भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में शरीर को स्वस्थ और हाइड्रेटेड रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे मौसम में खानपान में जरा सी लापरवाही पाचन बिगाड़ने के साथ डिहाइड्रेशन का कारण बन सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों की डाइट में हल्की, पानी और पोषक तत्वों से भरपूर मौसमी सब्जियों को शामिल करना सबसे सुरक्षित और असरदार विकल्प होता है. हरी सब्जियों में 'तोरई' (तुरई) एक ऐसा पौष्टिक विकल्प है, जो न केवल शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखती है, बल्कि वजन नियंत्रण, पाचन दुरुस्त करने और त्वचा की चमक बनाए रखने में भी बेहद मददगार साबित होती है.
कर्नाटक में तेंदुए के हमले की घटना के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि तेंदुए के काटने या खरोंचने पर रेबीज का इंजेक्शन जरूरी होता है या नहीं. जानिए ऐसे मामले में तुरंत क्या करना चाहिए.
Joe Root Defened Pakistan: इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने पाकिस्तान की खराब स्थिति के बावजूद मेहमान टीम का बचाव किया है। रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अब तक के प्रदर्शन को लेकर हो रही आलोचना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- पाकिस्तान ने कोई लड़ाई नहीं की, ऐसा कहना टीम और इंग्लैंड दोनों के लिए थोड़ा अपमानजनक है।
इंग्लैंड ने सीरीज के शुरुआती दोनों टेस्ट में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी है। हेडिंग्ले में खेले गए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने पारी और 103 रन से जीत दर्ज की, जबकि लॉर्ड्स में पाकिस्तान को 194 रन से हार का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान की सबसे बड़ी परेशानी उसकी बल्लेबाजी रही है। टीम सीरीज की चार पारियों में एक बार भी 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।
एजबेस्टन में होने वाले तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले रूट ने कहा कि पाकिस्तान निश्चित तौर पर उनके लिए चुनौती रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक टीम को शानदार और दूसरी को खराब बताना सही तरीका नहीं है। उनके मुताबिक आमतौर पर सच्चाई इन दोनों के बीच होती है।
रूट ने कहा कि अगर इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन किया है तो इसका मतलब यह नहीं कि पाकिस्तान खराब टीम है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड ने परिस्थितियों और पिच को तेजी से समझा और उसी के मुताबिक खेला। इसी वजह से पाकिस्तान को मैच में पैर जमाने का ज्यादा मौका नहीं मिला।
इंग्लिश बल्लेबाज ने तीसरे टेस्ट को लेकर भी अपनी टीम को सावधान किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो मैचों में जो हुआ, वह अब मायने नहीं रखता। इस सप्ताह उनके सामने बिल्कुल अलग चुनौती होगी। पाकिस्तान के ड्रेसिंग रूम में काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और इंग्लैंड को इसके लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।
पाकिस्तान की मुश्किलें कम नहीं पाकिस्तान की मुश्किलें सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं हैं। लॉर्ड्स टेस्ट के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में बड़े बदलाव हुए। मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को पद से हटा दिया गया, जबकि सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया।
इसके अलावा अनुभवी मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक भी टीम का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में पाकिस्तान एजबेस्टन टेस्ट में अपेक्षाकृत युवा और अनुभवहीन टीम के साथ उतरेगा। हालांकि रूट के मुताबिक इंग्लैंड इस टीम को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगा।