Responsive Scrollable Menu

IIT मंडी में शूद्रों को बताया अगड़ी जातियों का ‘सेवक’:गीता के पोस्टर पर विवाद बढ़ा तो निदेशक ने बैठाई जांच, कहा- छात्रों की गलती

IIT मंडी के कैंपस में लगे एक भगवद्गीता-थीम वाले पोस्टर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्टर में शूद्रों का काम ‘ऊंची जातियों की सेवा करना’ बताया गया था। मामला तूल पकड़ता देख संस्थान के निदेशक लक्ष्मीधर बेहरा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की अपनी व्याख्या थी, संस्थान का इससे कोई लेना-देना नहीं। दिलचस्प बात यह है कि बेहरा खुद लंबे समय से भगवद्गीता पढ़ाते आए हैं और इस्कॉन (ISKCON) से भी उनका पुराना नाता है। वे IIT मंडी में गीता पर एक पूरा कोर्स पढ़ाते हैं और प्रस्तावित भक्तिवेदांत यूनिवर्सिटी के संस्थापक भी हैं, जिसे इस्कॉन की ही एक पहल बताया जाता है। निदेशक ने बताया छात्रों की गलती रविवार को पीटीआई से बात करते हुए बेहरा ने कहा- ‘कुछ छात्रों ने गीता की अपने तरीके से व्याख्या कर दी। मैंने जांच समिति बना दी है। यह एक स्टूडेंट इवेंट था।’ साथ ही उन्होंने साफ किया कि वे और उनका संस्थान, दोनों जातिगत भेदभाव के सख्त खिलाफ हैं। कैंपस को भेजा माफीनामा जैसा ईमेल रविवार को ही बेहरा ने पूरे कैंपस को एक ईमेल भेजा, जिसका टाइटल है- कैंपस में हाल ही में लगाए गए पोस्टर की खुली निंदा।’ इसमें उन्होंने लिखा कि 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दौरान यह पोस्टर लगा, और इसकी जानकारी मिलते ही उन्हें ‘झटका’ लगा। उन्होंने साफ किया कि संस्थान ने इसे किसी भी तरह से समर्थन नहीं दिया। ईमेल में बेहरा ने लिखा- ‘मैंने हर मंच पर निजी तौर पर जातिगत भेदभाव के हर रूप के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। मैंने जांच समिति बना दी है, ताकि कैंपस का इस्तेमाल आगे कभी ऐसी किसी हरकत के लिए न हो। जो लोग इससे आहत हुए हैं, मैं उनकी भावनाएं समझता हूं।’ बेहरा- मैंने पोस्टर नहीं देखा उन्होंने आगे लिखा कि संस्थान संविधान में दर्ज समानता, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक सोच जैसे मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, और कैंपस से हर तरह के भेदभाव के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की अपील की। बेहरा के मुताबिक, यह पोस्टर एक छात्र के नेतृत्व में तैयार हुआ था। मामले की जांच के लिए अब फैकल्टी सदस्यों के साथ-साथ SC और OBC समेत अलग-अलग सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों वाली एक समिति बना दी गई है। बेहरा ने बताया कि इस दौरान वे कैंपस से बाहर थे और शनिवार को ही लौटे। विवाद की जानकारी उन्हें रविवार सुबह मिली। उन्होंने कहा- ‘मैंने पोस्टर देखा तक नहीं है। मैं किसी का पक्ष नहीं लेना चाहता, फैसला समिति पर छोड़ता हूं।’ निदेशक कई बार विवादों में आ चुके हैं बेहरा की IIT मंडी प्रोफाइल के मुताबिक, वे पिछले 27 सालों से युवाओं को ‘गीता के जरिए शांति के सार्वभौमिक सिद्धांत’ सिखा रहे हैं। ‘एचजी लीला पुरुषोत्तम दास’ नाम से भी जाने जाने वाले बेहरा, प्रस्तावित भक्तिवेदांत यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं। उन्होंने दावा किया- ‘इस्कॉन ही अकेला संगठन है जो जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ सबसे सख्ती से बोलता है। वहां शूद्र समुदाय के लोग भी पुजारी हैं, मुस्लिम भी पुजारी हैं। हम हर तरह के जातिवाद के खिलाफ हैं- सारे काम गुण और कर्म से तय होते हैं, जाति से नहीं।’ उन्होंने यह भी बताया कि जब वे संस्थान में आए थे, तब OBC, SC और ST वर्गों से कोई फैकल्टी सदस्य नहीं था, अब यह संख्या काफी बढ़ चुकी है। मांस न खाने की कसम दिलवा चुके हैं बेहरा रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ाने वाले इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर बेहरा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 2023 में उन्होंने छात्रों से मांस न खाने की कसम दिलवाई थी, यह कहते हुए कि हिमाचल में हो रहे भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं जानवरों पर हो रही क्रूरता की वजह से हैं। इससे एक साल पहले, निदेशक बनने के तुरंत बाद, एक वीडियो सामने आया था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने मंत्र जपकर एक दोस्त के परिवार को ‘बुरी आत्माओं’ से छुटकारा दिलाया। जून में भी IIT मंडी के इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड मेंटल हेल्थ सेंटर ने गीता, आयुर्वेद और पुनर्जन्म पर एक सम्मेलन कराया था, जिसमें बेहरा जनरल चेयर की भूमिका में थे और ‘पुनर्जन्म व मृत्यु के बाद संवाद’ नाम के एक सेशन के सह-आयोजक भी रहे। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने "रामधुन" गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें

Continue reading on the app

The Great Indian Famine 1899: छप्पनिया अकाल, वीडियो में जाने जिसने भारत को हिला दिया था

The Great Indian Famine 1899: छप्पनिया अकाल, वीडियो में जाने जिसने भारत को हिला दिया था

Continue reading on the app

  Sports

Duleep Trophy Final: Ishan Kishan के 270 रनों के प्रहार से East Zone ने खड़ा किया 708 रनों का विशाल स्कोर

चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पूर्व क्षेत्र ने दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। टीम के कप्तान ईशान किशन ने ऐसी शानदार पारी खेली, जिसने पूरे मुकाबले का रुख ही बदल दिया। किशन ने 270 रन की विशाल पारी खेलकर दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों को पूरी तरह परेशान कर दिया। उनके साथ कुमार कुशाग्र ने भी 101 रन की शतकीय पारी खेली, जिसकी मदद से पूर्व क्षेत्र ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

मौजूदा स्थिति को देखते हुए पूर्व क्षेत्र ने खिताब पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। बता दें कि चेपॉक मैदान पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह केवल तीसरा मौका है, जब किसी टीम ने 700 से अधिक रन का आंकड़ा पार किया है। पूर्व क्षेत्र ने दूसरे दिन का खेल 385 रन पर चार विकेट से आगे शुरू किया था और दिन की शुरुआत से ही रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।

दक्षिण क्षेत्र ने विकेट निकालने की उम्मीद में केवल एक ओवर के बाद नई गेंद ले ली, लेकिन मोहम्मद सिराज और एमडी निधीश दोनों ही शुरुआती सफलता दिलाने में नाकाम रहे। ईशान किशन ने सिराज के खिलाफ लगातार दो चौके लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। इसके बाद उन्होंने निधीश के ओवर में भी गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया।

कुछ ही देर में कुमार कुशाग्र भी इस रन बरसात में शामिल हो गए। दक्षिण क्षेत्र ने दोनों स्पिन गेंदबाजों त्रिपुराना विजय और श्रेयस गोपाल को आक्रमण पर लगाया, लेकिन इससे भी पूर्व क्षेत्र के बल्लेबाजों पर कोई खास असर नहीं पड़ा। कुशाग्र ने श्रेयस गोपाल के खिलाफ दो चौके लगाकर अपने 90 रन पूरे किए और इसके बाद अपना छठा प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया। हालांकि भोजनावकाश से ठीक पहले दक्षिण क्षेत्र को सफलता मिली और कुशाग्र 101 रन बनाकर फाइन लेग पर कैच दे बैठे।

दूसरे छोर पर ईशान किशन का आक्रमण लगातार जारी रहा। उन्होंने श्रेयस गोपाल के एक ही ओवर में तीन चौके लगाए। दक्षिण क्षेत्र ने किशन की लय तोड़ने के लिए देवदत्त पडिक्कल और शेख रशीद जैसे अतिरिक्त गेंदबाजों को भी आजमाया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। किशन ने 270 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया।

दोहरा शतक पूरा करने के बाद किशन और तेजी से रन बनाने लगे। उन्होंने देखते ही देखते 250 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया। दक्षिण क्षेत्र को उम्मीद थी कि अब पूर्व क्षेत्र पारी घोषित कर देगा, लेकिन कप्तान किशन रन बनाने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखा रहे थे। टीम के 600 रन पार करने के बाद थकान के कारण किशन को कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा।

इसके बावजूद पूर्व क्षेत्र की रन गति नहीं रुकी। टीम के 700 रन के करीब पहुंचने पर मोहम्मद शमी 28 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद किशन दोबारा मैदान पर लौटे और तिहरा शतक पूरा करने की कोशिश में जुट गए। हालांकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। आखिरकार किशन 270 रन पर लॉन्ग ऑन के पास कैच दे बैठे और तिहरे शतक से 30 रन दूर रह गए।

गौरतलब है कि ईशान किशन की इस पारी ने न केवल फाइनल में पूर्व क्षेत्र को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है, बल्कि दक्षिण क्षेत्र के थके हुए गेंदबाजों के सामने 708 रन का विशाल लक्ष्य भी खड़ा कर दिया है। दूसरे दिन के अंत में पूर्व क्षेत्र 708 रन पर ऑलआउट हो चुका है और अब दक्षिण क्षेत्र के सामने मुकाबले में वापसी करने की बड़ी चुनौती है। मौजूदा स्थिति में पूर्व क्षेत्र खिताब के बेहद करीब नजर आ रहा है और तीसरे दिन दक्षिण क्षेत्र की बल्लेबाजी मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाली है।
Tue, 08 Sep 2026 21:58:00 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala | हनुमान अंश की कमाई जानकर चौंक जाएंगे! #ytshorts #shorts #hanumanansh #hindinews #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-08T17:14:50+00:00

News Ki Pathshala: ‘सिर तन से जुदा’ पाकिस्तानी नारा? | #newskipathshala #tauqeerraza #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-08T17:16:51+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers