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सैमसंग इंडिया ने कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस में की छंटनी

नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। सैमसंग इंडिया ने टेलीविजन और होम एप्लायंसेज बिजनेस में छंटनी की है। इसकी वजह कंपनी की बढ़ती लागत, कम होती मांग और संस्थागत पुनर्गठन के बीच लागत कम करने की कोशिश है। यह जानकारी कई रिपोर्ट्स में दी गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों की संख्या में कटौती का असर अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों पर पड़ रहा है, जिनमें डायरेक्टर, टीम लीडर, ब्रांच मैनेजर और एरिया मैनेजर शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, यह छंटनी कई चरणों में की जा रही है और पिछले कुछ दिनों में कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के लेटर जारी किए गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों से कहा गया है कि वे बिना नोटिस पीरियड पूरा किए तुरंत नौकरी छोड़ दें।

संपर्क करने पर सैमसंग ने ऐसी रिपोर्ट्स पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

इसके अलावा, सैमसंग प्रभावित कर्मचारियों को एक सेवरेंस पैकेज दे रहा है, जिसमें तीन महीने की सैलरी और नौकरी के हर पूरे साल के लिए एक महीने की अतिरिक्त सैलरी शामिल है।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां कम मांग और बढ़ती लागत से जूझ रही हैं।

साथ ही, रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेमोरी चिप की ऊंची कीमतें, कच्चे माल की बढ़ती लागत और भारतीय रुपये की कीमत में गिरावट जैसे कारणों से ऑपरेटिंग खर्च बढ़ गए हैं।

इसके अलावा, भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट आई है।

इसी तरह, कुछ इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2026 में भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में सालाना आधार पर लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट आएगी, हालांकि दूसरी छमाही में पहली छमाही के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है क्योंकि त्योहारी सीजन की मांग से कुछ सहारा मिलेगा।

सैमसंग ने अपनी टेलीविजन और होम अप्लायंस सेल्स टीमों को एक साथ लाने की योजना भी बनाई थी, हालांकि खबरों के मुताबिक इस कदम को दिसंबर तिमाही तक टाल दिया गया है।

सैमसंग इंडिया ने वित्त वर्ष 25 में 1.1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की आय और 11,287 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया।

इसके अतिरिक्त, एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 के आखिर तक ग्लोबल फोल्डेबल स्मार्टफोन शिपमेंट के कुल 100 मिलियन यूनिट्स से ज्यादा होने की उम्मीद है। यह इस कैटेगरी के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है, क्योंकि पहला कमर्शियली उपलब्ध फोल्डेबल फोन आठ साल पहले लॉन्च हुआ था।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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सीएम धामी नेने मेधावियों को बांटी छात्रवृत्ति, बोले- बच्चे देखें बड़े सपने, सरकार देगी हर मोड़ पर साथ

CM Dhami Gyan Ganga Samman: देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में ज्ञान गंगा सम्मान समारोह एवं छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ. इस खास मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और समाज में शिक्षा का उजियारा फैलाने वाले शिक्षकों को मंच से सम्मानित किया. इसके साथ ही अपनी लगन से अव्वल आने वाले होनहार छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति के चेक सौंपे. मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित गुरुजनों और वजीफा पाने वाले बच्चों को बधाई देते हुए उनके शानदार भविष्य की कामना की. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक औपचारिक समारोह नहीं है, बल्कि यह उभरती हुई प्रतिभाओं को तलाशने, उन्हें निखारने और उनके सपनों को नए पंख लगाने का एक मजबूत प्रयास है.

सपनों को साकार करने में भागीदारी जरूरी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम किसी जरूरतमंद या मेधावी बच्चे की पढ़ाई में मदद करते हैं, तो वह केवल पैसे की सहायता नहीं होती. असल में हम उस बच्चे के उज्ज्वल भविष्य और उसके जीवन के बड़े लक्ष्यों को पूरा करने में भागीदार बन रहे होते हैं. उन्होंने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की धर्मपत्नी स्वर्गीय कुसुम कांता को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत, साहित्य और समाज सेवा के प्रति उनका जुड़ाव हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनके दिखाए सेवा भाव के रास्ते पर चलते हुए कुसुम कांता फाउंडेशन पिछले छह सालों से लगातार सराहनीय काम कर रहा है. संस्था ने शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण की सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में जमीन पर उतरकर काम किया है. इसके साथ ही उन्होंने मंथन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा समाज के हित में चलाई जा रही योजनाओं की भी दिल खोलकर तारीफ की.

राष्ट्र के सच्चे निर्माता हैं शिक्षक

भारतीय परंपरा और संस्कृति की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मिट्टी में गुरु को हमेशा भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है. एक अच्छा शिक्षक केवल किताबों का पाठ नहीं पढ़ाता, बल्कि वह अपने शिष्य को नई सोच, गहरा आत्मविश्वास और बेहतरीन संस्कार देता है. गुरु ही वह पारखी होता है जो बच्चे के भीतर छिपे हुनर को पहचानकर उसे निखारता है. कक्षा के भीतर बैठा शिक्षक सिर्फ एक बालक को नहीं सिखा रहा होता, बल्कि वह आने वाले कल के पूरे भारत का ढांचा तैयार कर रहा होता है. मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ ऐसे मानवीय मूल्य और संस्कार भी सिखाएं, जिससे वे आगे चलकर एक अच्छे इंसान और देश के जिम्मेदार नागरिक बन सकें.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में देश की बदलती शिक्षा प्रणाली का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाई गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश की पढ़ाई-लिखाई को आधुनिक, व्यावहारिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बना रही है. उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में सबसे आगे रहा है, जिन्होंने इस आधुनिक शिक्षा नीति को सबसे पहले जमीन पर लागू किया. राज्य सरकार स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर ऊंचा उठाने के लिए लगातार काम कर रही है. इसके अलावा शिक्षकों और युवाओं के साथ पूरा न्याय हो, इसके लिए सरकारी भर्तियों की पूरी व्यवस्था को एकदम निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया गया है, ताकि योग्य युवाओं को बिना किसी रुकावट के उनका हक मिल सके.

परिवार और विद्यालय का तालमेल बेहद अहम

समारोह में पहुंचे माता-पिता और अभिभावकों से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने एक जरूरी सलाह दी. उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को केवल महंगी सुविधाएं या सुख-साधन देना ही काफी नहीं है. सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि माता-पिता बच्चों को अपना कीमती समय दें. उन्हें घर में अनुशासन और अच्छे संस्कार सिखाएं, ताकि जीवन के उतार-चढ़ाव में उनका हौसला कभी न टूटे. किसी भी बच्चे की तकदीर केवल स्कूल की चारदीवारी के भीतर नहीं बनती. इसके लिए परिवार और विद्यालय दोनों को मिलकर एक टीम की तरह काम करना पड़ता है. जब घर और स्कूल दोनों मिलकर प्रयास करेंगे, तभी हमारी आने वाली पीढ़ी मजबूत बनेगी.

असफलताओं से घबराए बिना आगे बढ़ें युवा

विद्यार्थियों में नया जोश भरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हमेशा बड़े सपने देखें और उन्हें सच करने के लिए कड़ी मेहनत का रास्ता चुनें. जीवन में कभी अगर नाकामी मिले, तो उससे डरकर रुकना नहीं चाहिए, बल्कि उस गलती से सीख लेकर दोबारा दोगुनी ताकत से लक्ष्य की तरफ कदम बढ़ाना चाहिए. उन्होंने बच्चों को समझाया कि कठिन और पथरीले रास्ते ही अक्सर सबसे खूबसूरत और बड़ी मंजिलों तक पहुंचाते हैं. उत्तराखंड सरकार राज्य के हर एक होनहार छात्र के पीछे चट्टान की तरह खड़ी है और उन्हें आगे बढ़ने के तमाम मौके उपलब्ध कराएगी. छात्र चाहे बड़े होकर डॉक्टर बनें, इंजीनियर बनें, वैज्ञानिक बनें, खिलाड़ी बनें या फिर बड़े उद्योगपति बनें, सबसे पहले उनका एक संवेदनशील इंसान और सच्चा देशभक्त बनना सबसे ज्यादा जरूरी है.

स्वर्गीय कुसुम कांता के सेवा भाव को नमन

कार्यक्रम में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने अपनी जीवनसंगिनी स्वर्गीय कुसुम कांता को याद करते हुए भावुक विचार रखे. उन्होंने कहा कि वे स्वयं एक शिक्षिका थीं और आजीवन उन्होंने संस्कारों को सबसे ऊपर रखा. शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के पूरे चरित्र को गढ़ने का मजबूत माध्यम है. जब शिक्षक बच्चों में कर्तव्य की भावना भरते हैं, तो पूरा देश मजबूत होता है. इस दौरान डॉ. निशंक ने छात्रवृत्ति पाने वाले सभी विद्यार्थियों को देशहित में काम करने की सीख दी. इस भव्य आयोजन में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रोफेसर सुधारानी पाण्डेय, संस्था की संस्थापक विदुषी निशंक और आर्यन देव उनियाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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  Sports

Duleep Trophy Final: Ishan Kishan के 270 रनों के प्रहार से East Zone ने खड़ा किया 708 रनों का विशाल स्कोर

चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पूर्व क्षेत्र ने दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। टीम के कप्तान ईशान किशन ने ऐसी शानदार पारी खेली, जिसने पूरे मुकाबले का रुख ही बदल दिया। किशन ने 270 रन की विशाल पारी खेलकर दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों को पूरी तरह परेशान कर दिया। उनके साथ कुमार कुशाग्र ने भी 101 रन की शतकीय पारी खेली, जिसकी मदद से पूर्व क्षेत्र ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

मौजूदा स्थिति को देखते हुए पूर्व क्षेत्र ने खिताब पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। बता दें कि चेपॉक मैदान पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में यह केवल तीसरा मौका है, जब किसी टीम ने 700 से अधिक रन का आंकड़ा पार किया है। पूर्व क्षेत्र ने दूसरे दिन का खेल 385 रन पर चार विकेट से आगे शुरू किया था और दिन की शुरुआत से ही रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।

दक्षिण क्षेत्र ने विकेट निकालने की उम्मीद में केवल एक ओवर के बाद नई गेंद ले ली, लेकिन मोहम्मद सिराज और एमडी निधीश दोनों ही शुरुआती सफलता दिलाने में नाकाम रहे। ईशान किशन ने सिराज के खिलाफ लगातार दो चौके लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। इसके बाद उन्होंने निधीश के ओवर में भी गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया।

कुछ ही देर में कुमार कुशाग्र भी इस रन बरसात में शामिल हो गए। दक्षिण क्षेत्र ने दोनों स्पिन गेंदबाजों त्रिपुराना विजय और श्रेयस गोपाल को आक्रमण पर लगाया, लेकिन इससे भी पूर्व क्षेत्र के बल्लेबाजों पर कोई खास असर नहीं पड़ा। कुशाग्र ने श्रेयस गोपाल के खिलाफ दो चौके लगाकर अपने 90 रन पूरे किए और इसके बाद अपना छठा प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया। हालांकि भोजनावकाश से ठीक पहले दक्षिण क्षेत्र को सफलता मिली और कुशाग्र 101 रन बनाकर फाइन लेग पर कैच दे बैठे।

दूसरे छोर पर ईशान किशन का आक्रमण लगातार जारी रहा। उन्होंने श्रेयस गोपाल के एक ही ओवर में तीन चौके लगाए। दक्षिण क्षेत्र ने किशन की लय तोड़ने के लिए देवदत्त पडिक्कल और शेख रशीद जैसे अतिरिक्त गेंदबाजों को भी आजमाया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। किशन ने 270 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया।

दोहरा शतक पूरा करने के बाद किशन और तेजी से रन बनाने लगे। उन्होंने देखते ही देखते 250 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया। दक्षिण क्षेत्र को उम्मीद थी कि अब पूर्व क्षेत्र पारी घोषित कर देगा, लेकिन कप्तान किशन रन बनाने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखा रहे थे। टीम के 600 रन पार करने के बाद थकान के कारण किशन को कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा।

इसके बावजूद पूर्व क्षेत्र की रन गति नहीं रुकी। टीम के 700 रन के करीब पहुंचने पर मोहम्मद शमी 28 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद किशन दोबारा मैदान पर लौटे और तिहरा शतक पूरा करने की कोशिश में जुट गए। हालांकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। आखिरकार किशन 270 रन पर लॉन्ग ऑन के पास कैच दे बैठे और तिहरे शतक से 30 रन दूर रह गए।

गौरतलब है कि ईशान किशन की इस पारी ने न केवल फाइनल में पूर्व क्षेत्र को मजबूत स्थिति में पहुंचाया है, बल्कि दक्षिण क्षेत्र के थके हुए गेंदबाजों के सामने 708 रन का विशाल लक्ष्य भी खड़ा कर दिया है। दूसरे दिन के अंत में पूर्व क्षेत्र 708 रन पर ऑलआउट हो चुका है और अब दक्षिण क्षेत्र के सामने मुकाबले में वापसी करने की बड़ी चुनौती है। मौजूदा स्थिति में पूर्व क्षेत्र खिताब के बेहद करीब नजर आ रहा है और तीसरे दिन दक्षिण क्षेत्र की बल्लेबाजी मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाली है।
Tue, 08 Sep 2026 21:58:00 +0530

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