Meta ने पेश किया नया AI Agent Muse, रोजमर्रा के कामों में करेगा मदद
न्यूयॉर्क, नौ सितंबर (एपी) फेसबुक और इंस्टाग्राम के स्वामित्व वाली कंपनी मेटा ने मंगलवार को निजी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एजेंट ‘म्यूज’ पेश किया। यह सेवा 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है, जो रोजमर्रा के कामों जैसे दिनचर्या, खरीदारी और दीर्घकालिक लक्ष्यों को कार्ययोजना में बदलने में मदद चाहने वालों के लिए बनाई गई है। मेटा ने अपने इस एआई एजेंट की सुरक्षा और गोपनीयता सुविधाओं पर विशेष जोर दिया है।
कंपनी के अनुसार, फिलहाल ‘म्यूज’ केवल अमेरिका में उपलब्ध है। यह एक सुरक्षित वर्चुअल मशीन पर काम करता है, जिसमें एआई एजेंट और उपयोगकर्ता का डेटा दोनों सुरक्षित रहते हैं। लोग ‘म्यूज’ के लिए बनाए गए अलग ऐप के जरिए या व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
यह ईमेल भेजने या यात्रा बुक करने जैसे सामान्य काम कर सकता है। यह एक साल की व्यायाम योजना बनाने या नया कारोबार शुरू करने जैसे लंबे समय वाले लक्ष्यों में भी सहायता कर सकता है। मेटा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, “जब कोई व्यक्ति म्यूज के साथ अपना लक्ष्य साझा करता है तो यह उसके लिए व्यक्तिगत योजना बनाने, समय और संसाधनों के प्रबंधन में मदद करता है और फिर खुद आगे बढ़कर काम करता है।
यह ब्राउजर खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है और उपयोगकर्ता की ओर से बातचीत भी कर सकता है।” तकनीकी कंपनियां एआई एजेंट को चैटबॉट के बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता की अगली बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही हैं। चैटबॉट सवालों के जवाब देने और जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम होते हैं, लेकिन वे उपयोगकर्ता की ओर से कोई काम पूरा नहीं कर सकते। सामान्य रूप से एआई एजेंट पारंपरिक कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह काम करता है, जो किसी तय काम को पूरा करता है।
लेकिन जब इसे ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल’ (एलएलएम) से जोड़ा जाता है तो यह बिना हर कदम के निर्देश के भी जानकारी तलाशकर काम पूरा करने में सक्षम हो जाता है। मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग के लिए यह एजेंट कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सभी लोगों तक पहुंचाने की उनकी सोच का हिस्सा है।
Saudi Arabia पर Houthi हमलों के बाद Pakistan ने दी चेतावनी, संयुक्त रक्षा समझौता हो सकता है लागू
(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, नौ सितंबर पाकिस्तान ने कहा है कि इसमें ‘‘कोई संशय नहीं होना चाहिए’’ कि नवगठित ‘मक्का रक्षा गठबंधन’ के तीन सदस्यों में से किसी एक पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। इसके साथ ही उसने चेतावनी दी कि सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद यह समझौता लागू हो सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का मंगलवार को यह बयान सऊदी अरब पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा मिसाइल व ड्रोन हमले किए जाने के कुछ ही घंटे बाद आया।
इन हमलों में शहरी, आर्थिक व ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया और कम से कम 73 नागरिक घायल हो गए। रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी सदस्य देश के खिलाफ बिना उकसावे के की गई आक्रामकता या यमन संघर्ष के सऊदी अरब तक फैलने की स्थिति में पिछले महीने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच हुए समझौते के सामूहिक रक्षा प्रावधान सक्रिय हो जाएंगे। आसिफ ने जियो टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘इसमें कोई संशय नहीं होना चाहिए।
इस बात के लिए किसी और स्पष्टता की आवश्यकता नहीं है कि यह एक संयुक्त रक्षा समझौता है।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समझौते के तहत सऊदी अरब के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेगा। आसिफ ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हम इस समझौते की शर्तों से बंधे हैं और जरूरत पड़ने पर हम इन शर्तों का पूरी तरह पालन करेंगे।” हालांकि, आसिफ ने कहा कि हूती हमलों के बाद पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच किसी संपर्क के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता रक्षात्मक प्रकृति का है और यह तीनों देशों को अपनी पहल पर किसी अन्य देश के खिलाफ हमला करने का अधिकार नहीं देता है। मंत्री ने कहा, “इस समझौते का मकसद आक्रामक कार्रवाई करना नहीं है। इसके तहत तीनों देश अपनी ओर से पहल करके किसी दूसरे देश पर हमला नहीं करेंगे।
लेकिन अगर किसी एक सदस्य देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई होती है, तो तीनों सदस्य देश मिलकर उसका जवाब देंगे।” उन्होंने उम्मीद जताई कि तनाव कम होगा, लेकिन हूतियों को चेतावनी दी कि वे यमन संघर्ष को देश की सीमाओं से बाहर न ले जाएं।
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