शमी और मुकेश की शानदार गेंदबाजी, तिलक वर्मा ने जड़ा अर्धशतक, तीसरे दिन के अंत तक साउथ जोन ने 242 पर गंवाए 6 विकेट
Duleep Trophy Final : ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा दलीप ट्रॉफी 2026-27 का फाइनल मैच काफी रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है. इस मुकाबले के तीसरे दिन का खेल खत्म हो गया है. आज यानी तीसरे दिन की समाप्ति के बाद साउथ जोन ने 80 ओवर में 6 विकेट खोकर 242 रन बना लिए हैं. तीसरे दिन जहां साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने धमाकेदार प्रदर्शन बल्ले के साथ किया. वहीं ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने शानदार गेंदबाजी कर धमाल मचाया.
Shami-Mukesh combo strikes ????
— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 8, 2026
The pace bowling duo dismiss set batters Shaik Rasheed and Devdutt Padikkal and breaks 56-run stand ????
South Zone are 134/4, trail by 574 runs.
Scorecard ▶️ https://t.co/BhTkGWeeoD#DuleepTrophy | #EZvSZ pic.twitter.com/NAvgCYBdkA
आज साउथ जोन ने अपनी पारी की शुरुआत की और टीम ने एक के बाद एक कई विकेट गंवा दिए. भारत के लिए रिकी भुई 1 रन बनाकर 10 रनों के स्कोर पर ढेर हो गए. वहीं नारायण जगदीशन 32 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं शेख रशीद ने 27
और श्रेयस गोपाल ने 26 रनों का योगदान दिया. टीम की लाज कप्तान तिलक वर्मा ने बचाई.
तिलक और पडिक्कल ने जड़े अर्धशतक
साउथ जोन के लिए देवदत्त पडिक्कल ने शानदार प्रदर्शन किया और शानदार अर्धशतकीय पारी खेली. पडिक्कल ने 104 गेंदों पर 62 रन बनाए, जिसमें 4 चौके भी लगाए. तिलक वर्मा ने टीम के लिए अर्धशतक लगाया और टीम को ऑलआउट होने से बचाया. उन्होंने 177 बॉल में 5 चौकों के साथ 55 रनों की पारी खेली.
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— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 8, 2026
Devdutt Padikkal continues good form with 62(104) ???? East Zone ????https://t.co/qRCAyD5R2Y#DuleepTrophy | #EZvSZ
टीम के लिए स्मरन रविचंद्रन 55 गेंद पर 23 रन बनाकर आउट हुए. श्रेयस गोपाल 79 गेंद पर 26 रन बनाकर चलते बने. इस समय तिलक 56 और चामा मिलिंद 2 रन बनाकर नाबाद हैं. अब इस मैच के चौथे दिन ये दोनों बल्लेबाज टीम के लिए पारी को आगे बढ़ाने के लिए उतेंगे.
- Hundred in 1st Innings in Semi Final.
— Johns. (@CricCrazyJohns) September 8, 2026
- Fifty in 2nd Innings in Semi Final.
- Fifty in 1st Innings in Final.
CAPTAIN TILAK VARMA - He is making big statements in Duleep Trophy - Indian batting depth in red ball cricket is improving ???? pic.twitter.com/goKpPjhob9
मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने मचाया धमाल
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने ईस्ट जोन की ओर से शानदार गेंदबाजी की और साउथ जोन के खिलाफ दो-दो विकेट हासिल किए. शमी ने 11 मैचों में 17 रन देकर 2 विकेट हासिल किए. वहीं मुकेश ने 12 ओवर में 36 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए.
ईस्ट जोन के ईशान ने खेली मैराथन पारी
ईशान किशन ने दलीफ ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक लगा दिया है. ईशान किशन ने 270 बॉल में 26 चौके और 2 छ्क्कों के साथ 200 रन पूरे किए. इस पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 74.91 का रहा है. ईशान ने साउथ जोन के गेंदबाजों की जमकर पिटाई की. इनमें मोहम्मद सिराज भी मौजूद थे. ईशान ने टीम के लिए 334 बॉल में 30 चौके और 7 छक्कों के साथ 270 रनों की मैराथन पारी खेली.
कुमार कुशाग्र के बल्ले से आया शतक
ईस्ट जोन की ओर से कुमार कुशाग्र ने भी शतक लगाया है. उन्होंने नंबर-6 पर बल्लेबाजी करते हुए 128 गेंदों में 100 रन पूरे कर शतक लगाया. कुशाग्र ने अपनी शतकीय पारी में 8 चौके और 5 छक्के भी लगाए. वो 132 बॉल में 101 रन बनाकर आउट हो गए.
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सत्यनिकेतन बिल्डिंग हादसा: जब लालच और प्रशासन की नाकामी ने ली मासूमों की जान
देश की राजधानी दिल्ली का सत्यनिकेतन इलाका, जो साउथ कैंपस के छात्रों के लिए एक प्रमुख पीजी हब माना जाता है, आज एक बड़ी त्रासदी का गवाह बन गया है. यहां की P14 बिल्डिंग के भरभरा कर गिरने से न केवल इलाके में दहशत का माहौल है. बल्कि सिस्टम की घोर लापरवाही और पीजी मालिकों के लालच की भी पोल खुल गई है. हादसे का शिकार हुई यह इमारत महज़ 55 गज की जमीन पर बनी थी, जिस पर नियमों को ताक पर रखकर पांच मंजिलें खड़ी कर दी गई थीं. बिना किसी परमिशन और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखे, इमारत के नीचे बेसमेंट में भी निर्माण कार्य चल रहा था. यह बिल्डिंग 'हॉस्टल डेज' नाम से एक पीजी थी, जो इलाके के सबसे महंगे पीजी में से एक था. यहां एक बेड का किराया 15,000 रुपये तक वसूला जा रहा था [10:54]। ज्यादा मुनाफे के लालच में बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल सेफ्टी (ढांचागत सुरक्षा) को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया. इस दर्दनाक हादसे के बाद से देश के अलग-अलग कोनों से यहां पढ़ने आए छात्रों में भारी खौफ है. छात्रों का कहना है कि इमारत में दरारें आ चुकी थीं और वह हल्की तिरछी भी हो रही थी, जिसकी भनक लगने पर कुछ छात्रों ने पहले ही यह पीजी छोड़ दिया था. पीजी मालिक छात्रों से 11 महीने का कॉन्ट्रैक्ट और भारी सिक्योरिटी डिपॉजिट लेते हैं, जिससे छात्र चाहकर भी आसानी से सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट नहीं हो पाते. अब हादसे के बाद कई छात्र खौफ के साये में हैं और उनके माता-पिता उन्हें वापस घर बुला रहे हैं.
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