारी केवल हमले की तारीख तक सीमित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, ‘‘ मान लिया कि जिस दिन या जिस वक्त नक्सली हमला हुआ, उस वक्त आप गृह मंत्री नहीं थे।
लेकिन आप लगभग चार साल तक गृह मंत्री रहे।’’
चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘ मई 2013 में आपके कांग्रेस सहयोगियों की हत्या करने वाले नक्सली उस दिन जादू से सामने नहीं आए जिस दिन आप वित्त मंत्रालय में चले गए थे।’
उन्होंने आरोप लगाया कि चिदंबरम के गृह मंत्री रहने के दौरान ही माओवादी ‘फले-फूले, हथियार रखने लगे और सक्रिय होते गए’। चंद्रशेखर ने कहा कि हमले के समय गृह मंत्रालय में न होने का हवाला देना इस घटना में मारे गए कांग्रेस नेताओं की स्मृति का ‘अपमान’ है। दोनों नेताओं के बीच यह तीखी बहस चिदंबरम द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर कटाक्ष करने के कुछ सप्ताह बाद सामने आई है।
चिदंबरम ने तब कहा था, ‘‘मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है।’’
चिदंबरम की प्रधानमंत्री पर यह टिप्पणी मोदी की उस चेतावनी के जवाब में आई थी, जिसमें उन्होंने देश को उन “दिमागी नक्सलियों” से सावधान रहने को कहा था, जो कथित तौर पर व्यवस्था में पैठ बना चुके हैं और नीतियों में हेरफेर करके समाज के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। मोदी ने नागरिकों से ऐसे लोगों को ‘‘पहचानने और अलग-थलग करने’’ का आग्रह किया था।
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पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक प्रोमोशनल वीडियो जारी कर चीन निर्मित HQ-17AE शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम को अपने बेड़े में शामिल करने की घोषणा की है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पाकिस्तान को अपनी शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस क्षमताओं में मौजूद कमियों को दूर करने और ड्रोन जैसे कम ऊंचाई वाले आधुनिक खतरों का मुकाबला करने में बड़ी मदद मिलेगी।
पाकिस्तान के एयर डिफेंस नेटवर्क की रीढ़ बने चीनी हथियार
चीन के सैन्य मामलों के विशेषज्ञ वांग युनफेई के अनुसार, पाकिस्तान इससे पहले चीन के लंबी दूरी के HQ-9 सिस्टम (HQ-9/P और HQ-9BE) और मध्यम से लंबी दूरी के HQ-16 सीरीज (LY-80 से लेकर HQ-16FE/AE) को अपनी थलसेना और वायुसेना में तैनात कर चुका है। हालांकि, ये सिस्टम रणनीतिक सुरक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन सैनिकों के जमावड़े और बख्तरबंद टुकड़ियों की 'पॉइंट डिफेंस' (सटीक सुरक्षा) के लिए शॉर्ट-रेंज सिस्टम की सख्त जरूरत थी, जिसे अब HQ-17AE पूरा करेगा।
वांग ने कहा कि साथ ही, पाकिस्तान ने चीन के HQ-16 सीरीज़ के एयर डिफ़ेंस सिस्टम को भी शामिल किया है, जिसमें LY-80 से लेकर ज़्यादा रेंज वाले HQ-16FE/AE तक शामिल हैं। ये सभी मिलकर पाकिस्तान की आर्मी और एयर फ़ोर्स के रीजनल मीडियम-टू-लॉन्ग-रेंज एयर डिफ़ेंस नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी बनाते हैं।
ये सभी सिस्टम नेशनल स्ट्रैटेजिक एयर डिफ़ेंस के अहम हिस्से हैं। हालांकि, एक्सपर्ट ने कहा कि शॉर्ट-टू-मीडियम-रेंज एयर डिफ़ेंस सिस्टम 'पॉइंट डिफ़ेंस' का मुख्य हिस्सा होते हैं और इस क्षेत्र में पाकिस्तान की क्षमताओं में सुधार की गुंजाइश रही है। अगर दुश्मन मीडियम-टू-लॉन्ग-रेंज एयर डिफ़ेंस नेटवर्क को भेदकर अंदर आ जाते हैं, तो सैनिकों के इकट्ठा होने की जगहों और बख्तरबंद टुकड़ियों को खतरा हो सकता है।
वांग ने आगे कहा कि चूंकि पाकिस्तान HQ-17AE सिस्टम का इस्तेमाल करने वाला एक और इंटरनेशनल देश बन गया है, इसलिए यह सिस्टम शॉर्ट-रेंज एयर डिफ़ेंस की कमी को पूरा करने और ड्रोन जैसे कम ऊंचाई वाले खतरों से निपटने की पाकिस्तान की क्षमता को मज़बूत करने में मदद कर सकता है।
HQ-17AE पहली बार दक्षिणी चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के ज़ुहाई में 13वीं चीन इंटरनेशनल एविएशन एंड एयरोस्पेस एग्ज़िबिशन (या एयरशो चाइना 2021) में दिखाई दिया था। यह देश में ही विकसित किया गया एक मल्टीफ़ंक्शनल एयर डिफ़ेंस मिसाइल सिस्टम है।
सरकारी कंपनी 'चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन' (CASIC) की 'सेकंड एकेडमी' द्वारा विकसित यह सिस्टम हाई-परफ़ॉर्मेंस टारगेट को रोकने और सैचुरेशन हमलों का सामना करने में सक्षम है। साथ ही, इसमें सभी फ़ंक्शन एक ही गाड़ी में इंटीग्रेटेड हैं, जिसमें ज़्यादा मोबिलिटी के लिए व्हील्ड ऑफ़-रोड चेसिस लगा है। मार्च 2021 में CASIC ने 'ग्लोबल टाइम्स' को भेजे एक बयान में इसे "कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों का शिकारी" (low-altitude aircraft hunter) कहा था।
इसके डेवलपर के अनुसार, HQ-17AE में कई एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जैसे कि ऑल-सॉलिड-स्टेट फेज़्ड ऐरे रडार, वर्टिकल कोल्ड लॉन्च मिसाइल सिस्टम, डायरेक्ट फ़ोर्स फ़ास्ट टर्न सिस्टम और घूमने वाले टेल विंग्स। ये खूबियां इस एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तेज़ी से प्रतिक्रिया करने और युद्ध के मैदान में जटिल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक माहौल के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता देती हैं। 'ग्लोबल टाइम्स' की एक पिछली रिपोर्ट के मुताबिक, यह वाहन चलते-चलते मिसाइल लॉन्च कर सकता है और लड़ाई के दौरान दूसरे वाहनों के साथ जुड़कर एक नेटवर्क बना सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हर HQ-17AE वाहन आठ मिसाइलें ले जा सकता है और एक साथ चार टारगेट पर हमला करने के लिए चार मिसाइलों को गाइड करने में सक्षम है, क्योंकि इसमें कई टारगेट को रोकने (इंटरसेप्ट करने) की बेहतरीन क्षमता है।
जून 2024 में क्रुशेवैक शहर में एक मिलिट्री परेड के दौरान, सर्बिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री मिलोस वुसेविक ने कहा कि देश चीन से हाल ही में खरीदे गए HQ-17AE शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम का प्रदर्शन करेगा। वुसेविक ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि HQ-17AE सिस्टम सर्बिया के एयरस्पेस को और बेहतर सुरक्षा देगा और देश के सबसे शक्तिशाली एयर डिफेंस हथियार, FK-3 के साथ बेहतरीन तालमेल बिठाएगा।
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