'कुछ दर्द दिखाई नहीं देते', जानिए मानसिक पीड़ा से जुड़े 5 बड़े मिथक और उनके तथ्य
नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। मानसिक स्वास्थ्य हमारे जीवन का उतना ही जरूरी हिस्सा है, जितना शारीरिक स्वास्थ्य। फिर भी मानसिक परेशानी को लेकर समाज में आज भी कई तरह के भ्रम और झिझक मौजूद हैं। खासकर आत्महत्या जैसे संवेदनशील विषय पर खुलकर बात करने के बजाय अक्सर चुप्पी साध ली जाती है। यही चुप्पी कई बार किसी परेशान व्यक्ति को और अकेला महसूस करा सकती है। इसलिए जरूरत है कि हम आत्महत्या से जुड़े मिथकों को समझें, उन्हें तोड़ें और संवेदनशीलता के साथ लोगों का साथ दें।
यूएस ओपन: जेसिका पेगुला सेमीफाइनल में पहुंचीं, एरिना सबालेंका से होगा मुकाबला
यूएस ओपन: जेसिका पेगुला सेमीफाइनल में पहुंचीं, एरिना सबालेंका से होगा मुकाबला
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama







