साल का 9वां महीना यानी की सितंबर की शुरूआत हो चुकी है। वहीं 17 सितंबर 2026 को सूर्य का महागोचर होने वाला है। सूर्य सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या राशि सूर्य की मित्र राशि है, जिस कारण सूर्य का यह गोचर बेहद खास रहने वाला है। जिसके प्रभाव से 17 अक्तूबर 2026 तक कुछ राशियों को विशेष परिणाम मिलने की संभावना है। इस दौरान सभी क्षेत्रों में पॉजिटिव बदलाव देखने को मिल सकता है। तो आइए जानते हैं सूर्य के कन्या राशि में गोचर से किन राशियों को किस्मत का साथ मिलने वाला है।
मेष राशि
मेष राशि में सूर्य कुंडली में पंचम भाव के स्वामी होते हैं। वर्तमान समय में यह छठे स्थान पर गोचर होगा। ऐसे में मेष राशि के जातकों के करियर में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी। वहीं लंबे समय से अटके हुए काम धीरे-धीरे गति पकड़ेंगे। सेहत भी पहले की तुलना में काफी बेहतर रहने वाली है।
कर्क राशि
इस राशे के लोगों के लिए सूर्य कुंडली के धन भाव के स्वामी होकर तीसरे भाव में गोचर करने वाले हैं। कर्क राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। घर या करियर के मामले में फैसले लेने की क्षमता शानदार रहेगी। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभ पहुंचा सकती है। नौकरी को लेकर पुरानी कोशिशों का अच्छा परिणाम मिलने के साथ धन लाभ के योग बन सकता है।
धनु राशि
धनु राशि के लिए सूर्य भाग्य भाव के स्वामी होकर दशम भाव यानी की कर्म भाव में गोचर करने वाले हैं। सूर्य का यह गोचर मेहनत का फल देने वाला रहेगा। बिजनेस में बड़ी सफलता मिल सकती है। कारोबारियों को नई डील मिलने के साथ बिजनेस में विस्तार के मौके मिलेंगे। आपका समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। वहीं प्रेम जीवन को भी सही दिशा मिलेगी।
Online Business Idea: अगर आपके पास फिटनेस सिखाने का गुर है, तो ये बिज़नेस आइडिया आपकी चांदी करवा सकता है. बस, आपको करना होगा थोड़ा खर्च और समझ लीजिए आप हो जाएंगे खुद के बिजनेस के मालिक...जानें कैसे?
Ricky Ponting ODI Cricket: दुनियाभर में लगातार बढ़ती T20 लीग्स के बीच वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का मानना है कि आने वाले वर्षों में 50 ओवर का क्रिकेट अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर में कम हो सकता है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट को लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि यह फॉर्मेट अपनी मजबूत जगह बनाए रखेगा।
पोंटिंग ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया में नई T20 लीग्स और फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे वनडे क्रिकेट के लिए जगह कम होती जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन्हें पसंद नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद 50 ओवर का फॉर्मेट काफी पसंद है। लेकिन क्रिकेट के बढ़ते व्यस्त कैलेंडर में किसी न किसी फॉर्मेट को नुकसान उठाना ही पड़ेगा और उनके मुताबिक इसका सबसे बड़ा असर वनडे पर पड़ सकता है।
टेस्ट क्रिकेट को लेकर पोंटिंग ने कहा कि जब तक भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और संभवतः दक्षिण अफ्रीका जैसे बड़े क्रिकेटिंग देश टेस्ट को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं, तब तक यह फॉर्मेट चलता रहेगा। ऐसे में वनडे क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी चुनौती T20 का बढ़ता प्रभाव है।
हालांकि, पोंटिंग ने दुनिया भर में हो रही T20 लीग्स के फायदे भी गिनाए। उनका कहना है कि इन टूर्नामेंट्स से खिलाड़ियों को कमाई के साथ करियर के आखिरी दौर में भी क्रिकेट से जुड़े रहने का मौका मिल रहा है। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) का उदाहरण देते हुए कहा कि डेविड वॉर्नर जैसे खिलाड़ियों के लिए ऐसी लीग्स काफी उपयोगी हैं।
इसी बीच ICC CEO संजोग गुप्ता ने भी कहा है कि बेतरतीब तरीके से आयोजित होने वाली द्विपक्षीय सीरीज का दौर खत्म होना चाहिए। हालांकि उन्होंने माना कि वनडे क्रिकेट विश्वकप से जुड़ी अपनी अहमियत के कारण आगे भी मजबूती से बना रह सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने क्रिकेट के लिए इंग्लिश प्रीमियर लीग जैसा मॉडल अपनाने की संभावना जताई। उनका मानना है कि भविष्य में क्रिकेट क्लब फुटबॉल की तर्ज पर आगे बढ़ सकता है, लेकिन अलग-अलग देशों में मौजूद फ्रेंचाइजी लीग्स और विदेशी खिलाड़ियों की संख्या को लेकर कई नियम बदलने पड़ेंगे।
वॉर्नर ने यह भी कहा कि T20 लीग्स की बढ़ती संख्या खिलाड़ियों के लिए चुनौती और मौका दोनों है। अगर कोई खिलाड़ी हर टूर्नामेंट खेलना चाहेगा तो उसे आराम का समय नहीं मिलेगा। वहीं, इससे एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने के ज्यादा अवसर मिलेंगे।