Responsive Scrollable Menu

BRICS Summit में UNSC सुधार और बहुध्रुवीय व्यवस्था पर Antonio Guterres देंगे जोर

(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 10 सितंबर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतानियो गुतारेस इस सप्ताह के अंत में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के महत्व और सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर देंगे, ताकि ये संस्थाएं मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को प्रतिबिंबित कर सकें। गुतारेस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली पहुंचेंगे। यह सम्मेलन 12-13 सितंबर को नयी दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।

उन्हें 13 सितंबर को ‘समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना : लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ विषय पर आयोजित खुले सत्र को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को यहां नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘महासचिव अपने संबोधन में यह रेखांकित कर सकते हैं कि आज की आर्थिक, जनसांख्यिकीय और भू-राजनीतिक वास्तविकताएं 1945 जैसी नहीं हैं और शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले देश इस बदलती वास्तविकता का प्रतिनिधित्व करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि गुतारेस के इस बात पर भी “जोर देने की उम्मीद है कि बहुध्रुवीयता वैश्विक व्यवस्थाओं और संस्थाओं में संतुलन लाने में मदद कर सकती है’’, लेकिन इसके लिए ‘ब्रेटन वुड्स’ (द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और मौद्रिक व्यवस्था) प्रणाली और सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार करना होगा, ताकि वे आज की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित कर सकें। भारत और कई अन्य देश लंबे समय से सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करते रहे हैं।

इन देशों का तर्क है कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना 21वीं सदी की भू-राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित नहीं करती। भारत संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय में व्यापक सुधार की अपनी मुहिम के तहत सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की मांग करता रहा है। दुजारिक ने कहा कि गुतारेस के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने और शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की भी उम्मीद है।

भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। वह ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में समूह की अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने एक जनवरी को ब्रिक्स की अपनी चौथी अध्यक्षता संभाली थी।

इसके साथ ही समूह की स्थापना के 20 वर्ष पूरे हो गए। बैठक में पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव सहित कई गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। ब्रिक्स की थीम ‘‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’’ है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में गुतारेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। उन्होंने इससे पहले फरवरी में नयी दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिति 2026’ में हिस्सा लेने के लिए भारत की यात्रा की थी। यह ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित पहला वैश्विक एआई (कृत्रिम मेधा) शिखर सम्मेलन था, जिसमें ‘‘लोग, पृथ्वी और प्रगति’’ के सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

Continue reading on the app

महिलाओं को मिलेंगे 1 लाख रुपये! इस राज्य ने तैयार की धांसू योजना, जल्द हो सकता है ऐलान

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सरकार महिला वोटरों को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. इसी मकसद से राज्य के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने महिलाओं को लेकर बेहद लाभकारी योजना लाने के संकेत दिए हैं. दरअसल, सरकार ऐसी योजना पर काम कर रही है जिसमें प्रदेश की लाखों महिलाओं को बिना ब्याज के एक लाख रुपये तक की मदद दी जा सके.

बता दें यह पैसा सीधे महिलाओं के बैंक अकाउंट में नहीं बल्कि किस्तों और एक खास क्रेडिट कार्ड के जरिए दिया जाएगा. किश्तों में पैसा मिलने पर महिलाएं इससे अपना छोटा कारोबार शुरू कर सकती हैं. 

महिलाओं को 1 लाख रुपये देने की योजना असल में है क्या?

जानकारी के मुताबिक यह योजना उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बनाई जा रही है. जिसका मकसद है कि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपने दम पर रोजगार खड़ा कर सकें. बताया जा रहा है कि पात्र महिलाओं को कुल एक लाख रुपये तक की रकम बिना ब्याज के मिल सकती है.

यूपी में महिलाओं को पैसा किस तरह मिलेगा?

सरकार सूत्रों की मानें तो ऐसी चर्चा है कि पहली किस्त के तौर पर करीब 20 हजार रुपये पहली किस्त में जारी किए जाएं. इसके बाद दूसरी किस्त में 30 हजार और तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये दिए जा सकते हैं. अभी तक की प्लानिंग के अनुसार इस रकम को पाने के लिए महिलाओं को एक विशेष क्रेडिट कार्ड जारी किया जाएगा. कार्ड देने का मकसद है कि इससे लेनदेन को ट्रैक किया जा सकेगा.

किन महिलाओं को होगा फायदा?

जानकारी के मुताबिक इस योजना से मुख्य रूप से उन महिलाओं को फायदा होगा, जो पहले से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं. सरकार का इरादा है कि शुरुआत में करीब एक करोड़ महिलाओं तक इसका लाभ दिया जा सके. इसके बाद सरकार दूसरे चरण में प्रदेश की तीन करोड़ महिलाओं को इस योजना से जोड़ेगी. 

कितने समय तक चलेगी योजना?

जानकारी के मुताबिक यह योजना तीन साल के लिए लागू की जा सकती है. यानी महिलाओं को यह मदद किसी एक साल तक सीमित नहीं बल्कि लंबे समय तक मिलती रहेगी. बता दें उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या साढ़े पांच करोड़ से ज्यादा है, जो कुल वोटरों का करीब आधा हिस्सा है. ऐसे में महिला वर्ग को साधना हर पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है. एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस बारे में कहा कि सरकार लगातार महिला सशक्तीकरण की दिशा में काम कर रही है और यह योजना उसी कड़ी का हिस्सा है.

इस राज्य में DA एरियर पर बवाल, BJP विधायकों ने सरकार को घेरा

Continue reading on the app

  Sports

Maharaja Ranjit Singh: भारत का पहला इंटरनेशनल क्रिकेटर, जिन्हें अपनी टीम में लेने के लिए आपस में भिड़ गए थे अंग्रेज

Ranjit Singh Story: सोचिए गुलाम भारत का कोई रहवासी कैसे इंग्लैंड जाकर उन्हीं की टीम से खेलने लगता है जबकि कई अंग्रेज इसके खिलाफ थे. यहां तक कि क्रिकेट की बाइबल कही जाने वाली मैग्जीन विजडन ने भी रणजीत सिंह के टैलेंट का लोहा मानते हुए उन्हें 1897 में क्रिकेट ऑफ द ईयर से सम्मानित किया था. Thu, 10 Sep 2026 09:00:17 +0530

  Videos
See all

Weather Update: 24 घंटे मूसलाधार बारिश...20 राज्यों में IMD का अलर्ट! | IMD Alert |Heavy Rain | N18V #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-10T04:45:06+00:00

Maharashtra | अचानक बस की चपेट में आ गई मां बेटी! | #shorts #viralvideo #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-10T04:34:52+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers