योगी आदित्यनाथ बोले- राहुल गांधी से देश को कोई अपेक्षा नहीं लेकिन नेता प्रतिपक्ष से है, “मनुस्मृति” पर दी ये सलाह
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर सनातन पर पटाक्ष किया है जिसने सियासत को भड़का दिया है, महाराष्ट्र के पुणे में हुए छात्रों की गूंज कार्यक्रम में मनुस्मृति का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें महिलाओं को उनके पिता, पति या पुत्र के अधीन बताया गया है, जो कि शर्मनाक है। महिलाओं की पहचान केवल बेटी, पत्नी या मां तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वे अपने स्वतंत्र अस्तित्व की अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी को उनके बयान पर करारा जवाब दिया है।
योगी आदित्यनाथ आज राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक, ‘अवध केसरी’ राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर ‘भाव समर्पण समारोह’ में शामिल हुए, इस अवसर पर उन्होंने 21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नवनिर्मित ‘राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार’ का लोकार्पण किया साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों के परिजनों का सम्मान तथा ‘अवध केसरी स्मारिका’ एवं विशेष आवरण (स्पेशल कवर) का विमोचन किया।
कार्यक्रम में योगी ने रायबरेली, बछरावां व हरचंदपुर विधान सभा क्षेत्रों में 879 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को DBT के माध्यम से 19 करोड़ रूपी की राशि का अंतरण किया तथा आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप, स्वीकृति-पत्र एवं चाबी का वितरण किया । वहीं, सपेरा समुदाय एवं अन्य वर्गों के 60 से अधिक आवास विहीन परिवारों को आवासीय पट्टे आवंटित वितरित किए ।
मनुस्मृति पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर योगी का पलटवार
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय सांसद राहुल गांधी के बयान पर तीखी टिप्पणी की, योगी ने कहा मैं रायबरेली से सांसद राहुल गांधी का एक बयान पढ़ रहा था। उन्होंने महाराष्ट्र में कहा कि महिलाएं अब मनुस्मृति के बंधन को तोड़कर बाहर आ जाएं, राहुल जी एक राहुल गांधी के रूप में आपसे ये देश बहुत अपेक्षा नहीं करता है लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपको भारत के लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह बनाता है, आपने भारत के संविधान की शपथ ली है उसके बाद भी भारत की परम्परा भारत की विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं।
योगी ने कहा मनु को जानना है तो वेद और पुराण पढ़िए
योगी ने कहा राहुल गांधी यूपी के बाहर जाते हैं तो यूपी को लांछित और अपमानित करते हैं भारत के बाहर जाते हैं तो भारत का अपमान करते हैं, भारत की सेना जब सीमा पर दुश्मनों के खिलाफ लड़ती है तो आप प्रमाण मांगते हैं, आतंकवाद के खिलाफ देश की लड़ाई में आप देश विरोधी तत्वों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहित करते हैं, भगवान राम के अस्तित्व पर आपकी पार्टी प्रश्न खड़ा करती है, लोकतंत्र के प्रति आपकी निष्ठा क्या है ये तो देश की जनता 1975 में इमरजेंसी यानि आपातकाल के काले साये के रूप में देख चुकी है, योगी ने कहा यदि आपको मनु को जानना है तो अथर्ववेद पढ़िए, सत्पद ब्राह्मण पढ़िए, मस्त्यपुराण पढ़िए आपको सब जानकारी मिल जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने समझाया रिश्तों का सम्बन्ध
उन्होंने कहा मैं पूछना चाहता हूँ कौन ऐसा व्यक्ति है जिसे जिसके जीवन में माँ, बहन, पत्नी बेटे के किसी न किसी रूप में महिला का संरक्षण ना मिला हो क्या कोई बेटी पिता के बिना है? क्या कोई बहन भाई के बिना है? क्या कोई पत्नी पति के बिना अपने अस्तित्व को मानती है? क्या कोई माँ बेटे के बिना अपने अस्तित्व को पूर्ण मानती है ?यदि मनुस्मृति ने ये बात कही है तो क्या गलत कहा ?
आप भारत की विरासत को क्यों नष्ट करना चाहते हैं?
योगी ने कहा आपने देखा होगा कि कैसे जंतर-मंतर पर एक बेटी ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और बाद में, उस बेटी और उसकी माँ, दोनों ने अपनी बात वापस ले ली और माफ़ी भी माँगी। उसके माता-पिता ने भी माना कि उनकी बेटी ने गलत बात कही थी। आप ‘अर्बन नक्सल’ के हाथों भारत की मौजूदा पीढ़ी का भविष्य क्यों बर्बाद करना चाहते हैं? आप भारत की विरासत को क्यों नष्ट करना चाहते हैं? आप भारत के भविष्य को खतरे में क्यों डालना चाहते हैं? देश को उम्मीद थी कि आप विपक्ष के एक ज़िम्मेदार नेता के तौर पर सकारात्मक भूमिका निभाएँगे, लेकिन आपने उस भूमिका को पूरी तरह से गँवा दिया और छोड़ दिया। आपने अपनी ज़िम्मेदारियों से पूरी तरह किनारा कर लिया है। और ठीक इसीलिए, जहाँ अमेठी और रायबरेली ने इस परिवार का बोझ उठाया, वहीं इस परिवार ने लगातार इस इलाके के लिए पहचान का संकट भी पैदा किया।
राहुल जी, आप मनु, प्रभु श्री राम और भारत की विरासत पर टिप्पणी करते हैं।
मनु को जानना है तो अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण पढ़िए… pic.twitter.com/moMrzZ7jKq
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 24, 2026
क्यों आप अर्बन नक्सलियों के हाथों वर्तमान पीढ़ी के भविष्य को खराब करना चाहते हैं?
क्यों भारत की विरासत को बर्बाद करना चाहते हैं?
क्यों भारत के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना चाहते हैं?
आपसे एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष के रूप में सकारात्मक भूमिका की अपेक्षा ये देश रखता था… pic.twitter.com/oJ1vBy4ifB— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 24, 2026
नेपाल बाढ़ से तबाही: एक ही घर से मिले 23 शव, मरने वालों का आंकड़ा 939 पहुंचा; अभी भी 4000 लोग लापता
Nepal flash flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को आए विनाशकारी अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। इस भयंकर प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 939 तक पहुंच गई है, जबकि 4,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। नुवाकोट जिले में मलबे में दबे एक मकान से एक ही बार में 23 शव बरामद होने के बाद इस तबाही का खौफनाक मंजर एक बार फिर सामने आया है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लापता लोगों की तलाश में समय के खिलाफ दौड़ रही हैं।
गोसाईकुंड जा रहे तीर्थयात्री होने की आशंका
सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक नुवाकोट जिले की विदुर नगरपालिका के बेत्रावती गांव में मलबे ने तीन मंजिला मकान को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था। उफनती भोटेकोशी नदी के मलबे से निकाले गए इन 23 शवों में से 21 शव एक ही कमरे के भीतर से मिले, जबकि 2 शव घर के बाहर से बरामद हुए। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ये सभी लोग प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोसाईकुंड की ओर जाने वाले तीर्थयात्री हो सकते हैं, हालांकि अभी तक उनकी पहचान पुष्ट नहीं हो पाई है।
नुवाकोट के पुलिस अधीक्षक बिपिन रेग्मी ने बताया कि एक कमरे से मिले 21 शवों में एक शव किसी विदेशी नागरिक का होने की संभावना है। शवों के पास से बैग भी मिले हैं। सबसे दर्दनाक दृश्य छत के ठीक नीचे वाले कमरे में दिखा, जहां कई लोग जान बचाने के लिए ऊपर भागे थे। एक महिला का शव मिला है जिसने एक छोटी बच्ची को कसकर पकड़ रखा था, जिससे आशंका है कि वे मां-बेटी थीं। मलबे और बाढ़ के अचानक आ जाने से यह घर उन लोगों के लिए एक ट्रैप साबित हुआ। इनमें से 8 शवों को त्रिशूल अस्पताल भेज दिया गया है, जबकि बाकी शवों को अभी छत पर रखा गया है जिन्हें बाद में सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।
40000 के करीब लोग लापता, हाइड्रो प्रोजेक्ट्स पर संकट
नुवाकोट की इस घटना के अलावा नेपाल के अन्य हिस्सों में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। रसुवा जिले के उत्तरगया गांव में लगभग 350 छात्र लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। वहीं, त्रिशuli 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर बचाव अभियान कठिन परिस्थितियों के कारण लगातार छठे दिन भी रुका हुआ है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 40-42 इंजीनियर काम कर रहे थे, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इसके अलावा, त्रिशूली 3B हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के भी 118 कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा भारत
इस विकट परिस्थिति में नेपाल की मदद के लिए भारतीय बचाव विशेषज्ञों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। बेहद खराब मौसम और दुर्गम इलाकों की तमाम बाधाओं को पार करते हुए भारतीय रेस्क्यू टीमें नेपाली सेना के साथ मिलकर राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। रसुवा जिले के चिलीम और लांगटांग में सुरंगों के भीतर फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के अभियान में भारतीय टीम को शुरुआती सफलता भी मिली है। लापता लोगों की तलाश और जीवित बचे लोगों को बचाने के लिए ये अभियान अभी भी युद्धस्तर पर जारी हैं।
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